T20Stats – विश्व कप में अभिषेक शर्मा का खाता अब तक नहीं खुला
T20Stats – टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम ने लगातार तीन जीत दर्ज कर सुपर 8 में अपनी जगह पक्की कर ली है। टीम के सामूहिक प्रदर्शन ने प्रशंसकों को उत्साहित किया है, लेकिन इसी बीच एक व्यक्तिगत आंकड़ा चर्चा में है। युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा अब तक इस टूर्नामेंट में रन बनाने में सफल नहीं हो पाए हैं।

दो मैच, दो बार शून्य
अभिषेक शर्मा ने 7 फरवरी को यूएसए के खिलाफ मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की। उनसे तेजतर्रार शुरुआत की उम्मीद थी, लेकिन वे पहली ही गेंद पर आउट हो गए। इसके बाद नामीबिया के खिलाफ मुकाबले में बीमारी के कारण वे अंतिम एकादश का हिस्सा नहीं बन सके।
पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में उनकी वापसी हुई। पिछले एशिया कप में पाकिस्तान के विरुद्ध उनके अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए उम्मीदें फिर बढ़ी थीं, लेकिन इस बार वे तीन गेंद खेलकर बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। इस तरह विश्व कप में खेले दो मुकाबलों में उनका खाता नहीं खुल सका है।
एक साल में चार बार शून्य
सिर्फ विश्व कप ही नहीं, बल्कि वर्ष 2026 में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अभिषेक का प्रदर्शन आंकड़ों के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रहा है। वे इस कैलेंडर वर्ष में चार बार शून्य पर आउट हो चुके हैं। पिछले छह मैचों में चार बार उनका स्कोर शून्य रहा है।
इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई पांच मैचों की श्रृंखला में भी वे दूसरे और चौथे मैच में रन नहीं बना सके थे। कुल मिलाकर उनके टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर में यह पांचवां शून्य है। हालांकि शुरुआत के बाद उन्होंने कई प्रभावशाली पारियां खेलीं, लेकिन हालिया फॉर्म ने चिंता बढ़ाई है।
रिकॉर्ड सूची में दूसरा स्थान
एक कैलेंडर वर्ष में भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने का रिकॉर्ड संजू सैमसन के नाम है। वे वर्ष 2024 में पांच बार बिना खाता खोले आउट हुए थे।
अभिषेक शर्मा वर्ष 2026 में चार बार शून्य पर आउट होकर इस सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। तीसरे स्थान पर संयुक्त रूप से यूसुफ पठान (2009), रोहित शर्मा (2018 और 2022), विराट कोहली (2024) और सूर्यकुमार यादव (2025) हैं, जो एक-एक वर्ष में तीन-तीन बार शून्य पर आउट हुए।
टीम संतुलन पर असर नहीं
हालांकि अभिषेक का व्यक्तिगत प्रदर्शन अभी तक अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा, लेकिन टीम इंडिया का संतुलन प्रभावित नहीं हुआ है। शीर्ष क्रम और मध्य क्रम के बल्लेबाजों ने जिम्मेदारी निभाई है, वहीं गेंदबाजों ने भी निर्णायक योगदान दिया है।
टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि आने वाले मुकाबलों में अभिषेक शर्मा अपनी लय हासिल करेंगे। युवा खिलाड़ियों के लिए ऐसे दौर असामान्य नहीं होते, और बड़े मंच पर दबाव भी अलग स्तर का होता है।
भारत की नजर अब सुपर 8 चरण में निरंतर प्रदर्शन पर है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अभिषेक शर्मा आगामी मैचों में अपने आलोचकों को जवाब दे पाते हैं और टीम की जीत की लय में व्यक्तिगत योगदान जोड़ते हैं।
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