South Korea Dating Incentive Policy: इस देश में डेट पर जाने के लिए मिल रहे हैं 31 हजार रुपये, शादी करने पर बरसेंगे लाखों…
South Korea Dating Incentive Policy: क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि किसी लड़की या लड़के के साथ एक साधारण सी डेट पर जाने के लिए सरकार आपको मोटी रकम दे? यह सुनने में किसी फिल्मी कहानी जैसा लग सकता है, लेकिन दुनिया के एक कोने में यह हकीकत बन चुका है। जहां भारत जैसे देशों में (Population Growth Management) एक बड़ी चुनौती है, वहीं एक विकसित देश ऐसा भी है जो अपने युवाओं को प्यार करने, शादी करने और घर बसाने के लिए बाकायदा पैसे दे रहा है। यह देश कोई और नहीं, बल्कि तकनीक और चकाचौंध से भरपूर दक्षिण कोरिया है।

दक्षिण कोरिया में गहराता जनसांख्यिकीय संकट
दक्षिण कोरिया इस समय एक बेहद गंभीर और ऐतिहासिक संकट के दौर से गुजर रहा है। चीन, जापान और रूस की तरह ही यह देश (Demographic Crisis Issues) का सामना कर रहा है। गगनचुंबी इमारतों और तेज रफ्तार आर्थिक विकास के बीच यहां के युवाओं ने निजी रिश्तों और परिवार से दूरी बना ली है। हालत यह है कि देश की गलियों में बच्चों की किलकारियां कम और सन्नाटा ज्यादा सुनाई देने लगा है, जिससे सरकार के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं।
काम के बोझ तले दबी युवाओं की निजी जिंदगी
दक्षिण कोरियाई समाज में ‘वर्क कल्चर’ इतना हावी हो चुका है कि युवाओं के पास खुद के लिए भी समय नहीं बचा है। लंबे कामकाजी घंटे और (Professional Work Pressure) के कारण लोग इतने थक जाते हैं कि उनके पास डेटिंग या शादी के बारे में सोचने की फुर्सत नहीं है। इसी व्यस्तता और करियर की होड़ ने देश को एक ऐसे मोड़ पर खड़ा कर दिया है जहां आबादी तेजी से बूढ़ी हो रही है और नई पीढ़ी का जन्म दर रिकॉर्ड स्तर पर गिर गया है।
डेट पर जाने के लिए 31 हजार रुपये का नकद इनाम
इस संकट से निपटने के लिए दक्षिण कोरियाई सरकार ने अब ‘हार्ट पॉलिसी’ अपनाई है। अगर दो लोग आपसी सहमति से डेट पर जाने के लिए तैयार होते हैं, तो सरकार उन्हें (Cash Incentives for Dating) प्रदान कर रही है। कपल्स को लगभग 350 डॉलर यानी भारतीय रुपयों में करीब 31 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। इस रकम का उद्देश्य यह है कि युवा बाहर जाकर खाना खाएं, फिल्में देखें और एक-दूसरे के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताएं, ताकि उनके बीच रिश्तों की शुरुआत हो सके।
शादी की शहनाई पर सरकार देगी 25 लाख रुपये
सिर्फ डेटिंग ही नहीं, बल्कि जो जोड़े अपने रिश्ते को शादी के मुकाम तक ले जाने का फैसला करते हैं, उनके लिए तो सरकार ने खजाना ही खोल दिया है। रिपोर्ट्स की मानें तो शादी करने वाले जोड़ों को (Marriage Subsidy Benefits) के रूप में 25 लाख रुपये तक की भारी-भरकम राशि दी जा रही है। सरकार चाहती है कि आर्थिक तंगी या भविष्य की चिंता किसी भी युवा के वैवाहिक जीवन में बाधा न बने, इसलिए वह खुद आगे आकर शादी का खर्च वहन कर रही है।
महंगाई के डर को दूर करने की सरकारी कोशिश
दक्षिण कोरिया में जीवन यापन की लागत आसमान छू रही है, जो युवाओं को माता-पिता बनने से रोकती है। सरकार ने महसूस किया है कि (Cost of Living Concerns) के कारण कई कपल बच्चे पैदा करने के फैसले को टाल रहे हैं। इसी डर को खत्म करने के लिए सरकार ने बच्चे के जन्म पर भी अतिरिक्त आर्थिक सहायता और कई तरह की रियायतों का ऐलान किया है। सरकार का मानना है कि जब तक आर्थिक सुरक्षा नहीं मिलेगी, तब तक लोग परिवार बढ़ाने की हिम्मत नहीं जुटा पाएंगे।
क्या पैसा बढ़ा पाएगा दक्षिण कोरिया की आबादी
दक्षिण कोरिया की इन नीतियों ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। विशेषज्ञों का कहना है कि (Global Fertility Rate Decline) को रोकने के लिए केवल पैसा देना ही काफी नहीं होगा, बल्कि सामाजिक ढांचे और वर्क कल्चर में भी बदलाव लाने होंगे। हालांकि, सरकार को उम्मीद है कि ये वित्तीय प्रोत्साहन युवाओं को अपने करियर के साथ-साथ निजी जीवन को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करेंगे और देश को विलुप्त होने के खतरे से बचाएंगे।
भारत और दक्षिण कोरिया के बीच का बड़ा अंतर
भारत जैसे देशों के लिए जहां जनसंख्या नियंत्रण एक बड़ा मुद्दा है, दक्षिण कोरिया की यह स्थिति हैरान करने वाली है। वहां की सरकार (National Survival Strategies) के तहत ये कदम उठा रही है क्योंकि बिना युवा आबादी के किसी भी देश का भविष्य सुरक्षित नहीं रह सकता। यह घटनाक्रम हमें सिखाता है कि विकास की अंधी दौड़ में कहीं न कहीं मानवीय रिश्तों और परिवार की अहमियत पीछे छूटती जा रही है, जिसे अब सरकारी धन के जरिए वापस लाने की कोशिश की जा रही है


