HealthTips – जानें रोजाना अंडा खाने के फायदे और सही मात्रा
HealthTips – अंडा लंबे समय से संतुलित आहार का अहम हिस्सा माना जाता रहा है। बचपन से सुनते आए “रोज खाओ अंडे” जैसी पंक्तियाँ केवल कहावत नहीं, बल्कि पोषण से जुड़ी सच्चाई को भी दर्शाती हैं। हाल ही में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान से जुड़े एक वरिष्ठ गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर ने अपने सोशल मीडिया वीडियो में अंडे के पोषण और इसके सेवन के सही तरीके पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अंडा सही मात्रा और सही तरीके से खाया जाए तो यह शरीर के लिए कई मायनों में फायदेमंद हो सकता है।

अंडे में मौजूद पोषक तत्व
विशेषज्ञों के अनुसार एक सामान्य अंडे में लगभग 6 से 7 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन पाया जाता है। इसके अलावा इसमें विटामिन डी, विटामिन बी12, विटामिन ए, सेलेनियम, फॉस्फोरस, कोलीन और आवश्यक अमीनो एसिड भी होते हैं। यही वजह है कि इसे सम्पूर्ण पोषण देने वाला खाद्य पदार्थ माना जाता है। शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत, मांसपेशियों के विकास और ऊर्जा संतुलन में ये तत्व महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
फैटी लिवर में क्या अंडा सुरक्षित है
अक्सर यह धारणा बनी रहती है कि अंडा चिकनाई वाला होता है और फैटी लिवर की समस्या में इसे नहीं खाना चाहिए। हालांकि डॉक्टर का कहना है कि सीमित मात्रा में अंडा खाने से नुकसान नहीं होता। इसमें मौजूद प्रोटीन ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद करता है, जिससे लिवर की सेहत पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। किसी भी रोग की स्थिति में व्यक्ति को अपनी मेडिकल सलाह के अनुसार ही सेवन करना चाहिए।
कोलेस्ट्रॉल को लेकर भ्रम
कई लोग मानते हैं कि अंडा खाने से कोलेस्ट्रॉल तेजी से बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार सामान्य और स्वस्थ व्यक्ति के लिए सीमित मात्रा में अंडा नुकसानदायक नहीं है। अंडे में मौजूद अमीनो एसिड और अन्य पोषक तत्व शरीर के मेटाबॉलिज्म को संतुलित रखने में मदद करते हैं। हालांकि जिन लोगों को पहले से गंभीर हृदय संबंधी समस्या है, उन्हें चिकित्सकीय परामर्श लेना आवश्यक है।
वजन नियंत्रण में भूमिका
वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए अंडा उपयोगी विकल्प हो सकता है। प्रोटीन से भरपूर होने के कारण यह पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है। इससे बार-बार भूख लगने या अनावश्यक स्नैकिंग की आदत कम हो सकती है। संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के साथ इसे शामिल किया जाए तो वजन प्रबंधन में सहायक माना जाता है।
ब्लड शुगर पर प्रभाव
डायबिटीज के मरीजों के बीच यह सवाल आम है कि क्या अंडा सुरक्षित है। डॉक्टर के अनुसार अंडे में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा नगण्य होती है, इसलिए यह सीधे तौर पर ब्लड शुगर नहीं बढ़ाता। फिर भी किसी भी रोगी को अपनी डाइट योजना डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट की सलाह से तय करनी चाहिए।
संवेदनशील पाचन वाले लोगों के लिए सावधानी
अंडा सामान्यतः पचने में आसान माना जाता है, लेकिन कुछ लोगों का पाचन तंत्र संवेदनशील होता है। ऐसे में अधिक मात्रा असहजता पैदा कर सकती है। यदि अंडा खाने के बाद पेट दर्द या गैस की समस्या महसूस हो तो मात्रा कम करना बेहतर है।
खाने का सही तरीका और मात्रा
विशेषज्ञों का सुझाव है कि अंडे को नाश्ते में शामिल करना बेहतर रहता है, क्योंकि सुबह प्रोटीन लेने से दिनभर ऊर्जा बनी रहती है। उबला हुआ अंडा या हल्का पका ऑमलेट सुरक्षित विकल्प हैं। कच्चा अंडा खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे संक्रमण का खतरा हो सकता है। पके हुए अंडे में मौजूद प्रोटीन शरीर द्वारा बेहतर तरीके से अवशोषित होता है।
जहां तक मात्रा का सवाल है, आमतौर पर स्वस्थ व्यक्ति के लिए प्रतिदिन 1 से 2 अंडे पर्याप्त माने जाते हैं। हालांकि यह कोई तय “मैजिक नंबर” नहीं है। उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और शारीरिक गतिविधि के आधार पर जरूरत अलग-अलग हो सकती है।
कुल मिलाकर, अंडा संतुलित आहार का हिस्सा बन सकता है, बशर्ते इसे सही मात्रा और तरीके से लिया जाए। किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या होने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।



