MobileDispute – अम्बेडकरनगर में मोबाइल विवाद के बाद युवती की मौत
MobileDispute – उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर जिले के अलीगंज थाना क्षेत्र से एक दुखद घटना सामने आई है, जिसने निजी रिश्तों में बढ़ते अविश्वास और मोबाइल को लेकर पैदा हो रहे तनाव की गंभीरता को उजागर कर दिया है। बिहरा गांव में 18 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर तीन युवकों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है, जिनमें से दो को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

घर में अकेली थी युवती, जबरन छीना गया मोबाइल
मिली जानकारी के अनुसार, मखदूम नगर निवासी संतोष कुमार का परिवार फिलहाल बिहरा गांव में रह रहा था। सोमवार को परिवार के अधिकांश सदस्य किसी काम से बाहर गए हुए थे और घर में उनकी बेटी सोनम अकेली थी। आरोप है कि इसी दौरान गांव के ही दो युवक, गोलू और सूरज, घर में पहुंचे। परिवार का कहना है कि दोनों ने युवती के साथ अभद्र व्यवहार किया और उसका मोबाइल फोन जबरन लेकर चले गए। घटना से घबराई सोनम ने गांव के एक परिचित की मदद से आरोपियों के घर जाकर अपना मोबाइल वापस लिया, लेकिन इस घटनाक्रम ने उसे मानसिक रूप से गहरा आघात पहुंचाया।
जांच में सामने आया प्रेम संबंध का पहलू
पुलिस की पड़ताल में पता चला कि सोनम का गांव के ही अर्जुन उर्फ बड़कऊ से परिचय था और दोनों के बीच लंबे समय से बातचीत चल रही थी। बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में अर्जुन को युवती पर संदेह होने लगा था। वह उसके फोन कॉल और संपर्कों को लेकर आशंकित था। पुलिस के अनुसार, इसी शक के चलते अर्जुन ने सीधे जाने के बजाय अपने दो परिचितों को मोबाइल हासिल करने के लिए भेजा था। यह घटनाक्रम युवती के लिए अत्यंत अपमानजनक और तनावपूर्ण साबित हुआ।
मानसिक आघात के बाद उठाया कठोर कदम
परिजनों का कहना है कि घटना के बाद सोनम काफी व्यथित थी। देर शाम जब परिवार का एक सदस्य घर लौटा तो उसने युवती को कमरे में फंदे से लटका पाया। तुरंत उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टांडा ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
पिता की तहरीर के आधार पर अर्जुन, गोलू और सूरज के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। क्षेत्राधिकारी टांडा शुभम कुमार ने बताया कि दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है और मुख्य आरोपी की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किन परिस्थितियों में युवती पर मानसिक दबाव बना और क्या किसी प्रकार की प्रताड़ना हुई थी।
सामाजिक चिंता का विषय
यह घटना एक बार फिर इस ओर संकेत करती है कि रिश्तों में अविश्वास और निजी जीवन में अनावश्यक हस्तक्षेप कितने गंभीर परिणाम ला सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि संवाद की कमी और संदेह की भावना युवाओं के बीच तनाव को बढ़ा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून हाथ में लेने के बजाय वैधानिक प्रक्रिया अपनाएं।



