अंतर्राष्ट्रीय

IranConflict – पश्चिम एशिया तनाव के बीच ईरान ने लंबा युद्ध झेलने की दी चेतावनी

IranConflict – पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान ने संकेत दिया है कि वह लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष के लिए तैयार है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि यदि मौजूदा हालात जारी रहते हैं तो इसका असर सिर्फ क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। यह बयान उस समय आया है जब क्षेत्र में समुद्री गतिविधियों और तेल आपूर्ति से जुड़े मार्गों को लेकर चिंता बढ़ रही है।

iran warning long war middle east conflict

इसी दौरान ईरान ने कुछ वाणिज्यिक जहाजों पर कार्रवाई करने का दावा किया और अमेरिका या उसके सहयोगियों से जुड़े जहाजों को चेतावनी भी दी है। दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि संघर्ष ज्यादा लंबा नहीं चलेगा और जल्द स्थिति नियंत्रण में आ सकती है।

हमलों के बाद क्षेत्रीय तनाव में तेजी

हाल के घटनाक्रमों की शुरुआत तब हुई जब फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर सैन्य कार्रवाई की खबरें सामने आईं। इसके बाद क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ गया। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबरों के बाद हालात और संवेदनशील हो गए, जिसके चलते कई जगहों पर सैन्य गतिविधियां तेज हो गईं।

इन घटनाओं के बाद से क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है और कई देशों ने अपने नागरिकों और व्यापारिक गतिविधियों के लिए सतर्कता बरतने की सलाह दी है। समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर भी कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

तेल बाजार पर दिखा असर

संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी देखने को मिला है। मध्य पूर्व दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक क्षेत्रों में से एक है और यहां अस्थिरता बढ़ने से तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है।

इस स्थिति को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने अपने सदस्य देशों से रणनीतिक भंडार से तेल जारी करने का फैसला किया है। एजेंसी के अनुसार लगभग 400 मिलियन बैरल तेल बाजार में लाने की योजना बनाई गई है ताकि आपूर्ति को स्थिर रखा जा सके और कीमतों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव से बचा जा सके।

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ी चिंता

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास अपनी मौजूदगी मजबूत करने के संकेत दिए हैं। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। दुनिया के कुल तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मार्ग पर लंबे समय तक बाधा बनी रहती है तो इसका असर कई देशों की ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है। उर्वरक और अन्य औद्योगिक उत्पादों की आपूर्ति भी प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

जहाजों पर कार्रवाई और बचाव अभियान

ईरान ने दावा किया है कि उसने कुछ जहाजों को चेतावनी देने के बाद कार्रवाई की, क्योंकि वे उसके निर्देशों के बावजूद संवेदनशील समुद्री क्षेत्र में प्रवेश कर गए थे। रिपोर्टों के अनुसार इनमें एक कंटेनर जहाज और एक मालवाहक पोत शामिल थे।

ओमान की नौसेना ने इस घटना के बाद बचाव अभियान चलाया और कई चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया। कुछ लोगों के लापता होने की भी सूचना मिली है, जिनकी तलाश जारी है।

क्षेत्र में बढ़ी सुरक्षा और सैन्य गतिविधियां

संघर्ष के बीच खाड़ी क्षेत्र के कई हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दुबई में एक ड्रोन गिरने की घटना में कुछ लोगों के घायल होने की खबर भी सामने आई है। वहीं ओमान के सलालाह बंदरगाह के पास ईंधन भंडारण टैंकों में आग लगने की घटना की भी सूचना मिली है।

दूसरी ओर इजरायल ने भी ईरान और लेबनान में हिज्बुल्लाह से जुड़े ठिकानों पर नए हमलों की जानकारी दी है। लेबनान की राजधानी बेरूत में एक इमारत को निशाना बनाए जाने से आसपास के क्षेत्र में काफी नुकसान हुआ।

मानवीय स्थिति को लेकर चिंता

संयुक्त राष्ट्र और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने सभी पक्षों से संयम बरतने और मानवीय सहायता को सुरक्षित मार्ग देने की अपील की है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी जी-7 देशों से आग्रह किया है कि समुद्री मार्गों को सुरक्षित बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएं।

ईरान के अधिकारियों ने देश के भीतर सुरक्षा बलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। वहीं स्थानीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने संघर्ष के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के हताहत और घायल होने की जानकारी दी है, हालांकि स्वतंत्र रूप से इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं हो सकी है।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.