NainitalBombThreat – जिला न्यायालय को भेजे ई-मेल की गहन जांच
NainitalBombThreat – नैनीताल जिला न्यायालय को भेजे गए बम धमकी वाले ई-मेल प्रकरण में जांच एजेंसियों ने पड़ताल तेज कर दी है। पुलिस के अनुसार जिला जज की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर आए संदेशों के पीछे सुनियोजित तैयारी के संकेत मिले हैं। प्रारंभिक साइबर जांच में सामने आया है कि धमकी वाला मेल एक सप्ताह पहले तैयार किया गया था और बाद में अलग-अलग स्थानों पर प्रसारित किया गया। इस मामले ने न्यायिक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कई राज्यों और विदेशों तक भेजा गया संदेश
एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि सोमवार और मंगलवार को नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के जिला जजों की आधिकारिक ई-मेल पर धमकी भरे संदेश पहुंचे थे। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि 10 फरवरी को तैयार की गई ई-मेल को लगातार दो दिनों तक आगे भेजा गया। कुल मिलाकर लगभग 130 ई-मेल विभिन्न स्थानों, जिनमें भारत के कई राज्य और पाकिस्तान सहित अन्य देश शामिल हैं, पर फॉरवर्ड किए गए। इससे यह आशंका मजबूत हुई है कि संदेश को व्यापक रूप से प्रसारित करने की मंशा थी।
एसटीएफ और साइबर टीम की मदद
पुलिस के अनुसार ई-मेल माइक्रोसॉफ्ट आउटलुक प्लेटफॉर्म के जरिए तैयार की गई थी। हालांकि अब तक भेजने वाले व्यक्ति की पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य स्तर पर विशेष कार्यबल से भी सहयोग मांगा गया है। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ई-मेल सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क से भेजी गई हो तो ट्रैकिंग में समय लग सकता है। रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डे या ऐसे स्थान जहां खुला इंटरनेट उपलब्ध हो, वहां से संदेश भेजे जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।
तकनीकी विश्लेषण से मिले संकेत
सर्विलांस टीम ने ई-मेल के आईपी एड्रेस और हेडर की तकनीकी जांच की है। प्रारंभिक विश्लेषण में यह संकेत मिला है कि संदेश कई सर्वरों से होकर गुजरा। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि मूल स्रोत कौन-सा स्थान है। पुलिस ने कहा है कि डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय की आवश्यकता होने पर संबंधित एजेंसियों से संपर्क किया जाएगा।
कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
दो दिनों तक लगातार मिली धमकियों से न्यायालय परिसर में कामकाज प्रभावित हुआ। अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और वादकारियों के बीच असहज माहौल देखा गया। प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ाने के दावे किए, लेकिन बुधवार को परिसर में प्रवेश के दौरान कई गेटों पर सख्त जांच व्यवस्था नहीं दिखी। मुख्य द्वार पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर लगाया गया था, मगर अन्य प्रवेश द्वारों से आवाजाही जारी रही।
सीओ रविकांत सेमवाल ने बताया कि फिलहाल आवाजाही मुख्य गेट से कराई जा रही है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। एलआईयू की टीम भी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखे हुए है।
बार एसोसिएशन की चिंता
जिला बार एसोसिएशन ने सुरक्षा को लेकर नाराजगी जताई है। पदाधिकारियों ने जिला जज को ज्ञापन सौंपकर व्यापक और स्थायी सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि न्यायिक संस्थानों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और ऐसे मामलों में त्वरित एवं पारदर्शी कार्रवाई जरूरी है।
पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और दोषी की पहचान होते ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अदालत परिसर में सतर्कता बरती जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की दिशा तय की जा रही है।



