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YadavJiLoveStory – फिल्म के टाइटल को लेकर यूपी में बढ़ता विवाद

YadavJiLoveStory – उत्तर प्रदेश के कई जिलों में प्रस्तावित फिल्म ‘यादव जी की लवस्टोरी’ को लेकर विरोध तेज हो गया है। फिल्म का ट्रेलर सामने आने के बाद कुछ सामाजिक संगठनों और समुदाय विशेष के लोगों ने इसके शीर्षक और कथानक पर आपत्ति जताई है। संभल से लेकर फिरोजाबाद तक प्रदर्शन किए गए हैं और सोशल मीडिया पर भी फिल्म के खिलाफ प्रतिक्रियाएं देखी जा रही हैं। मामले ने तूल तब पकड़ा जब निर्माता और निर्देशक सहित चार लोगों के खिलाफ स्थानीय स्तर पर प्राथमिकी दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई।

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ट्रेलर में दिखाई गई कहानी

जारी ट्रेलर के अनुसार फिल्म की कहानी एक युवती सिंपल यादव और वसीम खान नामक युवक के प्रेम संबंध पर आधारित है। परिवार इस रिश्ते का विरोध करता है और युवती की शादी किसी अन्य युवक से तय करने की कोशिश करता है। ट्रेलर के एक संवाद में ‘लव जिहाद’ शब्द का उल्लेख किया गया है, जिसे लेकर विवाद और गहरा गया। फिल्म में सिंपल यादव की भूमिका प्रगति तिवारी निभा रही हैं, जबकि वसीम खान का किरदार विशाल मोहन ने किया है। फिल्म का निर्देशन अंकित भड़ाना ने किया है और निर्माण संदीप तोमर ने किया है।

सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं

यूट्यूब और अन्य मंचों पर ट्रेलर अपलोड होने के बाद कई दर्शकों ने आपत्ति जताई। कुछ लोगों का कहना है कि शीर्षक में एक समुदाय का नाम जोड़ना उचित नहीं है। कई टिप्पणियों में फिल्म का नाम बदलने की मांग की गई है। वहीं कुछ उपयोगकर्ताओं ने ट्रेलर को रिपोर्ट करने की बात भी लिखी है। हालांकि सोशल मीडिया पर समर्थन और विरोध दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं देखी जा रही हैं।

अभिनेत्री को मिल रही धमकियों पर चिंता

फिल्म की मुख्य अभिनेत्री प्रगति तिवारी, जो एक रियलिटी शो प्रतिभागी की बहन भी हैं, ने हाल ही में वीडियो संदेश जारी कर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि फिल्म देखे बिना निष्कर्ष निकालना सही नहीं है और इसमें किसी समाज की छवि को ठेस पहुंचाने का उद्देश्य नहीं है। उनके परिवार की ओर से यह भी बताया गया कि उन्हें अपमानजनक संदेश और धमकियां मिल रही हैं। इस पर कई लोगों ने असहमति जताते हुए कहा कि किसी कलाकार को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाना उचित नहीं है।

विरोध के पीछे मुख्य तर्क

प्रदर्शन कर रहे संगठनों का आरोप है कि फिल्म का शीर्षक एक विशेष समुदाय को केंद्र में रखकर बनाया गया है, जिससे उनकी सामाजिक छवि प्रभावित हो सकती है। कुछ लोगों का कहना है कि कथानक में धार्मिक पहलू जोड़कर संवेदनशील मुद्दे को उभारा गया है। संभल में दर्ज शिकायत में यह भी कहा गया है कि फिल्म समाज के इतिहास और सम्मान को गलत ढंग से प्रस्तुत करती है। हालांकि फिल्म निर्माताओं की ओर से अब तक औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

प्रशासन की भूमिका और आगे की स्थिति

संभल के बहजोई क्षेत्र में प्रदर्शन के दौरान स्थानीय प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। कुछ स्थानों पर फिल्म के पोस्टर भी जलाए गए हैं। प्रस्तावित रिलीज तिथि 27 फरवरी 2026 बताई जा रही थी और टिकट बुकिंग मंच पर इसे पंजीकृत भी किया गया है। विवाद के बीच यह स्पष्ट नहीं है कि फिल्म अपने वर्तमान शीर्षक के साथ रिलीज हो पाएगी या नहीं।

फिलहाल यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, सामाजिक संवेदनशीलता और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों के बीच संतुलन की बहस का हिस्सा बन गया है।

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