WesternDisturbance – पाकिस्तान से आए सिस्टम का यूपी पर असर
WesternDisturbance – उत्तरी और मध्य पाकिस्तान में सक्रिय हुआ पश्चिमी विक्षोभ अब उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है, जिसका असर उत्तर प्रदेश समेत सात राज्यों में देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। राजधानी लखनऊ में सुबह और शाम ठंडक बनी रहेगी, जबकि दिन में धूप निकलने से मौसम साफ दिखाई देगा। तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव जारी है, जिससे लोगों को कभी गर्मी तो कभी सिहरन का एहसास हो रहा है।

विक्षोभ की दिशा बदलने से बढ़ा प्रभाव
16 और 17 फरवरी के दौरान यह सिस्टम जिस दिशा में आगे बढ़ रहा था, उससे मैदानी इलाकों पर असर सीमित रहने की उम्मीद थी। हालांकि बाद में इसकी चाल में बदलाव आया और यह सेंट्रल तथा उत्तरी पाकिस्तान से आगे बढ़ते हुए मैदानी क्षेत्रों को भी प्रभावित करने लगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती प्रभाव से मिली अतिरिक्त नमी ने इस बदलाव में भूमिका निभाई। यही वजह है कि बादलों की आवाजाही और हल्की वर्षा की स्थिति बनी हुई है।
तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव
बीते दस दिनों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय बदलाव दर्ज किया गया है। न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि अधिकतम तापमान 28 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। सामान्य तौर पर पश्चिमी विक्षोभ के आने से पहले तापमान में बढ़ोतरी होती है और इसके गुजरने के बाद गिरावट देखने को मिलती है। इसी क्रम में दिन और रात के पारे में अंतर बढ़ गया है, जिससे मौसम अस्थिर बना हुआ है।
लखनऊ में सिहरन के साथ धूप
बुधवार को अधिकतम तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई, जबकि न्यूनतम तापमान भी एक अंक तक नीचे आया। उत्तर-पूर्वी दिशा से चल रही हल्की हवाओं के कारण वातावरण में नमी बढ़ी है। हवा की रफ्तार कम रहने से ठंडक का असर अधिक महसूस हो रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में हल्के बादल छाए रह सकते हैं और कहीं-कहीं बूंदाबांदी भी संभव है। हालांकि इसके बाद फिर से तापमान में तेजी से वृद्धि हो सकती है।
अल नीनो के असर की चर्चा
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार फरवरी अपेक्षाकृत गर्म रही है। अल नीनो प्रभाव के कारण औसत तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। वर्ष 2016 के बाद इस तरह की गर्मी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि यही प्रवृत्ति जारी रही तो आगामी महीनों के मौसम पर भी इसका असर पड़ सकता है। फिलहाल पश्चिमी विक्षोभ बहुत अधिक सशक्त नहीं है, इसलिए व्यापक वर्षा की संभावना कम मानी जा रही है।
स्वास्थ्य पर भी दिख रहा असर
तापमान में बार-बार हो रहे बदलाव का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ रहा है। चिकित्सकों के अनुसार सर्दी, जुकाम और वायरल संक्रमण के मामले बढ़े हैं। सुबह और रात की ठंड तथा दिन की गर्माहट शरीर को अनुकूलन में चुनौती दे रही है। ऐसे में विशेषज्ञों ने लोगों को मौसम के अनुरूप कपड़े पहनने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
विशेषज्ञों के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक आंशिक बादल बने रहेंगे। हल्की से मध्यम हवा चल सकती है और कहीं-कहीं बारिश के आसार हैं। तापमान में एक-दो डिग्री का उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। फिलहाल बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन मार्च की शुरुआत में परिस्थितियां फिर बदल सकती हैं।



