NepalPolitics – मधेस क्षेत्र में RSP की बड़ी जीत, प्रधानमंत्री की दौड़ में आए बलेंद्र शाह
NepalPolitics – नेपाल की राजनीति में हालिया चुनाव परिणामों ने बड़ा बदलाव संकेत दिया है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के शानदार प्रदर्शन के बाद देश में नई राजनीतिक दिशा की चर्चा तेज हो गई है। इन नतीजों के साथ ही पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल बलेंद्र शाह के प्रधानमंत्री बनने की संभावना भी मजबूत मानी जा रही है। यदि ऐसा होता है तो वे नेपाल के पहले मधेसी प्रधानमंत्री और अपेक्षाकृत युवा कार्यकारी नेतृत्व के रूप में सामने आ सकते हैं।

मधेस क्षेत्र में RSP का मजबूत प्रदर्शन
5 मार्च को हुए चुनावों में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने मधेस क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की। भारत सीमा से सटे आठ जिलों—सप्तरी, सिराहा, धनुषा, महोत्तरी, सरलाही, रौतहट, बारा और परसा—में पार्टी ने अधिकांश सीटों पर जीत दर्ज की।
इन जिलों की कुल 32 सीटों में से RSP उम्मीदवारों ने 30 सीटों पर विजय प्राप्त की। इस परिणाम ने क्षेत्रीय राजनीति में लंबे समय से प्रभाव रखने वाले कई दलों और नेताओं की स्थिति को कमजोर कर दिया। चुनाव परिणामों को मधेस क्षेत्र में मतदाताओं के बदलते रुझान और नई राजनीतिक ताकतों के उभार के रूप में देखा जा रहा है।
युवा नेतृत्व के उभार की चर्चा
इस चुनाव की एक प्रमुख विशेषता युवा उम्मीदवारों की उल्लेखनीय जीत रही। मधेस क्षेत्र से विधानसभा के लिए चुने गए 11 प्रतिनिधियों की आयु 40 वर्ष से कम है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह परिणाम क्षेत्र में नई पीढ़ी की भागीदारी और नेतृत्व की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
35 वर्षीय बलेंद्र शाह इस बदलाव का प्रमुख चेहरा माने जा रहे हैं। वे पहले संगीत और रैप के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना चुके हैं और बाद में राजनीति में सक्रिय हुए। चुनाव प्रचार के दौरान धनुषा में अपने पहले सार्वजनिक संबोधन में उन्होंने स्वयं को ‘मधेस का बेटा’ बताया था। उनका पैतृक घर महोत्तरी जिले में स्थित है, जिससे क्षेत्र के मतदाताओं के साथ उनका जुड़ाव और मजबूत माना जाता है।
कई बड़े नेताओं को मिली हार
चुनाव आयोग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस चुनाव में मधेस क्षेत्र के कई प्रमुख राजनीतिक नेताओं को हार का सामना करना पड़ा। इनमें राष्ट्रीय मुक्ति पार्टी नेपाल के अध्यक्ष राजेंद्र महतो, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के नेता महेंद्र यादव, जनता समाजवादी पार्टी नेपाल के प्रमुख उपेंद्र यादव और जनता पार्टी के अध्यक्ष सीके राउत जैसे नाम शामिल हैं।
सरलाही-2 सीट से राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के उम्मीदवार रबिन महतो ने जीत दर्ज की, जबकि महेंद्र यादव दूसरे स्थान पर रहे। वहीं राजेंद्र यादव इस सीट पर चौथे स्थान पर रहे। इन परिणामों को क्षेत्र में पारंपरिक राजनीतिक नेतृत्व के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
कुछ सीटों पर अन्य दलों की जीत
मधेस क्षेत्र की शेष दो सीटों पर अन्य दलों ने जीत हासिल की। धनुषा-1 सीट से नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी की मत्रिका यादव ने नेपाली कांग्रेस के उम्मीदवार राम पलटन साह को पराजित किया। इसी तरह रौतहट-2 सीट पर नेपाली कांग्रेस के मोहम्मद फिरदोस आलम ने नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के किरण कुमार शाह को हराया।
इन नतीजों से स्पष्ट है कि क्षेत्र में मुख्य मुकाबला कई दलों के बीच रहा, हालांकि कुल मिलाकर RSP का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा।
संसद में स्पष्ट बहुमत की स्थिति
नेपाल में संसदीय चुनाव प्रत्यक्ष मतदान प्रणाली के तहत आयोजित किए गए थे। मंगलवार को मतगणना पूरी होने के बाद चुनाव आयोग ने परिणामों की पुष्टि की। 165 सीटों वाली प्रतिनिधि सभा में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने 125 सीटों पर जीत दर्ज की है।
इस परिणाम के साथ पार्टी स्पष्ट बहुमत की स्थिति में पहुंच गई है और अब सरकार गठन का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही नेपाल की राजनीति में नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं।



