Encroachment – विकासनगर में सरकारी भूमि से हटाए गए अवैध निर्माण
Encroachment – उत्तराखंड में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हटाने के अभियान के तहत देहरादून जिले के विकासनगर क्षेत्र में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शीशमबाड़ा इलाके में सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माणों को हटाते हुए प्रशासन ने एक अवैध मजार सहित अन्य अस्थायी ढांचों को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम की मौजूदगी में पूरी की गई।

अधिकारियों के अनुसार, संबंधित भूमि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज थी और उस पर अनधिकृत रूप से निर्माण किया गया था। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने और पूर्व में नोटिस जारी करने के बाद यह कार्रवाई अमल में लाई गई।
जांच के बाद लिया गया निर्णय
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि भूमि से जुड़े अभिलेखों की जांच के दौरान स्पष्ट हुआ कि संबंधित क्षेत्र सरकारी स्वामित्व में है। जांच रिपोर्ट के आधार पर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। इसके बाद निर्धारित नियमों के तहत संबंधित पक्षों को नोटिस भी जारी किए गए थे।
अधिकारियों का कहना है कि निर्धारित समयावधि के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अतिक्रमण हटाने का फैसला लिया गया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात रहा।
संयुक्त टीम की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
मौके पर राजस्व विभाग, पुलिस प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने बुलडोजर की सहायता से अवैध निर्माणों को हटाया और जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई के दौरान सभी कानूनी मानकों का पालन किया गया और किसी भी तरह की अव्यवस्था की स्थिति नहीं बनने दी गई।
जिले में जारी रहेगा अभियान
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने का अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभिन्न क्षेत्रों में सरकारी जमीनों की पहचान के लिए सर्वेक्षण कार्य चल रहा है और जहां भी अनधिकृत कब्जे पाए जाएंगे, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के मुताबिक, जिले की अलग-अलग तहसीलों में ऐसे स्थलों को चिन्हित किया जा रहा है जहां सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतें मिली हैं। इन मामलों में चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी संपत्ति की सुरक्षा पर जोर
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि सरकारी भूमि सार्वजनिक संपत्ति होती है और उसका संरक्षण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को स्वीकार नहीं किया जाएगा और कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभियान का उद्देश्य सरकारी संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और सार्वजनिक हित को बनाए रखना है।
अधिकारियों को दिए गए विशेष निर्देश
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में नए अतिक्रमण न होने पाए, इसके लिए नियमित निरीक्षण और निगरानी की व्यवस्था मजबूत की जाए। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने को कहा है।
साथ ही आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की गई है। प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया है कि यदि कहीं सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की जानकारी हो तो इसकी सूचना प्रशासन को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
निगरानी व्यवस्था होगी मजबूत
प्रशासन का मानना है कि समय पर सूचना और नियमित निरीक्षण से सरकारी जमीनों पर होने वाले अवैध कब्जों को रोका जा सकता है। इसी उद्देश्य से निगरानी तंत्र को और अधिक सक्रिय बनाने की तैयारी की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जिले में सरकारी भूमि की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों के उल्लंघन के मामलों में सख्त कदम उठाए जाएंगे।