ISROCase – बेंगलुरु में बुजुर्ग पर पत्नी की हत्या का आरोप
ISROCase – बेंगलुरु के अवाल्हाली क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन में कार्य कर चुके एक 65 वर्षीय व्यक्ति पर अपनी पत्नी की हत्या का आरोप लगा है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर तौलिये से गला दबाकर वारदात को अंजाम दिया। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें हिरासत में लिया और बाद में गिरफ्तार कर लिया। मामले की जांच जारी है।

घटना का समय और प्रारंभिक जानकारी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक घटना सुबह लगभग 11 बजे की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी नागेश्वर राव ने घर के भीतर ही अपनी पत्नी पर हमला किया। बताया जा रहा है कि घटना के बाद वह कई घंटों तक घर में ही रहे। बाद में उन्होंने अपने एक परिचित को फोन किया। उसी परिचित ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पूरी घटना का खुलासा हुआ।
मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति
जांच अधिकारियों ने बताया कि आरोपी पिछले कुछ समय से अवसाद का इलाज करा रहे थे। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में यह संकेत मिला है कि वह मानसिक रूप से तनाव में थे। अधिकारियों के अनुसार, घटना के बाद उन्होंने आत्महत्या करने की भी इच्छा जताई थी। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी तक किसी अन्य कारण या विवाद की जानकारी सामने नहीं आई है और जांच के सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही पुलिस दल मौके पर पहुंचा और आरोपी को हिरासत में ले लिया। बाद में उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिवार को दी गई सूचना
दंपत्ति की एक पुत्री है, जो अमेरिका में रहती है। पुलिस ने घटना की जानकारी परिवार को दे दी है। फिलहाल परिजन के आने की प्रतीक्षा की जा रही है। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि परिवार की ओर से भी बयान दर्ज किए जाएंगे, ताकि मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सके।
जांच जारी, निष्कर्ष का इंतजार
पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक परिस्थितियां और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखते हुए तथ्यों की पुष्टि की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि मामले को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर ध्यान आकर्षित करती है कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को समय रहते गंभीरता से समझना और उपचार कराना कितना आवश्यक है। हालांकि, मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया और जांच के बाद ही सामने आएगा।



