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Animal Movie – जापान प्रीमियर से पहले रणबीर ने रणविजय चुनने का कारण बताया

Animal Movie – हिंदी सिनेमा के हालिया दौर में जिस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस, दर्शकों और आलोचकों—तीनों के बीच सबसे ज्यादा बहस पैदा की, उसमें एनिमल का नाम सबसे ऊपर रहा। रणबीर कपूर के करियर की इस सबसे बड़ी व्यावसायिक सफलता ने रिकॉर्डतोड़ कमाई की, लेकिन साथ ही अपने हिंसक टोन और जटिल किरदार के कारण तीखी चर्चाएँ भी जन्म दीं। अब यह फिल्म 13 फरवरी को जापान में प्रदर्शित होने जा रही है, जिससे पहले मुंबई में आयोजित एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस में रणबीर कपूर और निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा ने फिल्म से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। बातचीत के दौरान रणबीर ने खुलकर बताया कि रणविजय जैसा तीखा और विवादित किरदार चुनना उनके लिए आसान फैसला नहीं था, फिर भी उन्होंने इसे क्यों स्वीकार किया।

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जापान रिलीज से पहले बढ़ी अंतरराष्ट्रीय उत्सुकता

जापान में एनिमल का प्रीमियर भारतीय सिनेमा के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में वितरकों और विदेशी मीडिया की मौजूदगी इस बात का संकेत थी कि फिल्म को लेकर वैश्विक स्तर पर जिज्ञासा बनी हुई है। आयोजकों के मुताबिक, यह पहली बार है जब रणबीर कपूर की किसी फिल्म को जापान में इतने बड़े स्तर पर रिलीज से पहले चर्चा मिल रही है। इस मौके पर संदीप रेड्डी वांगा ने कहा कि उन्होंने कहानी और पात्रों को स्थानीय दर्शकों के लिए समझने योग्य रखने की कोशिश की है, ताकि फिल्म केवल एक एक्शन ड्रामा न रहकर मानवीय भावनाओं की यात्रा भी लगे।

पहली सुनवाई में डरावना लगा रणविजय का किरदार

रणबीर कपूर ने बताया कि जब उन्होंने पहली बार संदीप से फिल्म की पूरी नरेशन सुनी, तो रणविजय का चरित्र उन्हें असहज करने वाला लगा। उनके शब्दों में, यह किरदार पारंपरिक हीरो की परिभाषा से बिल्कुल अलग था—कठोर, जिद्दी और कई बार क्रूर भी। उन्होंने स्वीकार किया कि शुरुआती क्षणों में उन्हें लगा कि शायद वह इस भूमिका के लिए सही चुनाव नहीं हैं। हालांकि, कहानी की परतें खुलने के साथ ही उन्हें यह समझ आया कि रणविजय केवल हिंसा का प्रतीक नहीं, बल्कि गहरे भावनात्मक संघर्षों से जूझता हुआ इंसान है।

निर्देशक पर भरोसे ने बदला फैसला

अभिनेता ने साफ तौर पर कहा कि अगर संदीप रेड्डी वांगा पर उनका भरोसा नहीं होता, तो शायद वह इस प्रोजेक्ट को स्वीकार नहीं करते। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि निर्देशक का आत्मविश्वास, स्पष्ट विज़न और किरदार की गहराई ने उन्हें निर्णय बदलने पर मजबूर किया। रणबीर के अनुसार, संदीप सिर्फ शॉक वैल्यू के लिए विवाद पैदा नहीं करना चाहते थे, बल्कि परिवार, सत्ता और रिश्तों के जटिल ताने-बाने को बड़े पर्दे पर दिखाना चाहते थे। यही दृष्टिकोण उन्हें बतौर कलाकार चुनौतीपूर्ण और रोमांचक लगा।

फैमिली ड्रामा से जुड़ाव बना फिल्म की ताकत

रणबीर ने यह भी कहा कि एनिमल की असली ताकत उसकी पारिवारिक कहानी में निहित है। दर्शकों ने भले ही एक्शन और तीव्र दृश्यों पर चर्चा की हो, लेकिन भीतर से यह पिता-पुत्र के रिश्ते, असुरक्षा और पहचान की खोज की कहानी है। उनके मुताबिक, यही भावनात्मक आधार फिल्म को सिर्फ एक मसाला एंटरटेनर से ऊपर उठाता है। उन्होंने माना कि कई दर्शकों ने रणविजय के तरीकों से असहमति जताई, लेकिन उसके दर्द और टूटन से वे खुद को जोड़ पाए।

विवाद के बावजूद मिली व्यापक स्वीकार्यता

फिल्म को लेकर उठे विवादों पर बात करते हुए रणबीर ने संतुलित रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि सिनेमा का काम हमेशा सहज सवाल उठाना नहीं होता, बल्कि कभी-कभी असुविधाजनक सच दिखाना भी होता है। बॉक्स ऑफिस पर मिली सफलता उनके लिए इस बात का प्रमाण है कि दर्शक अलग तरह की कहानियाँ देखने के लिए तैयार हैं। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि जापानी दर्शक भी फिल्म को केवल एक हिंसक ड्रामा के रूप में नहीं, बल्कि मानवीय रिश्तों की जटिल पड़ताल के रूप में देखेंगे।

आगे की राह और नए प्रयोगों की तैयारी

प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में रणबीर ने संकेत दिया कि वह भविष्य में भी ऐसे ही चुनौतीपूर्ण किरदारों के साथ प्रयोग करते रहेंगे। उनके मुताबिक, एनिमल ने उन्हें बतौर कलाकार नई सीमाएँ छूने का साहस दिया है। संदीप रेड्डी वांगा ने भी भरोसा जताया कि यह फिल्म भारतीय सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक अलग पहचान दिलाने में मदद करेगी।

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