BombThreatAlert – उत्तराखंड हाईकोर्ट और जिला अदालतों को धमकी
BombThreatAlert – उत्तराखंड में न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकियों का सिलसिला चौथे दिन भी जारी रहा। गुरुवार को स्थिति तब गंभीर हो गई जब एक अज्ञात ई-मेल के जरिए उच्च न्यायालय के साथ-साथ जिला न्यायालय को भी निशाना बनाने की चेतावनी दी गई। मेल में ड्रोन के माध्यम से विस्फोट करने का उल्लेख था, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गए।

धमकी की सूचना मिलते ही संबंधित अदालत परिसरों में एहतियातन कदम उठाए गए। जिला न्यायालय के कुछ हिस्सों को अस्थायी रूप से खाली कराया गया और सुरक्षा जांच शुरू कर दी गई। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल किसी प्रकार की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन सुरक्षा में कोई ढिलाई नहीं बरती जा रही।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, मेटल डिटेक्टर लगाए गए
धमकी के बाद न्यायालय परिसरों के सभी प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर स्थापित किए गए हैं। पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है और आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की गहन तलाशी ली जा रही है। बाहरी व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके।
डॉग स्क्वाड और बम निरोधक दस्ते ने पूरे परिसर की विस्तृत जांच की। अधिकारियों के अनुसार, नियमित अंतराल पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। जिला जज और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की।
पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां
पिछले चार दिनों में नैनीताल, उत्तरकाशी, टिहरी और रुद्रप्रयाग के जिला न्यायालयों को भी इसी तरह के धमकी भरे संदेश प्राप्त हुए थे। हर बार तलाशी के बाद कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई, लेकिन लगातार मिल रही ई-मेल ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि ई-मेल भेजने वाले की पहचान का प्रयास किया जा रहा है। साइबर सेल को भी जांच में शामिल किया गया है ताकि संदेश के स्रोत का पता लगाया जा सके। प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि मेल अज्ञात आईडी से भेजा गया है।
न्यायिक कार्य प्रभावित न हो, इस पर जोर
प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा बढ़ाने के बावजूद न्यायिक कार्य सामान्य रूप से जारी रखने का प्रयास किया जा रहा है। अदालतों में सुनवाई बाधित न हो, इसके लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं। साथ ही, कर्मचारियों और वकीलों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी धमकियां अक्सर दहशत फैलाने के उद्देश्य से भेजी जाती हैं, लेकिन हर सूचना को गंभीरता से लेना जरूरी होता है। फिलहाल जांच एजेंसियां तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही हैं।
लगातार मिल रही धमकियों के बीच राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखा जाएगा और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।



