FrozenPeas – फ्रोजन मटर सेहत के लिए कितनी सुरक्षित, जानिए पूरी सच्चाई…
FrozenPeas – आज के समय में बदलती लाइफस्टाइल और व्यस्त दिनचर्या के बीच फ्रोजन सब्जियों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। खासकर फ्रोजन मटर अब लगभग हर घर के फ्रीजर में आसानी से मिल जाती है। सालभर उपलब्ध रहने, जल्दी खराब न होने और स्वाद में लगभग ताजी मटर जैसी होने की वजह से लोग इसे पसंद भी कर रहे हैं। लेकिन इसके साथ ही एक सवाल भी लगातार उठता रहा है कि क्या फ्रोजन मटर वास्तव में सेहत के लिए सुरक्षित है या फिर इसमें ऐसे तत्व होते हैं जो स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

फ्रोजन मटर असल में होती क्या है
डायट और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक फ्रोजन मटर किसी तरह की कृत्रिम या अलग किस्म की मटर नहीं होती। जब मटर पूरी तरह पक जाती है और उसमें पोषण अपने चरम पर होता है, तभी उसे खेतों से तोड़ा जाता है। इसके तुरंत बाद मटर को साफ कर बेहद कम तापमान, करीब माइनस 18 डिग्री सेल्सियस पर फ्रीज कर दिया जाता है। इसी प्रक्रिया के कारण मटर में बैक्टीरिया पनप नहीं पाते और एंजाइम से होने वाली खराबी रुक जाती है। यही वजह है कि फ्रोजन मटर लंबे समय तक सुरक्षित रहती है।
ताजी मटर और फ्रोजन मटर में पोषण का फर्क
अक्सर यह धारणा बना ली जाती है कि फ्रीज होने के बाद सब्जियों का सारा पोषण खत्म हो जाता है और ताजी सब्जियां ही ज्यादा फायदेमंद होती हैं। हालांकि विशेषज्ञ इस बात से सहमत नहीं हैं। कई वैज्ञानिक अध्ययनों में पाया गया है कि सही तरीके से फ्रीज की गई सब्जियों में मौजूद पोषक तत्व लगभग ताजी सब्जियों के बराबर होते हैं। दो साल तक चले एक अध्ययन में यह साफ हुआ कि फ्रेश और फ्रोजन सब्जियों में विटामिन, मिनरल और फाइबर की मात्रा में खास अंतर नहीं होता। कई बार फ्रोजन मटर में पोषण ज्यादा स्थिर रहता है, क्योंकि ताजी मटर को बाजार तक पहुंचने में समय लग जाता है।
क्या फ्रोजन मटर में मिलाए जाते हैं केमिकल्स
लोगों के मन में सबसे बड़ा डर यही रहता है कि फ्रोजन मटर को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए उसमें प्रिजर्वेटिव्स या केमिकल्स मिलाए जाते होंगे। डायटिशियन भावेश गुप्ता के अनुसार यह चिंता काफी हद तक बेवजह है। माइनस 18 डिग्री पर फ्रीज होने के बाद मटर में कोई जैविक प्रक्रिया सक्रिय नहीं रहती। ऐसे में प्रिजर्वेटिव्स की जरूरत ही नहीं पड़ती। इसके अलावा कंपनियों के लिए भी अतिरिक्त केमिकल्स मिलाना व्यावसायिक रूप से फायदेमंद नहीं होता। बाजार में उपलब्ध अधिकतर फ्रोजन मटर बिना किसी प्रिजर्वेटिव के ही पैक की जाती है।
स्वाद और टेक्सचर में क्यों महसूस होता है अंतर
अगर स्वाद की बात करें तो फ्रोजन और ताजी मटर में हल्का सा फर्क महसूस हो सकता है। ताजी मटर आमतौर पर थोड़ी ज्यादा मीठी और कुरकुरी लगती है, जबकि फ्रोजन मटर का स्वाद हल्का सा अलग हो सकता है। यह फर्क फ्रीजिंग प्रोसेस और पकाने के तरीके की वजह से आता है। हालांकि पोषण के स्तर पर दोनों में लगभग कोई अंतर नहीं होता। स्वाद का मामला काफी हद तक व्यक्ति की पसंद पर भी निर्भर करता है।
फ्रोजन मटर का इस्तेमाल करना कितना सुरक्षित
विशेषज्ञों की मानें तो अगर फ्रोजन मटर को सही तरीके से स्टोर किया गया हो और उसकी एक्सपायरी डेट का ध्यान रखा जाए, तो इसका सेवन पूरी तरह सुरक्षित है। यह उन लोगों के लिए खासतौर पर फायदेमंद है जिनके पास रोज ताजी सब्जी लाने का समय नहीं होता। सही मात्रा और संतुलित आहार के हिस्से के रूप में फ्रोजन मटर सेहत के लिए नुकसानदेह नहीं मानी जाती।
किन बातों का रखें ध्यान
फ्रोजन मटर खरीदते समय पैकेट पर दी गई जानकारी जरूर पढ़ें। अगर उसमें अनावश्यक एडिटिव्स या फ्लेवरिंग का जिक्र हो तो ऐसे उत्पाद से बचना बेहतर होता है। साथ ही, बार-बार पिघलाकर दोबारा फ्रीज करने से मटर की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
निष्कर्ष
फ्रोजन मटर को लेकर फैली आशंकाएं काफी हद तक गलतफहमी पर आधारित हैं। सही प्रोसेस और सुरक्षित तापमान पर रखी गई फ्रोजन मटर न सिर्फ पोषण से भरपूर होती है, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में एक व्यावहारिक विकल्प भी साबित होती है। जरूरत बस इतनी है कि इसका चयन समझदारी से किया जाए और संतुलित मात्रा में सेवन किया जाए।



