Aviator mobile game addiction consequences: बेटे के सिर पर चढ़ा मोबाइल गेम का ऐसा जुनून, पिता को उतारा मौत के घाट फिर…
Aviator mobile game addiction consequences: झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय रिश्तों को तार-तार कर दिया है। गम्हरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सुरक्षित टाटा स्टील कॉम्प्लेक्स कॉलोनी उस वक्त दहल गई, जब एक सनकी बेटे ने अपने ही पिता की नृशंस हत्या कर दी। (Brutal murder in Jamshedpur vicinity) की इस घटना ने स्थानीय निवासियों के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। दोपहर के सन्नाटे को चीरती हुई जब इस हत्याकांड की खबर फैली, तो कॉलोनी के जी-टाइप फ्लैट संख्या 2 के बाहर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।

पूर्व कर्मचारी की दावली से काटकर की हत्या
मृतक की पहचान 53 वर्षीय रामा नाथ दास के रूप में हुई है, जो टाटा समूह की कंपनी टीजीएस के पूर्व कर्मचारी थे। उन्होंने हाल ही में कंपनी से ईएसएस (Early Separation Scheme) लिया था और अपनी सेवानिवृत्ति के बाद का समय घर पर ही बिता रहे थे। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो (Crime scene investigation details) हैरान कर देने वाली थी। रामा नाथ का शव नग्न अवस्था में जमीन पर पड़ा था, उनका सिर पूरी तरह कुचला हुआ था और शरीर के अंगों को बेरहमी से काटा गया था। हत्या के लिए घर में ही रखी एक दावली (बड़ा धारदार हथियार) का इस्तेमाल किया गया था।
हत्या के बाद शव के पास बैठा रहा खूनी बेटा
इस वारदात की सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि आरोपी पुत्र मनसा दास ने अपने पिता को मारने के बाद भागने की कोशिश नहीं की। वह खून से लथपथ शव के बगल में ही गुमसुम बैठा रहा, जैसे उसे अपने किए पर कोई पछतावा न हो। (Mental instability and violent behavior) के लक्षणों को देखते हुए पुलिस ने तुरंत घेराबंदी की और उसे मौके से ही हिरासत में ले लिया। फ्लैट के अंदर का नजारा यह साफ बयां कर रहा था कि मौत से पहले पिता और पुत्र के बीच भारी संघर्ष हुआ होगा, क्योंकि घर का सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था।
ऑनलाइन गेम एविएटर ने बनाया हत्यारा
सरायकेला के एसडीपीओ समीर सवैया ने मामले का खुलासा करते हुए एक बेहद डरावना तथ्य साझा किया। जांच में पता चला है कि आरोपी मनसा दास ऑनलाइन मोबाइल गेम ‘एविएटर’ की लत का बुरी तरह शिकार हो चुका था। (Impact of mobile gaming addiction) ने उसके दिमाग पर ऐसा गहरा असर डाला कि उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया। गेम में हारने या पैसों की मांग को लेकर अक्सर घर में विवाद होता रहता था। इसी सनक के चलते उसने अपने ही पिता पर ताबड़तोड़ वार कर उनकी जान ले ली।
अकेलेपन और पारिवारिक कलह की कहानी
रामा नाथ दास का परिवार पिछले कुछ समय से बिखराव के दौर से गुजर रहा था। उनकी पत्नी का निधन पहले ही हो चुका था और उनकी बेटी की शादी के बाद वह अपने घर में रहती थी। आरोपी पुत्र मनसा दास विवाहित था, लेकिन (Family disputes and separation) के कारण उसकी पत्नी भी उसे छोड़कर अलग रहने लगी थी। फ्लैट में केवल पिता और पुत्र ही साथ रहते थे। आपसी बातचीत की कमी और मोबाइल गेमिंग की अंधेरी दुनिया ने मनसा को समाज से काट दिया था, जिसका अंतिम परिणाम इस भयानक रक्तपात के रूप में निकला।
गुप्तांग काटकर की क्रूरता की हदें पार
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है, लेकिन उसकी क्रूरता के तरीके ने पुलिस अधिकारियों को भी सोच में डाल दिया है। उसने न केवल दावली से चेहरे और शरीर पर वार किए, बल्कि (Grisly details of the homicide) में यह भी सामने आया है कि उसने पिता के गुप्तांग को भी काट दिया था। वारदात के बाद पूरे कमरे में खून पसरा हुआ था। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त हथियार को जब्त कर लिया है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या हत्या के पीछे आर्थिक कारणों के अलावा कोई और गुप्त रंजिश भी थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कानूनी कार्रवाई
गम्हरिया पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सरायकेला सदर अस्पताल भेज दिया है। (Legal procedures for murder suspects) के तहत आरोपी मनसा दास पर हत्या की संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। एसडीपीओ ने बताया कि पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक समय और चोटों की गंभीरता का और अधिक स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। फिलहाल आरोपी से थाने में कड़ाई से पूछताछ जारी है ताकि इस जघन्य अपराध की पूरी कड़ियां जोड़ी जा सकें।
आधुनिक दौर की डिजिटल लत पर बड़ा सवाल
यह घटना केवल एक हत्या का मामला नहीं है, बल्कि यह वर्तमान समय में युवाओं के बीच बढ़ती डिजिटल लत की एक चेतावनी है। (Psychological effects of online gambling) और हिंसक गेम्स किस कदर इंसान को जानवर बना सकते हैं, यह गम्हरिया की इस घटना से साफ झलकता है। समाजशास्त्रियों का मानना है कि अगर समय रहते परिवार के सदस्य एक-दूसरे के व्यवहार पर ध्यान नहीं देंगे, तो तकनीक का यह काला पक्ष ऐसे ही हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ता रहेगा।



