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Ancient Shipwreck Discovery: रेगिस्तान की तपती रेत में दफन मिला 500 साल पुराना खजाना, पुर्तगाली जहाज ने उगले सोने के सिक्के और गहरे राज

Ancient Shipwreck Discovery: कल्पना कीजिए कि आप एक विशाल रेगिस्तान के बीचों-बीच खड़े हैं और अचानक आपके पैरों के नीचे से सदियों पुराना कोई समुद्री जहाज निकल आए। यह सुनने में किसी काल्पनिक फिल्म की पटकथा लग सकती है, लेकिन अफ्रीका के नामीबिया रेगिस्तान में यह हकीकत बनकर सामने आया है। पुरातत्वविदों को रेत के टीलों के नीचे दबा हुआ एक अत्यंत प्राचीन जहाज मिला है, जिसने पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों को हैरत में डाल दिया है। यह (mysterious discovery) इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि जिस स्थान पर यह जहाज मिला है, वहां से वर्तमान में समंदर कई मील दूर है।

Ancient Shipwreck Discovery
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500 साल पुरानी विरासत का अनचाहा अंत

वैज्ञानिकों और इतिहासकारों ने गहन (Ancient Shipwreck Discovery) शोध के बाद यह निष्कर्ष निकाला है कि यह जहाज पुर्तगाल का है और लगभग 500 साल पुराना है। यह वह दौर था जब पुर्तगाली नाविक अटलांटिक महासागर के दुर्गम रास्तों से होते हुए नए देशों के साथ व्यापारिक संबंध स्थापित कर रहे थे। विशेषज्ञों का मानना है कि (maritime history) का यह मूक गवाह किसी भयंकर समुद्री तूफान या तकनीकी खराबी के कारण अपनी राह भटक गया होगा। हालांकि आज यहां केवल रेत का समंदर है, लेकिन भूगर्भीय साक्ष्य बताते हैं कि सदियों पहले समंदर की लहरें इसी स्थान तक हिलोरे मारती थीं।

खनन के दौरान अचानक मिला लकड़ी का ढांचा

इस अद्भुत खोज की शुरुआत साल 2008 में हुई थी, जब नामीबिया के इस रेगिस्तानी इलाके में खनन का कार्य चल रहा था। खदान से समुद्री पानी को हटाने की प्रक्रिया के दौरान मजदूरों को लकड़ी का एक विशाल और अजीबोगरीब ढांचा दिखाई दिया। जैसे-जैसे खुदाई का काम आगे बढ़ा, वैसे-वैसे एक (archaeological excavation) ने जहाज की शक्ल लेनी शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच के बाद शोधकर्ताओं ने पुष्टि की कि यह 1500 के दशक का एक व्यापारिक पोत है जो रेत की परतों के नीचे सुरक्षित रूप से दफन था।

जहाज के भीतर मिला बेशकीमती खजाना

जब इस जहाज के भीतरी हिस्सों की तलाशी ली गई, तो वहां मौजूद अकूत संपत्ति को देखकर शोधकर्ताओं की आंखें फटी की फटी रह गईं। जहाज में भारी मात्रा में सोने, चांदी और तांबे के सिक्के भरे हुए थे। रिपोर्ट के अनुसार, इस (sunken treasure) में लगभग 2 हजार सोने के सिक्के और कीमती हाथी दांत शामिल हैं। पुनर्जागरण काल के इस व्यापारिक जहाज को विशेषज्ञों ने ‘ओरैंजेमुंद रेक’ का नाम दिया है, जो उस समय के पुर्तगाली साम्राज्य की समृद्धि और व्यापारिक शक्ति को दर्शाता है।

समुद्री डाकुओं का वह ‘ड्रीम शिप’ जो रेत में समा गया

इतिहासकारों का कहना है कि यह जहाज अपने समय में इतना भव्य और कीमती था कि यह समुद्री डकैतों के लिए एक सुनहरे सपने जैसा हुआ करता था। किंग जॉन थर्ड के शासनकाल से संबंधित इस जहाज में न केवल सिक्के, बल्कि मिंग साम्राज्य की दुर्लभ निशानियां और सैकड़ों किलो तांबा भी मौजूद है। सबसे (extraordinary fact) यह है कि 500 साल बीत जाने के बाद भी जहाज में रखे तांबे या अन्य धातुओं में जंग नहीं लगी है और न ही लकड़ी का ढांचा पूरी तरह खराब हुआ है, जो रेगिस्तान की शुष्क परिस्थितियों के कारण संभव हो सका।

भारत से व्यापार और लिसबन का कनेक्शन

अनुमान लगाया जा रहा है कि यह पोत पुर्तगाल की राजधानी लिसबन से भारत के लिए रवाना हुआ था। उस समय पुर्तगाली ‘मसाला मार्ग’ के जरिए भारत के साथ बड़े पैमाने पर व्यापार करते थे। इतिहासकारों के अनुसार, यह (trade route) अत्यंत महत्वपूर्ण था और यह जहाज संभवतः भारत पहुंचने से पहले ही हादसे का शिकार हो गया। किनारे पर आने के बाद धीरे-धीरे वक्त की धूल और रेगिस्तानी रेत ने इसे हमेशा के लिए अपनी आगोश में ले लिया, जिससे यह दुनिया की नजरों से ओझल हो गया।

कंकालों का न मिलना और बढ़ता हुआ रहस्य

इस पूरी खोज में सबसे परेशान करने वाला और गहरा रहस्य जहाज पर सवार लोगों का गायब होना है। अनुमान है कि इस बड़े जहाज पर 200 से अधिक लोग सवार रहे होंगे, लेकिन खुदाई के दौरान एक भी मानव कंकाल या अवशेष प्राप्त नहीं हुआ है। यह (unsolved mystery) वैज्ञानिकों के लिए पहेली बना हुआ है कि आखिर जहाज पर मौजूद यात्री और चालक दल कहां चले गए? क्या वे किनारे पर पहुंचने के बाद जीवित बच निकले थे या रेगिस्तान की प्यास ने उन्हें कहीं दूर निगल लिया, इसका जवाब आज भी किसी के पास नहीं है।

16वीं शताब्दी की खिड़की है यह ‘बोम जीसस’

इस जहाज को ‘बोम जीसस’ के नाम से भी जाना जाता है, जो महज लकड़ी का एक ढांचा नहीं बल्कि 16वीं शताब्दी की वैश्विक व्यापारिक गतिविधियों को समझने का एक जीवंत माध्यम है। पुरातत्वविदों के लिए यह (historical significance) का विषय है क्योंकि इससे उस काल के नौवहन कौशल और पुर्तगाली औपनिवेशिक विस्तार के बारे में नई जानकारियां मिल रही हैं। यह जहाज हमें याद दिलाता है कि समंदर और रेगिस्तान अपने भीतर ऐसे कितने ही राज छुपाए हुए हैं, जो आज भी इंसानी पहुंच से कोसों दूर हैं।

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