Uttarakhand Winter Forecast 2025: शुरू हो गया हाड़ कंपाने वाली सूखी ठंड का टॉर्चर, जारी हुई पारा गिरने की चेतावनी
Uttarakhand Winter Forecast 2025: उत्तराखंड में इन दिनों मौसम के दो रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी न होने की वजह से ‘सूखी ठंड’ लोगों की हड्डियां कंपा रही है, तो दूसरी तरफ (Weather Forecast Department) ने आने वाले दो-तीन दिनों के लिए और भी डरावनी चेतावनी जारी की है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पूरे प्रदेश में रातें और भी सर्द होने वाली हैं और न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है। सूखी ठंड का यह प्रकोप स्वास्थ्य के लिहाज से भी चिंताजनक माना जा रहा है।

मैदानी इलाकों में ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति और पारे का उतार-चढ़ाव
क्रिसमस और नए साल के जश्न से पहले उत्तराखंड के मैदानी जिलों में कोहरे ने अपना जाल बिछाना शुरू कर दिया है। पिछले शनिवार को राजधानी देहरादून का अधिकतम तापमान (Normal Temperature Levels) से 9 डिग्री नीचे गिरकर महज 12.3 डिग्री सेल्सियस रह गया था। हालांकि, रविवार को कोहरा छंटने से धूप खिली और पारा उछलकर 22.4 डिग्री तक पहुंच गया, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिली। लेकिन यह राहत क्षणिक है, क्योंकि मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ की सर्द हवाएं मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ाने के लिए तैयार हैं।
हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में ‘येलो अलर्ट’ जारी
सोमवार को मौसम विभाग ने हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। इन दोनों जिलों के कई हिस्सों में (Dense Fog Alert) यानी घने कोहरे का येलो अलर्ट घोषित किया गया है। कोहरे के कारण सड़कों पर दृश्यता काफी कम रहने की संभावना है, जिससे यातायात प्रभावित हो सकता है। मैदानी इलाकों में अगले एक सप्ताह तक सुबह और रात के समय घने कोहरे का सितम जारी रहेगा, जो ठंड के अहसास को कई गुना बढ़ा देगा।
ऊंचे पहाड़ों पर 27 दिसंबर से बर्फबारी की उम्मीद
पर्वतीय क्षेत्रों के निवासियों और पर्यटकों के लिए एक राहत भरी खबर भी सामने आई है। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जैसे (High Altitude Regions) में 27 दिसंबर के आसपास मौसम के करवट लेने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है, जिससे सूखी ठंड से निजात मिलेगी। हालांकि, 23 से 26 दिसंबर तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा, जो फसलों के लिए भी चिंता का विषय है।
दून में अलाव और कंबल वितरण की मुहिम तेज
बढ़ती ठंड को देखते हुए प्रशासन भी हरकत में आ गया है। देहरादून नगर निगम ने शहर के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर (Public Safety Measures) के तहत अलाव की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है। नगर आयुक्त नमामी बंसल ने खुद रैन बसेरों का औचक निरीक्षण किया और वहां मौजूद व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने जरूरतमंदों को कंबल बांटे और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि शहर में अलाव की संख्या बढ़ाकर 50 की जाए ताकि कोई भी बेसहारा ठंड की चपेट में न आए।
जनजीवन पर ‘शीत लहर’ का व्यापक असर
ठंड के कारण उत्तराखंड के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हो रहा है। रात का न्यूनतम तापमान 7.1 डिग्री के आसपास बना हुआ है, जिससे (Winter Health Problems) जैसे सर्दी-जुकाम और सांस की तकलीफ के मामले बढ़ रहे हैं। लोग सुबह देर से घरों से निकल रहे हैं और शाम होते ही बाजारों में सन्नाटा पसरने लगा है। खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह मौसम काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।
पर्यटकों के लिए क्रिसमस और न्यू ईयर की गाइडलाइन
उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पहाड़ों में (Traveling in Winter) के दौरान कोहरे और पाले की वजह से सड़कें रपटनी हो जाती हैं। प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना मौसम के पूर्वानुमान को देखकर ही बनाएं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना को देखते हुए वहां आवश्यक गर्म कपड़े और रसद सामग्री साथ रखने की हिदायत दी गई है।
प्रशासन की मुस्तैदी और आगामी चुनौतियां
आने वाले हफ्तों में ठंड और बढ़ने के आसार हैं, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन ने रैन बसेरों में बिस्तर और हीटर की व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा है। (District Administration Response) के तहत सभी नगर निकायों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में ठंड से बचाव के पुख्ता इंतजाम करें। 27 दिसंबर के बाद होने वाली संभावित बर्फबारी के लिए भी लोक निर्माण विभाग को मशीनरी तैयार रखने के आदेश दिए गए हैं ताकि सड़कें बंद होने पर उन्हें तुरंत खोला जा सके।



