BorderSecurity – बिहार सीमांचल में घुसपैठ और तस्करी पर बड़ा अभियान
BorderSecurity – बिहार के सीमांचल क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए केंद्र और राज्य एजेंसियां संयुक्त कार्रवाई की तैयारी में हैं। हाल में केंद्रीय गृह मंत्री के दौरे के बाद सीमावर्ती इलाकों में घुसपैठ, जाली भारतीय नोट, मानव तस्करी और नशीले पदार्थों के नेटवर्क के खिलाफ व्यापक अभियान की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इस ऑपरेशन में केंद्रीय सशस्त्र बलों के साथ जांच एजेंसियां और बिहार पुलिस मिलकर काम करेंगी।

खुफिया इनपुट के बाद तेज हुई तैयारी
केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिले हैं कि नेपाल सीमा से सटे इलाकों में अवैध आवागमन के साथ-साथ नकली भारतीय मुद्रा और ड्रग्स तस्करी का संगठित नेटवर्क सक्रिय है। आशंका है कि यह तंत्र न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन को भी प्रभावित कर सकता है। इसके मद्देनजर विभिन्न एजेंसियों को समन्वित रणनीति के तहत कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।
एजेंसियों के बीच इंटेलिजेंस साझा करने की व्यवस्था
सूत्रों के अनुसार, एसएसबी, बीएसएफ, आईटीबीपी और आईबी को सीमाई रूटों की निगरानी और आपसी इंटेलिजेंस साझा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए तकनीकी संसाधनों के उपयोग पर भी जोर दिया जा रहा है। वहीं, एनआईए और ईडी को जाली नोट, नारकोटिक्स और मानव व्यापार से जुड़े नेटवर्क की गहन जांच का दायित्व दिया गया है। बिहार पुलिस स्थानीय स्तर पर सहयोग प्रदान करेगी।
फंडिंग पैटर्न की जांच
बैठकों के बाद एजेंसियां इन अवैध नेटवर्क की आर्थिक संरचना और फंडिंग स्रोतों की पड़ताल में जुटी हैं। अधिकारियों का मानना है कि यदि वित्तीय स्रोतों को चिन्हित कर रोका जाए, तो इन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। संदिग्ध लेन-देन और हवाला कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।
शैक्षणिक संस्थानों की गतिविधियों पर नजर
सीमावर्ती क्षेत्रों में कुछ मदरसों की विदेशी फंडिंग को लेकर भी जांच एजेंसियां सतर्क हैं। जिन संस्थानों की वित्तीय गतिविधियां संदिग्ध पाई जाएंगी, उनकी विस्तृत जांच कराई जाएगी। साथ ही, हाल के वर्षों में खुले कुछ संस्थानों में चीनी भाषा सिखाए जाने की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। एजेंसियां इनसे जुड़े व्यक्तियों की पृष्ठभूमि और संभावित बाहरी प्रभाव की समीक्षा कर रही हैं।
अवैध बस्तियों पर कार्रवाई की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक सीमा से सटे इलाकों में योजनाबद्ध तरीके से अवैध बस्तियां बसाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। प्रस्ताव है कि सीमा के भीतर लगभग दस किलोमीटर के दायरे में ऐसी बस्तियों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बलों की तैनाती पर भी विचार किया जा रहा है।
सीमांचल में प्रस्तावित यह अभियान बहु-स्तरीय होगा, जिसमें सुरक्षा, खुफिया और वित्तीय जांच सभी पहलुओं को शामिल किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की जाएगी और आम नागरिकों को असुविधा न हो, इसका ध्यान रखा जाएगा।



