बिहार

PoliceInfra – बिहार पुलिस लाइनों में स्वास्थ्य, स्कूल और रसोई की शुरू हुई योजना

PoliceInfra – बिहार की सभी पुलिस लाइनों में जल्द ही बुनियादी सुविधाओं का दायरा बढ़ने जा रहा है। राज्य सरकार ने पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक पुलिस लाइन में अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, हाई स्कूल और ‘दीदी की रसोई’ शुरू करने का फैसला लिया है। यह घोषणा सोमवार को विधान परिषद में गृह विभाग के बजट पर हुई चर्चा के दौरान उप मुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने की। उन्होंने बताया कि इन सुविधाओं को चरणबद्ध तरीके से पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।

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स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार

पुलिस लाइनों में स्थापित किए जाने वाले अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों और उनके बच्चों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। अब तक कई जिलों में पुलिस परिवारों को सामान्य इलाज के लिए बाहर के अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद नियमित स्वास्थ्य जांच, प्राथमिक उपचार और आवश्यक दवाओं की सुविधा पुलिस परिसर के भीतर ही मिल सकेगी। इससे समय की बचत होगी और ड्यूटी के दौरान स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को तुरंत संभाला जा सकेगा। सरकार का मानना है कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पुलिस बल की कार्यक्षमता पर सकारात्मक प्रभाव डालेंगी।

पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए हाई स्कूल

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पुलिस लाइनों में हाई स्कूल स्तर तक की पढ़ाई की व्यवस्था की जाएगी। इन स्कूलों में सबसे पहले पुलिसकर्मियों के बच्चों का नामांकन होगा। यदि सीटें खाली बचती हैं तो आसपास के इलाकों के बच्चों को भी प्रवेश दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य पुलिस परिवारों को स्थिर और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण देना है, क्योंकि अक्सर तबादलों और अनियमित ड्यूटी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। राज्य सरकार का कहना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने से पुलिस परिवारों में विश्वास और संतोष की भावना मजबूत होगी।

‘दीदी की रसोई’ से सस्ती और स्वच्छ भोजन व्यवस्था

पुलिस लाइनों में जीविका परियोजना के माध्यम से ‘दीदी की रसोई’ शुरू की जाएगी। यह पहल न केवल पुलिसकर्मियों को स्वच्छ और किफायती भोजन उपलब्ध कराएगी, बल्कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को भी रोजगार का अवसर देगी। सरकार का मानना है कि इससे दोहरा लाभ होगा—एक ओर पुलिस बल को बेहतर भोजन सुविधा मिलेगी, वहीं दूसरी ओर स्थानीय महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी। इस योजना को भी चरणों में लागू किया जाएगा।

आधारभूत संरचना के उन्नयन की योजना

उप मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पुलिस केंद्रों के व्यापक उन्नयन की रूपरेखा भी पेश की। उन्होंने बताया कि आवास, बैरक, आधुनिक रसोईघर, प्रशिक्षण केंद्र और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी संरचनाओं को मजबूत किया जाएगा। इसके लिए पहले कमियों का आकलन किया जाएगा और उसी आधार पर निर्माण कार्य शुरू होगा। सरकार का लक्ष्य है कि पुलिस बल को आधुनिक संसाधन और बेहतर कार्य वातावरण मिले, जिससे उनकी कार्यकुशलता बढ़ सके।

ऑनलाइन जुआ रोकने की तैयारी

विधानसभा में हुई चर्चा का उल्लेख करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि राज्य के कुछ बच्चों को साइबर अपराध के जरिए जुआ खेलने के लिए इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। इस पर रोक लगाने के लिए नया कानून लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर शीघ्र विधायी कदम उठाए जाएंगे। सरकार का कहना है कि बच्चों और युवाओं को इस तरह की गतिविधियों से बचाने के लिए सख्त प्रावधान जरूरी हैं।

पुलिस बल में नई बहाली और प्रशिक्षण

सरकार ने 31 हजार नए पुलिसकर्मियों की बहाली की भी घोषणा की है। विशेष सशस्त्र पुलिस के तहत 17 हजार पदों पर नियुक्ति होगी, जिसमें अर्धसैनिक बलों के कर्मियों को अवसर दिया जाएगा। इसके अलावा गृहरक्षकों के मानदेय में बढ़ोतरी और प्रशिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने की बात कही गई है। बताया गया कि राज्य के 80 प्रतिशत थानों के भवनों का सुधार कार्य पूरा हो चुका है और शेष भवनों को भी जल्द पूरा किया जाएगा।

सरकार का कहना है कि इन पहलों का उद्देश्य पुलिस बल को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना और सुशासन की दिशा में आगे बढ़ना है। विधान परिषद में इस विषय पर कई सदस्यों ने चर्चा में भाग लिया और विभिन्न सुझाव भी दिए।

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