Lucknow Navy Bravery Museum Project: लखनऊ के इकाना में गरजेगा नौसेना का शौर्य, नज़ारा देखकर फटी रह जाएंगी आंखें…
Lucknow Navy Bravery Museum Project: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ अब केवल नवाबों के शहर के रूप में ही नहीं, बल्कि भारतीय नौसेना की जांबाजी के गवाह के रूप में भी जानी जाएगी। इकाना स्टेडियम के ठीक बगल में शहीद पथ के किनारे बन रहे नौसेना शौर्य संग्रहालय का काम अब रॉकेट की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। इस (Infrastructure Development) के तहत संग्रहालय का डिजाइन पूरी तरह से फाइनल हो चुका है और अब वह दिन दूर नहीं जब यहां नौसेना के ऐतिहासिक विमानों की गर्जना महसूस की जा सकेगी।

आसमां के शिकारी अब लखनऊ की शान बनेंगे
इस संग्रहालय की सबसे बड़ी खासियत यहां आने वाले लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर होंगे, जो दशकों तक सीमाओं की सुरक्षा करने के बाद अब जनता के बीच होंगे। नौसेना के बेड़े से सेवामुक्त हो चुके विशालकाय टीयू-142 विमान और एसके-42 बी हेलीकॉप्टर को जल्द ही प्रदर्शन के लिए यहां लाया जा रहा है। इन (Aviation Technology) के नमूनों को देखने के लिए पर्यटकों को अब कोस्टल इलाकों में जाने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि लखनऊ के बीचों-बीच इनका दीदार हो सकेगा।
तमिलनाडु से लखनऊ तक का चुनौतीपूर्ण सफर
इन विशाल विमानों को लखनऊ लाना कोई मामूली काम नहीं है, इसके लिए भारी भरकम लॉजिस्टिक्स और इंजीनियरिंग की जरूरत है। तमिलनाडु के आईएनएस राजाली एयर स्टेशन पर रखे इन विमानों को सड़क मार्ग से लाने के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। इस (Logistics Management) के लिए चार करोड़ रुपये का टेंडर पहले ही जारी हो चुका है, ताकि इन युद्धक विमानों को सुरक्षित रूप से ओपन एयर म्यूजियम सेक्शन में स्थापित किया जा सके।
आईएनएस गोमती की विरासत को मिलेगा नया जीवन
संग्रहालय में सिर्फ हवाई ताकत ही नहीं, बल्कि लहरों पर राज करने वाले युद्धपोतों की झलक भी दिखाई देगी। आईएनएस गोमती (F-21) युद्धपोत, जिसने ‘ऑपरेशन कैक्टस’ और ‘ऑपरेशन पराक्रम’ जैसे बड़े मिशनों में अपनी शक्ति दिखाई थी, उसके अवशेष यहां की मुख्य कड़ी होंगे। इस (Naval History) को सहेजने के लिए युद्धपोत के प्रोपेलर, कंट्रोल कंसोल और रेलिंग को खास तरीके से प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे आगंतुकों को असली युद्धपोत पर होने का अहसास हो।
उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस महत्वाकांक्षी 23 करोड़ रुपये की परियोजना का लगभग 20 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अधिकारियों का प्राथमिक उद्देश्य उत्तर प्रदेश के युवाओं को भारतीय नौसेना के अदम्य साहस और शौर्य गाथाओं से परिचित कराना है। इस (Educational Tourism) के माध्यम से राज्य के छात्रों को रक्षा सेवाओं में करियर बनाने और देश सेवा के प्रति प्रेरित करने का एक अनूठा मंच तैयार किया जा रहा है।
वास्तुकला में दिखेगा समंदर का नीला अहसास
संग्रहालय के डिजाइन को इस तरह तैयार किया गया है कि प्रवेश करते ही आपको किसी विशाल जहाज पर होने का अनुभव होगा। इसमें पोर्थोल खिड़कियां, जहाज वाली रेलिंग और समुद्री प्रतीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। परियोजना को दो प्रमुख हिस्सों ‘आईएनएस गोमती शौर्य स्मारक’ और ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ में बांटा गया है। यह (Architectural Design) न केवल दिखने में भव्य होगा बल्कि नौसैनिक इंजीनियरिंग की बारीकियों को भी उजागर करेगा।
7-डी थिएटर और सिम्युलेटर का रोमांचक अनुभव
आधुनिक तकनीक के शौकीनों के लिए यह संग्रहालय किसी स्वर्ग से कम नहीं होने वाला है। यहां एक हाई-टेक 7-डी थिएटर बनाया जा रहा है, जहाँ युद्ध की परिस्थितियों को महसूस किया जा सकेगा। इसके अलावा (Interactive Experience) को बढ़ाने के लिए एयरक्राफ्ट कैरियर लैंडिंग सिम्युलेटर और वॉरशिप सिम्युलेटर भी लगाए जाएंगे, जहाँ लोग खुद को एक पायलट या कैप्टन की भूमिका में महसूस कर सकेंगे।
जलमग्न द्वारका और डिजिटल वॉटर शो का जादू
संग्रहालय के अन्य आकर्षणों में सबमर्ज्ड द्वारका मॉडल और मरीन लाइफ एक्वेरियम शामिल हैं, जो भारत की पौराणिक और प्राकृतिक समुद्री विरासत को दर्शाएंगे। रात के समय पर्यटकों को लुभाने के लिए डिजिटल वॉटर स्क्रीन शो और लाइट-एंड-साउंड एरिना की व्यवस्था की गई है। इस (Tourist Attraction) की निगरानी स्वयं महानिदेशक पर्यटन की अध्यक्षता वाली एक उच्च स्तरीय समिति कर रही है, जिसमें नौसेना के विशेषज्ञ भी शामिल हैं।
शौर्य गैलरी में दिखेगी स्वदेशी ताकत
प्रदर्शनी गैलरी में भारतीय नौसेना के वीरता पुरस्कारों, ऐतिहासिक अभियानों और रक्षा क्षेत्र में किए गए स्वदेशी नवाचारों को प्रमुखता दी जाएगी। ‘ड्रेस लाइक योर हीरोज़’ जैसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चे और युवा नौसेना की वर्दी पहनकर तस्वीरें खिंचवा सकेंगे। यह (Defense Innovation) गैलरी भारत की आत्मनिर्भरता की कहानी बयां करेगी, जिससे हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा।



