PatnaMetro – छह कोच वाली ट्रेन के साथ विस्तार की तैयारी
PatnaMetro – पटना मेट्रो परियोजना अब अपने अगले महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश करने की तैयारी में है। राजधानी में भविष्य में छह कोच वाली मेट्रो ट्रेनें दौड़ेंगी और इसके लिए आठ से दस रैक खरीदे जाने की योजना बनाई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, कोच निर्माण और पटरियां बिछाने के लिए जल्द ही निविदा जारी की जाएगी। हालांकि, पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की ओर से इस संबंध में औपचारिक घोषणा अभी नहीं की गई है। अधिकारियों का अनुमान है कि एजेंसी चयन की प्रक्रिया पूरी होने में सात से आठ महीने का समय लग सकता है।

एलिवेटेड और भूमिगत ट्रैक पर तेजी
परियोजना के तहत लगभग 12.5 किलोमीटर के हिस्से में एलिवेटेड और भूमिगत दोनों प्रकार के ट्रैक पर काम चल रहा है। इस हिस्से में पटरियां बिछाने के लिए अलग से टेंडर जारी किया जाएगा। राजेंद्र नगर, मोइनुल हक स्टेडियम, पटना विश्वविद्यालय, पीएमसीएच, गांधी मैदान, आकाशवाणी और पटना जंक्शन तक सुरंग निर्माण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। कई स्थानों पर सुरंग का ढांचा तैयार हो चुका है और शेष हिस्सों में काम अंतिम चरण में बताया जा रहा है।
चरणबद्ध तरीके से शुरू होगा संचालन
पटना मेट्रो का परिचालन अलग-अलग चरणों में शुरू करने की योजना है। चौथे चरण में भूमिगत लाइन पर मेट्रो सेवा शुरू की जाएगी। इस चरण में मलाही पकड़ी से राजेंद्र नगर और आगे विश्वविद्यालय या मोइनुल हक स्टेडियम तक ट्रेनें चलाने का प्रस्ताव है। पांचवें चरण में सेवा का विस्तार पीएमसीएच और गांधी मैदान तक किया जाएगा। इसके बाद छठे चरण में आकाशवाणी, पटना जंक्शन और मीठापुर को जोड़ा जाएगा। जानकारी के अनुसार, भूमिगत लाइन शुरू करने से पहले निर्माण कंपनी से कम से कम दो रैक उपलब्ध कराने को कहा जाएगा।
प्राथमिक कॉरिडोर में वर्तमान स्थिति
प्राथमिक कॉरिडोर के पहले चरण में न्यू पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से जीरो माइल होते हुए भूतनाथ तक मेट्रो सेवा शुरू हो चुकी है। दूसरे चरण में लगभग 6.107 किलोमीटर लंबा विस्तार मलाही पकड़ी तक किया जाएगा, जिसके मार्च तक शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। तीसरे चरण में खेमनीचक से जगनपुरा और रामकृष्ण नगर होते हुए मीठापुर तक लगभग 3.217 किलोमीटर के एलिवेटेड मार्ग पर परिचालन की तैयारी जारी है।
किराये पर रैक की व्यवस्था
फिलहाल प्राथमिक कॉरिडोर में परिचालन के लिए तीन कोच वाला एक रैक किराये पर लिया गया है। मीठापुर तक सेवा विस्तार से पहले इसी तरह का एक और तीन कोच वाला रैक किराये पर लेने की योजना है। अधिकारियों का कहना है कि नए कोच की खरीद प्रक्रिया पूरी होने और उनकी आपूर्ति में कम से कम दो वर्ष लग सकते हैं। ऐसे में सेवा विस्तार में देरी न हो, इसके लिए अस्थायी रूप से किराये के रैक का सहारा लिया जाएगा। इस वर्ष के भीतर मीठापुर तक मेट्रो संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयारी
राजधानी में बढ़ती आबादी और यातायात दबाव को देखते हुए छह कोच वाली मेट्रो ट्रेनें चलाने की योजना बनाई गई है। इससे यात्रियों की संख्या को बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि चरणबद्ध विस्तार और आधुनिक कोच की खरीद से शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नया स्वरूप मिलेगा। परियोजना पूरी होने पर पटना में यातायात सुगमता और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में भी सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।



