UPBoardResult – यूपी बोर्ड परीक्षाएं समाप्त, अप्रैल अंत तक आएंगे नतीजे
UPBoardResult – उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं गुरुवार को समाप्त होने के साथ ही अब छात्रों की निगाहें परिणाम पर टिक गई हैं। बोर्ड की ओर से संकेत दिए गए हैं कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 18 मार्च से शुरू होगा और यदि सब कुछ तय योजना के अनुसार चलता रहा तो अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक परिणाम जारी किया जा सकता है। इस वर्ष भी बोर्ड परिणाम आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in और upresults.nic.in पर जारी करेगा, जहां छात्र अपना रोल नंबर दर्ज करके नतीजे देख सकेंगे। प्रदेश भर में बड़ी संख्या में छात्रों ने परीक्षा दी है, इसलिए परिणाम को समय पर घोषित करने के लिए बोर्ड ने पहले से ही मूल्यांकन की विस्तृत तैयारी कर ली है।

मूल्यांकन प्रक्रिया की तैयारी और प्रशिक्षण
परीक्षाओं के खत्म होते ही बोर्ड ने कॉपियों की जांच के लिए व्यवस्थाएं तेज कर दी हैं। पूरे प्रदेश में करीब 250 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं, जहां 18 मार्च से उत्तर पुस्तिकाओं की जांच शुरू होगी। बोर्ड ने सभी केंद्रों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया है कि 17 मार्च को शिक्षकों को मूल्यांकन से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जाए ताकि जांच के दौरान किसी प्रकार की त्रुटि न हो। इसके अलावा जिन शिक्षकों की ड्यूटी मूल्यांकन कार्य में लगाई गई है, उन्हें 16 मार्च को अपने-अपने केंद्रों पर पहुंचकर उपस्थिति दर्ज करानी होगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कॉपियों की जांच एक समान मानकों के अनुसार हो और परिणाम तैयार करने में किसी तरह की गड़बड़ी न हो।
सीसीटीवी निगरानी में होगी कॉपियों की जांच
इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं। हर मूल्यांकन केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और जांच की पूरी प्रक्रिया की वेब कास्टिंग भी की जाएगी। इसका सीधा प्रसारण राज्य और जिला स्तर के कंट्रोल रूम से देखा जा सकेगा। बोर्ड का मानना है कि इस व्यवस्था से मूल्यांकन में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना कम होगी। इसके साथ ही केंद्रों पर निगरानी रखने के लिए विशेष अधिकारियों की भी तैनाती की जाएगी।
कितने शिक्षक करेंगे उत्तर पुस्तिकाओं की जांच
इस साल कॉपियों की जांच के लिए बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। बोर्ड के अनुसार कुल 1,53,530 शिक्षक मूल्यांकन कार्य में शामिल होंगे। हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए 4300 अंकेक्षक, 8550 उप प्रधान परीक्षक और 83,800 परीक्षक तैनात किए गए हैं। यानी दसवीं की कॉपियां जांचने के लिए कुल 96,650 शिक्षक काम करेंगे। वहीं इंटरमीडिएट की कॉपियों के मूल्यांकन के लिए 2590 अंकेक्षक, 5300 उप प्रधान परीक्षक और 48,990 परीक्षक लगाए गए हैं। इस तरह बारहवीं की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में कुल 56,880 शिक्षक शामिल होंगे।
स्टेप मार्किंग से छात्रों को मिलेगा फायदा
यूपी बोर्ड ने इस वर्ष मूल्यांकन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण नियम स्पष्ट किया है, जिससे छात्रों को फायदा मिलने की उम्मीद है। बोर्ड के अनुसार यदि कोई छात्र किसी प्रश्न का पूरा उत्तर सही नहीं लिख पाता लेकिन उसने समाधान की सही शुरुआत की है, तो उसे उसके अनुसार अंक दिए जाएंगे। इस व्यवस्था को स्टेप मार्किंग कहा जाता है। उदाहरण के तौर पर यदि किसी प्रश्न के पांच अंक हैं और छात्र तीन चरण तक सही हल करता है, तो उसे उन तीन चरणों के लिए अंक मिलेंगे। इससे उन छात्रों को राहत मिलेगी जो अंतिम चरण में छोटी गलती कर बैठते हैं। इस प्रणाली का उपयोग पहले से कुछ राष्ट्रीय बोर्डों में किया जाता रहा है।
भाषा विषयों में ही होगी वर्तनी की जांच
मूल्यांकन के दौरान परीक्षकों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे कॉपियों की जांच करते समय जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखें। हिंदी, अंग्रेजी या अन्य भाषा विषयों में ही वर्तनी और मात्राओं की शुद्धता देखी जाएगी। गणित और विज्ञान जैसे विषयों में मुख्य ध्यान समाधान की प्रक्रिया और चरणों पर रहेगा। यदि छात्र ने उत्तर पुस्तिका के बाएं पृष्ठ पर भी उत्तर लिखा है, तो उसका भी उचित मूल्यांकन किया जाएगा। बोर्ड ने परीक्षकों से यह भी कहा है कि जांच के दौरान अनावश्यक कठोरता से बचें और छात्रों की मेहनत को ध्यान में रखते हुए अंक दें।
डिजिटल मूल्यांकन से तेज होगी परिणाम प्रक्रिया
यूपी बोर्ड अब मूल्यांकन प्रणाली को अधिक तकनीकी बनाने की दिशा में भी काम कर रहा है। इसके तहत उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करके सर्वर पर अपलोड किया जाएगा और शिक्षक लॉग-इन करके डिजिटल माध्यम से उनका मूल्यांकन करेंगे। इस व्यवस्था से अंकों को जोड़ने या किसी प्रश्न को बिना जांचे छोड़ देने जैसी त्रुटियों की संभावना कम हो जाएगी। साथ ही अंक सीधे बोर्ड के डेटाबेस में दर्ज होंगे, जिससे परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया तेज हो सकेगी।
इंटरमीडिएट छात्रों के लिए नई सुधार परीक्षा योजना
बारहवीं कक्षा के छात्रों के लिए भी इस बार एक नई व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। इंटरमीडिएट में पंजीकृत लगभग 25,76,082 छात्रों को पहली बार सुधार परीक्षा का अवसर मिल सकता है। बोर्ड ने शासन को प्रस्ताव भेजा है कि पांच विषयों में से किसी एक विषय में छात्र सुधार परीक्षा देकर अपना प्रदर्शन बेहतर कर सकें। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो इससे उन छात्रों को राहत मिलेगी जो किसी एक विषय में कम अंक आने के कारण बेहतर परिणाम हासिल नहीं कर पाते।
रिजल्ट कैसे देख सकेंगे छात्र
परिणाम घोषित होने के बाद छात्र आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इसके लिए प्रक्रिया सरल रखी गई है।
- सबसे पहले upmsp.edu.in वेबसाइट पर जाएं।
- होमपेज पर 10वीं या 12वीं रिजल्ट लिंक चुनें।
- अपना रोल नंबर और जन्म तिथि दर्ज करें।
- स्क्रीन पर परिणाम दिखाई देगा।
- भविष्य के लिए रिजल्ट डाउनलोड या प्रिंट किया जा सकता है।



