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AmritpalSingh – डिजिटल उपस्थिति को लेकर हाईकोर्ट में पेश हुआ केंद्र का जवाब

AmritpalSingh – पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में बुधवार को स्पष्ट किया गया कि लोकसभा के नियमों में किसी सांसद को डिजिटल माध्यम से सदन की कार्यवाही में शामिल होने की अनुमति देने का कोई प्रावधान नहीं है। यह जानकारी लोकसभा अध्यक्ष और केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन ने अदालत को दी। मामला खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह की याचिका से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने संसद के बजट सत्र में भाग लेने के लिए अस्थायी रिहाई की मांग की है।

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अदालत में क्या कहा गया

सुनवाई के दौरान जैन ने कहा कि संविधान और लोकसभा के नियमों के अनुसार सांसदों की शारीरिक उपस्थिति आवश्यक है। उन्होंने बताया कि नियम पुस्तिका में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे कोई सदस्य ऑनलाइन या डिजिटल माध्यम से सदन की कार्यवाही में हिस्सा ले सके।

मुख्य न्यायाधीश शील नागू की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान यह प्रश्न उठाया था कि क्या किसी सांसद को तकनीकी माध्यम से शामिल होने की अनुमति दी जा सकती है। इस पर केंद्र की ओर से स्पष्ट जवाब दिया गया कि ऐसा कोई प्रावधान वर्तमान नियमों में मौजूद नहीं है।

हिरासत में सांसदों को लेकर प्रक्रिया

अदालत को यह भी बताया गया कि लोकसभा सचिवालय ने नौ फरवरी को अमृतपाल सिंह को पत्र भेजा था। इसमें कहा गया था कि यदि कोई सांसद हिरासत में है, तो उसे सदन में शामिल होने के लिए संबंधित हिरासत प्राधिकारी से अनुमति लेनी होगी। लोकसभा सचिवालय की इसमें कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं होती।

पत्र में यह भी उल्लेख था कि अमृतपाल अब तक 37 दिन सदन से अनुपस्थित रह चुके हैं। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि यदि कोई सांसद 60 दिनों तक लगातार अनुपस्थित रहता है, तो उसकी सीट रिक्त घोषित की जा सकती है। हालांकि, सदस्य चाहें तो अनुपस्थिति की माफी के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिस पर सदन विचार करता है।

अस्थायी रिहाई का आवेदन खारिज

अमृतपाल सिंह वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं। उन्होंने बजट सत्र में भाग लेने के लिए पैरोल की मांग करते हुए याचिका दायर की थी। पिछले महीने अदालत ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया था कि वह सात कार्य दिवसों के भीतर उनके आवेदन पर निर्णय ले।

इसके बाद राज्य सरकार ने सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था पर संभावित प्रभाव का हवाला देते हुए अस्थायी रिहाई की मांग को अस्वीकार कर दिया। सरकार का कहना था कि मौजूदा परिस्थितियों में रिहाई राज्य के हित में नहीं होगी।

बजट सत्र की समयसीमा

लोकसभा का बजट सत्र दो चरणों में आयोजित हो रहा है। पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक निर्धारित है, जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक चलेगा। इसी सत्र में शामिल होने के लिए अमृतपाल ने अदालत का रुख किया था।

याचिका में उठाए गए मुद्दे

याचिका के अनुसार, अमृतपाल सिंह संसद में पंजाब में वर्ष 2025 की बाढ़ की स्थिति, राज्य में बढ़ते नशे की समस्या और अपने निर्वाचन क्षेत्र खडूर साहिब से जुड़े विकास कार्यों के मुद्दे उठाना चाहते हैं। उनका कहना है कि बतौर निर्वाचित प्रतिनिधि उन्हें अपने क्षेत्र की समस्याएं सदन में रखने का अधिकार है।

गौरतलब है कि ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन से जुड़े अमृतपाल सिंह को अप्रैल 2023 में मोगा जिले के रोडे गांव से गिरफ्तार किया गया था। उनकी गिरफ्तारी से पहले एक महीने से अधिक समय तक पुलिस अभियान चला था। फिलहाल मामला अदालत में विचाराधीन है और आगे की सुनवाई में इस पर विस्तार से बहस होने की संभावना है।

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