VodafoneIdea – बाजार गिरावट के बीच कंपनी के शेयरों में कमजोरी, फंडिंग की तैयारी
VodafoneIdea – घरेलू शेयर बाजार में आई गिरावट का असर टेलीकॉम क्षेत्र के शेयरों पर भी दिखाई दिया। गुरुवार, 12 मार्च को वोडाफोन आइडिया के शेयरों में लगभग चार प्रतिशत तक की कमजोरी दर्ज की गई। कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर नीचे फिसलकर दिन के निचले स्तर के करीब पहुंच गया। बाजार में यह गिरावट उस समय देखने को मिली जब प्रमुख सूचकांक भी दबाव में थे। हालांकि इस बीच कंपनी की ओर से अगले सप्ताह अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के साथ बैठक की योजना की जानकारी सामने आई है, जिसे संभावित फंड जुटाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।

कारोबार के दौरान शेयर में आई गिरावट
बीएसई में ट्रेडिंग के दौरान वोडाफोन आइडिया का शेयर करीब 3.7 प्रतिशत तक टूट गया। यह 9.71 रुपये के पिछले बंद स्तर से गिरकर लगभग 9.35 रुपये के आसपास पहुंच गया। पिछले वर्षों के मुकाबले देखें तो कंपनी के शेयरों में लंबी अवधि में काफी गिरावट दर्ज की गई है। एक समय ऐसा भी था जब अप्रैल 2015 में आइडिया सेल्युलर का शेयर लगभग 118.96 रुपये के स्तर पर था, जबकि अब यह करीब 10 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखाई दे रहा है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार व्यापक बाजार में आई कमजोरी और निवेशकों की सतर्कता का असर इस शेयर पर भी पड़ा है।
अंतरराष्ट्रीय निवेशकों से मुलाकात की योजना
कंपनी ने हाल ही में शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि वह जल्द ही कुछ वैश्विक संस्थागत निवेशकों से मुलाकात करने जा रही है। योजना के अनुसार 16 मार्च को सिंगापुर और 17 मार्च को हांगकांग में संभावित निवेशकों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी। हालांकि इन बैठकों के एजेंडे के बारे में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि कंपनी नई फंडिंग के अवसर तलाशने की कोशिश कर सकती है। टेलीकॉम क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और नेटवर्क विस्तार की जरूरत को देखते हुए अतिरिक्त पूंजी जुटाना कंपनी की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
बड़े निवेश की योजना पहले ही घोषित
इससे पहले जनवरी में कंपनी ने अपने नेटवर्क विस्तार और सेवा सुधार के लिए बड़े निवेश की योजना का खुलासा किया था। कंपनी ने अपनी नई रणनीति के तहत करीब 45,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय कार्यक्रम की घोषणा की है। इस योजना का उद्देश्य अगले तीन वर्षों में राजस्व वृद्धि को गति देना और परिचालन लाभ को मजबूत करना है। साथ ही कंपनी ग्राहक आधार में भी लगातार बढ़ोतरी करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
बैंक फंडिंग और अन्य वित्तीय व्यवस्था
रिपोर्टों के अनुसार इस पूंजीगत निवेश को समर्थन देने के लिए कंपनी विभिन्न वित्तीय स्रोतों से धन जुटाने की योजना बना रही है। इसमें लगभग 25,000 करोड़ रुपये तक की बैंक फंडिंग और करीब 10,000 करोड़ रुपये की नॉन-फंड सुविधाएं शामिल हो सकती हैं। कंपनी का मानना है कि इस निवेश से उसके नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में मदद मिलेगी और सेवा गुणवत्ता में सुधार होगा। पिछले कुछ समय में कंपनी नेटवर्क विस्तार और तकनीकी उन्नयन पर लगातार निवेश बढ़ा रही है।
नेटवर्क निवेश में लगातार बढ़ोतरी
यदि प्रस्तावित निवेश योजना को पिछले खर्च के साथ जोड़ा जाए तो कंपनी का कुल नेटवर्क निवेश काफी बड़ा हो सकता है। रिपोर्ट के अनुसार पिछले छह तिमाहियों में कंपनी लगभग 18,000 करोड़ रुपये का निवेश कर चुकी है। नए प्रस्तावित निवेश को शामिल करने पर करीब साढ़े चार वर्षों की अवधि में कुल नेटवर्क निवेश 60,000 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। इससे कंपनी की सेवाओं को मजबूत करने और प्रतिस्पर्धी बाजार में अपनी स्थिति बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है।
हाल में जुटाई गई अतिरिक्त पूंजी
वित्तीय मजबूती के लिए कंपनी ने हाल के महीनों में कुछ अन्य कदम भी उठाए हैं। चालू वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही के दौरान कंपनी ने अपनी एक सहायक इकाई के माध्यम से नॉन-कनवर्टेबल डिबेंचर के जरिए करीब 3,300 करोड़ रुपये की राशि जुटाई थी। कंपनी के जारी बयान के अनुसार 31 दिसंबर तक बैंकों के प्रति उसका लगभग 1,126 करोड़ रुपये का बकाया था। इन वित्तीय व्यवस्थाओं का उद्देश्य नेटवर्क विस्तार और परिचालन गतिविधियों के लिए संसाधन उपलब्ध कराना है।



