उत्तर प्रदेश

PoliticalShift – नसीमुद्दीन सिद्दीकी परिवार समेत सपा में शामिल

PoliticalShift – उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में रविवार को नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने अपने परिवार और समर्थकों के साथ सपा की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर पार्टी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कई अन्य नेताओं ने भी सपा का दामन थामा।

nasimuddin siddiqui joins sp with family

सपा प्रमुख ने नए साथियों का किया स्वागत

अखिलेश यादव ने मंच से सभी नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि उनके जुड़ने से पार्टी का सामाजिक गठबंधन और मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि समाज के वंचित, पिछड़े और उपेक्षित वर्गों को साथ लेकर चलना ही पार्टी की प्राथमिकता है।

पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बिना नाम लिए राज्य सरकार पर निशाना साधा और कहा कि जो लोग सम्मान की बात करते हैं, उन्हें आचरण में भी वैसा ही व्यवहार दिखाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग सवाल उठाते हैं, उन्हें अपने इतिहास पर भी नजर डालनी चाहिए।

भाजपा सरकार पर लगाए आरोप

अखिलेश यादव ने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उनका कहना था कि विभिन्न विभागों में अनियमितताओं की चर्चा हो रही है और शिक्षा क्षेत्र के बजट को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं दिए गए।

उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक बहस को मुद्दों से भटकाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उनके मुताबिक, जनता महंगाई, रोजगार और शिक्षा जैसे विषयों पर जवाब चाहती है।

जातीय जनगणना पर दोहराया रुख

सपा प्रमुख ने एक बार फिर जातीय जनगणना की मांग दोहराई। उनका कहना था कि आबादी के अनुपात में अधिकार और संसाधनों का वितरण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की लड़ाई जारी रहेगी और आने वाले समय में इसे और व्यापक रूप दिया जाएगा।

उनके अनुसार, समाजवादी विचारधारा का मूल उद्देश्य समान अवसर सुनिश्चित करना है और पार्टी इसी दिशा में आगे बढ़ेगी।

नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने रखी अपनी बात

सपा में शामिल होने के बाद नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि वह नई जिम्मेदारी के साथ काम करेंगे। उन्होंने शायराना अंदाज में अपनी बात शुरू करते हुए कहा कि राजनीति का मकसद लोगों को साथ लेकर चलना होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी में सभी वरिष्ठ हैं और वह खुद को एक कार्यकर्ता के रूप में देखते हैं। उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान में समाजवाद शब्द के उल्लेख का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सोच सामाजिक समरसता की रही है।

सिद्दीकी ने यह भी कहा कि उनका लक्ष्य आगामी चुनाव में भाजपा को चुनौती देना और सपा को मजबूत करना है। उनके अनुसार, बड़ी संख्या में लोग पार्टी से जुड़ रहे हैं और यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।

अन्य नेताओं ने भी थामा सपा का दामन

कार्यक्रम में पूर्व मंत्री अनीस अहमद उर्फ फूल बाबू, पूर्व विधायक राजकुमार पाल, दीनानाथ कुशवाहा, एआईएमआईएम से जुड़े दानिश खान, पूनम पाल और ड्रोन पायलट रंजना पाल समेत कई नेताओं ने सदस्यता ली। पार्टी का दावा है कि विभिन्न जिलों से आए समर्थकों ने भी इस अवसर पर सपा का साथ देने की घोषणा की।

चुनावी समीकरणों पर असर

राज्य में चुनाव से पहले हो रहे इस तरह के दल-बदल को राजनीतिक विश्लेषक अहम मान रहे हैं। विभिन्न दल अपने संगठन को मजबूत करने और नए सामाजिक समीकरण बनाने में जुटे हैं।

फिलहाल, सपा इसे अपने लिए सकारात्मक संकेत बता रही है, जबकि भाजपा की ओर से अभी इस घटनाक्रम पर विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इन राजनीतिक बदलावों का चुनावी परिणामों पर क्या प्रभाव पड़ता है।

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