HormuzStrait – ओमान के सलालाह बंदरगाह पर ड्रोन हमले से तेल भंडारण को पहुंचा नुकसान
HormuzStrait – पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ओमान के सलालाह बंदरगाह से जुड़ी तेल भंडारण सुविधाओं को नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा से जुड़े सूत्रों के अनुसार बंदरगाह क्षेत्र में स्थित ईंधन टैंकों को निशाना बनाया गया, जिसके बाद वहां आग लग गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में बताया गया कि हमले के बाद तेल भंडारण से जुड़ी संरचनाओं को नुकसान पहुंचा और बड़ी मात्रा में कच्चा तेल जलने लगा। एहतियात के तौर पर बंदरगाह के आसपास के क्षेत्र को खाली करा लिया गया है। फिलहाल किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है।

ड्रोन हमले से बंदरगाह क्षेत्र में आग
रिपोर्टों के मुताबिक सलालाह बंदरगाह पर हुए इस हमले में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। ओमान के सरकारी मीडिया ने बताया कि ईंधन भंडारण टैंकों के पास विस्फोट के बाद आग फैल गई, जिससे लाखों लीटर तेल प्रभावित हुआ। सुरक्षा एजेंसियों और अग्निशमन दल को तुरंत मौके पर भेजा गया और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए गए।
सलालाह बंदरगाह ओमान का एक महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार केंद्र है, जहां से ऊर्जा से जुड़ा बड़ा व्यापार संचालित होता है। इसी कारण इस घटना को क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते हमलों से चिंता
पश्चिम एशिया में हाल के दिनों में सैन्य गतिविधियां बढ़ने के साथ समुद्री मार्गों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों की घटनाएं भी बढ़ी हैं। रिपोर्टों के अनुसार ईरान ने हाल के दिनों में फारस की खाड़ी के आसपास कई वाणिज्यिक जहाजों और महत्वपूर्ण ठिकानों को चेतावनी दी है।
विश्लेषकों का मानना है कि ऊर्जा संसाधनों से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाए जाने से वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों और आपूर्ति व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ी है।
दुबई हवाई अड्डे के पास भी ड्रोन घटना
इससे पहले संयुक्त अरब अमीरात के दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास भी ड्रोन गिरने की घटना सामने आई थी। रिपोर्टों के अनुसार दो ड्रोन हवाई अड्डे के पास गिरे, जिससे कुछ लोग घायल हो गए थे। हालांकि हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन सामान्य रूप से जारी रहा।
दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा वैश्विक स्तर पर सबसे व्यस्त एयर ट्रांजिट केंद्रों में से एक है और लंबी दूरी की उड़ानों के लिए महत्वपूर्ण हब माना जाता है। इसलिए इस तरह की घटनाओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
समुद्री मार्गों पर बढ़ा खतरा
पिछले दिनों होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास भी तनावपूर्ण घटनाएं सामने आई हैं। ओमान के तट के पास एक मालवाहक जहाज पर मिसाइल गिरने की सूचना मिली, जिससे जहाज में आग लग गई। ओमान की नौसेना ने बचाव अभियान चलाकर जहाज के चालक दल के अधिकांश सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया, जबकि कुछ लोगों की तलाश जारी रही।
यह जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। दुनिया के कुल तेल परिवहन का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। इसलिए यहां किसी भी तरह की अस्थिरता का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।
क्षेत्रीय देशों की सुरक्षा प्रतिक्रिया
खाड़ी क्षेत्र के कई देशों ने हाल के हमलों के बाद अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। कुवैत ने बताया कि उसकी रक्षा प्रणाली ने कई ड्रोन को हवा में ही मार गिराया। वहीं सऊदी अरब ने भी अपने तेल क्षेत्र की ओर बढ़ रहे कुछ ड्रोन को निशाना बनाकर नष्ट करने की जानकारी दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऊर्जा प्रतिष्ठानों और समुद्री मार्गों को निशाना बनाए जाने से क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है। ऐसे हालात में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में आगे बढ़ती है।



