EqualPay – उपनल कर्मचारियों के लिए कट-ऑफ तिथि तय
EqualPay – उत्तराखंड सरकार ने उपनल कर्मचारियों के लिए समान कार्य, समान वेतन योजना के पहले चरण की पात्रता को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। अब 1 जनवरी 2016 से पहले नियुक्त कर्मचारियों को पहले चरण का लाभ दिया जाएगा। सचिव गोपन शैलेश बगौली ने बताया कि इस संशोधन को हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी मिल चुकी है और औपचारिक आदेश शीघ्र जारी किए जाएंगे।

तीन चरणों में लागू होगा वेतन फार्मूला
राज्य सरकार ने अपनी वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए समान वेतन का फार्मूला तीन चरणों में लागू करने का निर्णय लिया है। पहले चरण में वे कर्मचारी शामिल होंगे जिनकी नियुक्ति 1 जनवरी 2016 से पूर्व हुई थी। दूसरे और तीसरे चरण में क्रमशः 12 नवंबर 2018 तक नियुक्त अन्य कर्मचारियों को लाभ दिया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इस क्रमिक व्यवस्था से वित्तीय भार को संतुलित रखते हुए कर्मचारियों को राहत दी जा सकेगी। इससे लंबे समय से लंबित मांग को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने का रास्ता साफ हुआ है।
पहले चरण को लेकर था असमंजस
पहले चरण की पात्रता को लेकर पिछले कुछ समय से भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। प्रारंभिक घोषणा में कहा गया था कि 25 नवंबर 2025 तक दस वर्ष की निरंतर सेवा पूरी करने वाले कर्मचारी पहले चरण में आएंगे। इस शर्त के कारण 26 नवंबर 2015 से 31 दिसंबर 2015 के बीच नियुक्त कर्मचारियों को लाभ से बाहर रहना पड़ रहा था।
इस स्थिति पर कर्मचारियों और संगठनों ने आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि कुछ दिनों के अंतर से नियुक्त कर्मचारियों के साथ भेदभाव हो रहा है। सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया और कट-ऑफ तिथि में संशोधन का निर्णय किया।
31 दिसंबर 2015 तक नियुक्त कर्मियों को राहत
नई व्यवस्था के तहत 31 दिसंबर 2015 तक नियुक्त सभी उपनल कर्मचारी पहले चरण में शामिल होंगे। इससे उन कर्मचारियों को राहत मिली है जो पहले निर्धारित शर्तों के कारण लाभ से वंचित हो रहे थे।
सरकार का मानना है कि इस संशोधन से अधिक कर्मचारियों को समान वेतन योजना का लाभ मिलेगा और असंतोष की स्थिति कम होगी। कर्मचारियों के हितों की रक्षा के साथ-साथ प्रशासनिक स्पष्टता भी सुनिश्चित होगी।
कैबिनेट ने स्वतः लिया संज्ञान
सूत्रों के अनुसार, 11 फरवरी को हुई कैबिनेट बैठक के एजेंडे में यह विषय शामिल नहीं था। हालांकि, मुद्दे की संवेदनशीलता को देखते हुए मंत्रिमंडल ने स्वयं इस पर विचार किया और कट-ऑफ तिथि को 1 जनवरी 2016 तय करने का फैसला लिया।
इस निर्णय को कर्मचारियों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि समान कार्य के लिए समान वेतन का सिद्धांत लागू करना उसकी प्राथमिकता है।
सरकार का उद्देश्य और आगे की प्रक्रिया
राज्य सरकार का लक्ष्य कर्मचारियों के बीच वेतन असमानता को कम करना और लंबे समय से चली आ रही मांगों का समाधान करना है। चरणबद्ध क्रियान्वयन से वित्तीय दबाव को संतुलित रखते हुए लाभ पहुंचाया जाएगा।
अब संबंधित विभाग औपचारिक आदेश जारी करने की तैयारी में हैं। आदेश जारी होने के बाद पात्र कर्मचारियों को योजना का लाभ मिलने की प्रक्रिया शुरू होगी।



