WeatherUpdate – उत्तराखंड में फिर बदलेगा मौसम, ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार
WeatherUpdate – उत्तराखंड में आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल सकता है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि दो नए पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहे हैं, जिनका असर मुख्य रूप से राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में देखने को मिलेगा। पहाड़ी जिलों की ऊपरी चोटियों पर हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। वहीं मैदानी हिस्सों में मौसम सामान्यतः शुष्क बना रह सकता है, हालांकि सुबह और रात के समय हल्का कोहरा परेशानी बढ़ा सकता है।

16 फरवरी से बदलेगा मौसम का रुख
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 13 और 16 फरवरी को क्रमशः दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकते हैं। इन प्रणालियों के प्रभाव से 16 फरवरी से राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम करवट ले सकता है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में 3300 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई पर स्थित कुछ स्थानों पर बहुत हल्की वर्षा या बर्फ गिरने की संभावना है।
हालांकि विभाग ने स्पष्ट किया है कि ये दोनों विक्षोभ अपेक्षाकृत कमजोर रहेंगे, इसलिए व्यापक असर की उम्मीद नहीं है। फिर भी पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
17 फरवरी को भी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में असर
पूर्वानुमान के मुताबिक 17 फरवरी को भी ऊंचाई वाले हिस्सों में मौसम अस्थिर बना रह सकता है। विशेषकर उन्हीं जिलों की ऊपरी चोटियों पर हल्की बारिश या बर्फबारी जारी रहने के संकेत हैं। तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।
चारधाम यात्रा मार्गों और उच्च हिमालयी क्षेत्रों की ओर जाने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन भी हालात पर नजर बनाए हुए है।
मैदानी इलाकों में शुष्क रहेगा मौसम
राज्य के मैदानी क्षेत्रों में इन प्रणालियों का असर सीमित रहने की संभावना है। देहरादून, हरिद्वार और उधम सिंह नगर जैसे जिलों में फिलहाल मौसम शुष्क बना रह सकता है। हालांकि सुबह और देर रात हल्का कोहरा छा सकता है, जिससे दृश्यता में कमी आ सकती है।
दिन के समय धूप निकलने से तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं होगी, जिससे सामान्य जनजीवन पर विशेष असर पड़ने की संभावना नहीं है।
तापमान में बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं
मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन से चार दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। पहाड़ी घाटियों में कुछ स्थानों पर हल्के से मध्यम कोहरे की स्थिति बन सकती है।
उत्तर पश्चिम भारत के व्यापक परिदृश्य की बात करें तो अगले 48 घंटों में न्यूनतम तापमान स्थिर रहने का अनुमान है। इसके बाद धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। अधिकतम तापमान में भी शुरुआती दो दिनों तक खास परिवर्तन नहीं होगा, लेकिन आगामी पांच दिनों में इसमें क्रमिक वृद्धि संभव है।
जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में भी प्रभाव
पश्चिमी विक्षोभ का असर सिर्फ उत्तराखंड तक सीमित नहीं रहेगा। जम्मू-कश्मीर के विभिन्न इलाकों में 13, 16 और 17 फरवरी को बारिश या बर्फबारी हो सकती है। वहीं हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में 16 और 17 फरवरी को मौसम बिगड़ने के संकेत हैं।
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी 16 और 17 फरवरी को कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में वज्रपात की संभावना भी जताई गई है।
फिलहाल मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और समय-समय पर अपडेट जारी किए जा रहे हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक पूर्वानुमानों पर ध्यान दें और मौसम से जुड़ी किसी भी चेतावनी को गंभीरता से लें।



