Prime Minister Ayodhya Visit: रामनगरी में गूंजा विजय घोष! ध्वजारोहण के महापूजन के बाद होगा मोदी का विशाल रोड शो, स्वागत में तत्पर होंगी 5 हज़ार महिलाएँ
Prime Minister Ayodhya Visit: अयोध्या में प्रधानमंत्री के स्वागत और अभिनंदन के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियाँ जारी हैं। पूरे शहर में वातावरण आध्यात्मिक रंगों से सराबोर होता दिख रहा है। भाजपा द्वारा चलाए जा रहे संपर्क और संवाद अभियान के माध्यम से शहर के संतों, मंदिरों, प्रतिष्ठानों और विभिन्न सामाजिक समूहों से लगातार संपर्क स्थापित किया जा रहा है। ध्वजारोहण समारोह को अलौकिक स्वरूप देने के लिए हजारों संतों की उपस्थिति सुनिश्चित की जा रही है। उनके वैदिक मंत्रोच्चारण, शंखनाद और घंटनाद से अयोध्या की पौराणिक गरिमा प्रधानमंत्री के स्वागत के समय चरम पर होगी।

संतों और महंतों के साथ संवाद
अयोध्या विधायक वेद प्रकाश गुप्त और भाजपा महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव रंगमहल मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने महंत रामशरण दास से भेंट कर उन्हें कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया। इसी क्रम में जगन्नाथ मंदिर और अमांवा मंदिर के महंतों सहित कई प्रमुख संतों से मुलाकात कर उन्हें स्वागत-अभिनंदन (Welcome and greetings) के पावन अवसर में शामिल होने का आग्रह किया गया। भाजपा पदाधिकारी और विधायक ने शहर के प्रतिष्ठानों पर जाकर व्यापारियों से भी संवाद स्थापित किया, ताकि पूरा नगर एक स्वर में प्रधानमंत्री के स्वागत की तैयारी कर सके।
अयोध्या की परंपरा को भव्य रूप देने की तैयारियाँ
विधायक वेद प्रकाश गुप्त ने कहा कि प्रधानमंत्री का आगमन (Prime Minister Ayodhya Visit) अयोध्या की आध्यात्मिक पहचान के लिए गौरव का क्षण है। उनका स्वागत अयोध्या की सनातन परंपरा और दिव्यता (Tradition and Divinity) के अनुरूप भव्य तरीके से किया जाएगा। हजारों संतों की उपस्थिति इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाएगी। महानगर अध्यक्ष ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर संतों के बैठने के स्थान को निर्धारित कर दिया गया है और भाजपा कार्यकर्ताओं को पूरे आयोजन के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियाँ सौंप दी गई हैं।
ध्वज का वैदिक महापूजन
राम मंदिर के शिखर पर फहराए जाने वाले पवित्र ध्वज का महापूजन वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। रविवार को यज्ञ वेदी पर स्थापित किए गए इस ध्वज का पूजन, विष्णु सहस्रनाम और गणेश अथर्वशीर्ष मंत्रों के बीच हुआ। यज्ञकुंड से उठती अग्निशिखाएं और मंत्रध्वनि पूरे वातावरण को अलौकिक (divine) बनाती रहीं। आचार्यों ने पंचगव्य, पुष्पजल, गंगाजल और सुगंधित द्रव्यों से ध्वज का अभिषेक किया। शंखध्वनि और नगाड़ों की गूँज के बीच ध्वज को सम्मानपूर्वक अलंकृत आसन पर स्थापित किया गया। यह संपूर्ण प्रक्रिया श्रद्धा और मर्यादा का अनूठा उदाहरण बनी।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की रूपरेखा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 नवंबर को राम मंदिर के शिखर पर पवित्र भगवा ध्वज फहराकर ध्वजारोहण समारोह का शुभारंभ करेंगे। उनका आगमन एयरपोर्ट से हेलीकॉप्टर द्वारा साकेत महाविद्यालय तक प्रस्तावित है। यहां से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तक एक भव्य रोड शो आयोजित किया जाएगा। लगभग एक किलोमीटर लंबे रामपथ को आठ जोन में विभाजित किया गया है, जहां विभिन्न समूहों की महिलाएं पारंपरिक वेश-भूषा (traditional costumes) में थाली, आरती और पुष्पमालाओं के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत करेंगी।
जोनवार व्यवस्थाएँ और जिम्मेदारियाँ
प्रत्येक जोन में सैकड़ों महिलाओं की तैनाती की गई है। एसडीएम, डीडीओ, डीआईओएस, बेसिक शिक्षा अधिकारी, डीपीओ और डीपीआरओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को अलग-अलग जोन की निगरानी और व्यवस्थाओं का दायित्व सौंपा गया है। सभी अधिकारी लगातार रिहर्सल और स्थल निरीक्षण (site inspection) कर रहे हैं, ताकि प्रधानमंत्री के स्वागत व ध्वजारोहण समारोह में कोई भी कमी न रह जाए। यह आयोजन अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर और भी प्रखर रूप में स्थापित करने का अवसर बनेगा।



