बिहार

UltraPods – तेज हुई पटना में सचिवालय-विधानसभा के बीच नई परिवहन सेवा की तैयारी

UltraPods – बिहार की राजधानी पटना में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक और नई पहल की तैयारी की जा रही है। राज्य सरकार शहर में अल्ट्रा पॉड आधारित परिवहन प्रणाली शुरू करने की योजना पर काम कर रही है। प्रस्तावित परियोजना के तहत सचिवालय परिसर को आसपास के प्रमुख प्रशासनिक भवनों से जोड़ा जाएगा, जिससे कर्मचारियों और आम लोगों को आवागमन में सुविधा मिल सकेगी।

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इस योजना को लेकर सोमवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और निर्माण कंपनी लार्सन एंड टर्बो के प्रतिनिधियों के बीच विस्तृत बैठक हुई। बैठक में कंपनी ने इस प्रस्तावित परिवहन प्रणाली की रूपरेखा और संभावित संचालन मॉडल प्रस्तुत किया।

सचिवालय क्षेत्र को जोड़ने की योजना

सरकारी सूत्रों के अनुसार इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य पुराने सचिवालय परिसर और उसके आसपास स्थित महत्वपूर्ण प्रशासनिक भवनों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करना है। इस परिवहन प्रणाली के माध्यम से सचिवालय, विधानसभा और अन्य सरकारी भवनों के बीच यात्रा तेज और व्यवस्थित हो सकेगी।

अधिकारियों का कहना है कि इस योजना को स्मार्ट और सस्टेनेबल मोबिलिटी सॉल्यूशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद लगभग 15 महीनों के भीतर इसे तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

पांच किलोमीटर लंबा होगा ट्रैक

प्रस्तावित योजना के तहत पटना में लगभग पांच किलोमीटर लंबा ट्रैक विकसित किया जाएगा। इस मार्ग पर कुल नौ स्टेशन बनाए जाने की योजना है। इनमें विश्वेश्वरैया भवन, विकास भवन, विधानसभा और पुराना सचिवालय जैसे प्रमुख स्थान शामिल होंगे।

परियोजना के तहत दो स्टेशनों पर पार्किंग सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे निजी वाहनों से आने वाले लोग वहां वाहन खड़ा कर आगे की यात्रा अल्ट्रा पॉड के माध्यम से कर सकेंगे।

हर सात सेकंड में उपलब्ध होगा पॉड

योजना के अनुसार इस रूट पर कुल 59 अल्ट्रा पॉड संचालित किए जाएंगे। प्रत्येक पॉड में अधिकतम छह यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी। अधिकारियों के अनुसार यात्रियों को औसतन हर सात सेकंड के अंतराल पर पॉड उपलब्ध कराया जा सकेगा।

इससे कार्यालय समय के दौरान होने वाली भीड़ को कम करने और यात्रा के समय को घटाने में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। खासकर सचिवालय क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए यह सुविधा उपयोगी मानी जा रही है।

स्मार्ट कार्ड और टोकन से कर सकेंगे यात्रा

अल्ट्रा पॉड सेवा का उपयोग करने के लिए यात्रियों को टोकन या स्मार्ट कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि किराया भी अपेक्षाकृत कम रखा जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोग इस सेवा का लाभ उठा सकें।

सरकार का मानना है कि इस प्रणाली से शहर के प्रशासनिक क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा और लोगों को अधिक तेज और सुविधाजनक परिवहन विकल्प मिलेगा।

क्या है अल्ट्रा पॉड परिवहन प्रणाली

अल्ट्रा पॉड एक आधुनिक रैपिड ट्रांजिट प्रणाली है जिसे पॉड टैक्सी के रूप में भी जाना जाता है। इसमें छोटे स्वचालित वाहनों के माध्यम से यात्री एक स्थान से दूसरे स्थान तक यात्रा करते हैं। यह पूरी तरह इलेक्ट्रिक प्रणाली होती है और इसमें चालक की आवश्यकता नहीं होती।

दुनिया के कई शहरों में इस प्रकार की प्रणाली को शहरी परिवहन के आधुनिक विकल्प के रूप में अपनाया जा रहा है। भारत में भी कुछ महानगरों में इस तरह की परियोजनाओं पर काम चल रहा है।

पटना में कई परिवहन परियोजनाओं पर काम जारी

पटना में ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार कई परियोजनाओं पर काम कर रही है। हाल ही में शहर में मेट्रो सेवा के प्राथमिक चरण की शुरुआत की गई थी, जो पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से भूतनाथ स्टेशन तक संचालित हो रही है।

इसके अलावा गंगा नदी में वाटर मेट्रो सेवा शुरू करने की योजना भी बनाई गई है। इसके तहत विभिन्न घाटों पर आवश्यक ढांचा विकसित किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं के शुरू होने से पटना की शहरी परिवहन व्यवस्था में महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिल सकता है।

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