TributeLeader – बीसी खंडूड़ी के निधन से उत्तराखंड में दौड़ गई शोक की लहर
TributeLeader – उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (सेवानिवृत्त) का मंगलवार सुबह निधन हो गया। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे खंडूड़ी का उपचार जारी था और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। उनके निधन की सूचना मिलते ही राज्यभर में शोक का माहौल बन गया। सरकार ने उनके सम्मान में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। राजनीतिक और सामाजिक जगत से जुड़े कई लोगों ने उनके निधन को राज्य के लिए बड़ी क्षति बताया है।

भुवन चंद्र खंडूड़ी अपनी सख्त कार्यशैली, साफ छवि और अनुशासित राजनीतिक जीवन के लिए पहचाने जाते थे। वह दो बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे और लंबे समय तक गढ़वाल संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे। सेना से राजनीति तक का उनका सफर हमेशा चर्चा में रहा। उनके निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और विभिन्न दलों के नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
परिवार और समर्थकों की आंखें हुईं नम
खंडूड़ी के पार्थिव शरीर को देहरादून स्थित वसंत विहार आवास पर रखा गया, जहां बड़ी संख्या में नेता, कार्यकर्ता और समर्थक श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इस दौरान उनकी पत्नी अरुणा खंडूड़ी बेहद भावुक नजर आईं। कांपते हाथों और नम आंखों से उन्होंने पति को अंतिम विदाई दी। बेटे मनीष खंडूड़ी भी पिता के निधन से गहरे सदमे में दिखाई दिए।
श्रद्धांजलि देने पहुंचे कई नेताओं की आंखें भी नम हो गईं। कैबिनेट मंत्री खजान दास भावुक होकर रो पड़े। वहीं मंत्री गणेश जोशी सहित अन्य भाजपा नेता भी शोक में डूबे नजर आए। आवास के बाहर सुबह से ही समर्थकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी।
राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
पूर्व मुख्यमंत्री का अंतिम संस्कार बुधवार को हरिद्वार के खड़खड़ी घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। इससे पहले सुबह उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए भाजपा कार्यालय ले जाया जाएगा। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं।
राज्य सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा करते हुए बुधवार को सरकारी कार्यालयों, सरकारी और निजी स्कूलों समेत शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया है। इस दौरान सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और किसी प्रकार के सरकारी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं होंगे।
उपराष्ट्रपति और कई दिग्गज नेता पहुंचेंगे देहरादून
पूर्व मुख्यमंत्री को श्रद्धांजलि देने के लिए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के कार्यक्रम को लेकर भी प्रशासन सक्रिय हो गया है। पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। जौलीग्रांट एयरपोर्ट से लेकर देहरादून शहर तक विशेष निगरानी रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर कुछ मार्गों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव भी किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी छत्तीसगढ़ दौरे से लौटते ही सीधे वसंत विहार स्थित आवास पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि खंडूड़ी ने अपने सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और अनुशासन की मिसाल पेश की।
राष्ट्रीय नेताओं ने जताया दुख
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संदेश में कहा कि भुवन चंद्र खंडूड़ी ने सेना और सार्वजनिक जीवन दोनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनका प्रशासनिक अनुभव और जनसेवा का समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि खंडूड़ी उन नेताओं में शामिल थे जिन्होंने उत्तराखंड की राजनीति में सादगी और पारदर्शिता की अलग पहचान बनाई। उनके निधन से राज्य की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हुआ है।