उत्तराखण्ड

AnkitaJustice – परेड ग्राउंड के बाहर महापंचायत, जांच और जवाबदेही की उठी मांग

AnkitaJustice – देहरादून के परेड ग्राउंड के बाहर रविवार को आयोजित महापंचायत में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर जनआक्रोश देखने को मिला। ‘अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच’ के बैनर तले हुई इस महापंचायत में बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों, महिला मंचों और आम नागरिकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में अंकिता के माता-पिता भी मौजूद रहे। मंच से वक्ताओं ने निष्पक्ष जांच, प्रभावशाली लोगों की भूमिका उजागर करने और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की मांग की।

ankita justice parade ground mahapanchayat demand

WhatsApp Group Join Now

अंकिता के माता-पिता की ओर से एफआईआर की मांग

महापंचायत में मुख्य मांग यह उठी कि मामले में अंकिता के माता-पिता की ओर से औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज कराई जाए। वक्ताओं का कहना था कि शुरुआती जांच में जिस तरह की देरी और असमानताएं सामने आईं, उसने कई सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप था कि यदि शुरुआत में ही सभी तथ्यों को गंभीरता से लिया जाता, तो आज हालात अलग हो सकते थे। मंच से यह भी कहा गया कि मामले में किसी भी वीआईपी या प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका हो, तो उसे सार्वजनिक कर गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उठाए जांच पर सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने संबोधन में कहा कि अंकिता भंडारी एक साधारण परिवार से थीं और अपने घर की आर्थिक स्थिति सुधारने की उम्मीद लेकर रिजॉर्ट में नौकरी करने गई थीं। उन्होंने एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी और साक्ष्य एकत्र न हो पाने पर सवाल खड़े किए। रावत ने कहा कि यदि सरकार सच में निष्पक्ष जांच चाहती थी, तो सीबीआई जांच से पहले माता-पिता की ओर से मामला दर्ज क्यों नहीं कराया गया। उन्होंने इसे संवेदनशीलता की कमी बताया।

अन्य संगठनों ने भी रखी अपनी बात

सीपीआई माले के इंद्रेश मैखुरी ने इस हत्याकांड की तुलना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित मामलों से करते हुए कहा कि सच्चाई सामने लाने के लिए पारदर्शिता जरूरी है। उत्तराखंड महिला मंच की कमला पंत और निर्मला बिष्ट ने भी महिलाओं की सुरक्षा और कार्यस्थलों पर जवाबदेही को लेकर चिंता जताई। वक्ताओं ने कहा कि यह मामला केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज से जुड़ा सवाल है।

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी बेटी ने अन्याय के सामने झुकने से इनकार किया, इसलिए वह भी पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने मांग की कि सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी मौजूदा जज की निगरानी में हो, ताकि किसी भी तरह का दबाव या पक्षपात न हो सके। इस दौरान मंच पर मौजूद अंकिता की मां सोनी देवी अपने आंसू नहीं रोक सकीं, जिससे माहौल और भी भावुक हो गया।

पंच की भूमिका में सामाजिक कार्यकर्ता

महापंचायत में विभिन्न संगठनों से जुड़ी रेशमा पंवार, हीरा जंगपांगी, बसंती पाठक, ऊषा भट्ट और उमा भट्ट ने पंच की भूमिका निभाई। इन सभी ने एक स्वर में न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और समयबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक जनता सवाल पूछती रहेगी, तब तक व्यवस्था को जवाब देना ही होगा।

माहौल बिगाड़ने के आरोपों पर अलग राय

दूसरी ओर, देवभूमि रक्षा अभियान के संस्थापक स्वामी दर्शन भारती ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग दृष्टिकोण रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ तत्व इस हत्याकांड की आड़ में प्रदेश का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना था कि सीबीआई जांच जारी है और कानून के दायरे में चाहे कोई भी हो, बच नहीं पाएगा। उन्होंने जनता से संयम बनाए रखने की अपील की।

अराजकता फैलाने की आशंका जताई

प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में स्वामी दर्शन भारती ने आशंका जताई कि कुछ स्वार्थी लोग उत्तराखंड के युवाओं को भड़काकर नेपाल जैसी स्थिति पैदा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि दोषी पहले ही जेल में हैं और जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि हाल में वीआईपी को लेकर उठे सवालों के बीच एक अहम गवाह को सुरक्षित सामने लाया गया, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी और साक्ष्य से छेड़छाड़ की आशंका न रहे।

न्याय की मांग और सवालों के बीच जारी बहस

महापंचायत के जरिए एक बार फिर यह स्पष्ट हुआ कि अंकिता भंडारी हत्याकांड केवल कानूनी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह सामाजिक और नैतिक सवालों से भी जुड़ चुका है। जहां एक ओर लोग निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर माहौल बिगाड़ने की कोशिशों को लेकर भी चेतावनियां दी जा रही हैं। आने वाले समय में जांच की दिशा और उसके निष्कर्ष इस बहस को नई दिशा देंगे।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.