JharkhandCabinet – राज्य कैबिनेट ने सिटी टूरिस्ट टैक्स सहित 40 प्रस्तावों को दी मंजूरी
JharkhandCabinet – झारखंड में गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के विकास और प्रशासन से जुड़े 40 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में पर्यटन, शिक्षा, शहरी विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई अहम कदम शामिल हैं। कैबिनेट के निर्णयों में सबसे अधिक चर्चा उस प्रस्ताव की हो रही है जिसके तहत राज्य के शहरी क्षेत्रों में ठहरने वाले पर्यटकों से सिटी टूरिस्ट टैक्स वसूला जाएगा। इसके अलावा रेलवे स्टेशन के नाम परिवर्तन, नई लाइब्रेरी निर्माण और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के विकास से जुड़े प्रस्ताव भी स्वीकृत किए गए।

शहरी होटलों में ठहरने पर देना होगा सिटी टूरिस्ट टैक्स
कैबिनेट सचिव वंदना डडेल ने बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार ने झारखंड शहरी पर्यटन कर नियम, 2025 को मंजूरी दे दी है। इस व्यवस्था के तहत राज्य में आने वाले घरेलू पर्यटकों को किसी भी होटल में ठहरने पर अपने कुल बिल का एक निश्चित प्रतिशत कर के रूप में देना होगा।
उन्होंने बताया कि जिन होटलों में जीएसटी लागू नहीं है या जहां कर की दर कम है, वहां पर्यटकों से 2 प्रतिशत कर लिया जाएगा। वहीं जिन होटलों में जीएसटी की दर 18 प्रतिशत से कम है, वहां यह कर 2.5 प्रतिशत होगा। जिन होटलों में जीएसटी की दर 18 प्रतिशत या उससे अधिक है, वहां पर्यटकों से 5 प्रतिशत तक का शुल्क लिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे पर्यटन ढांचे को बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाए जा सकेंगे।
विदेशी पर्यटकों के लिए अलग टैक्स व्यवस्था
सरकार ने विदेशी पर्यटकों के लिए अलग कर व्यवस्था तय की है। कैबिनेट सचिव के अनुसार, यदि विदेशी पर्यटक गैर-जीएसटी होटल में ठहरते हैं तो उन्हें 4 प्रतिशत कर देना होगा। जिन होटलों में जीएसटी की दर 18 प्रतिशत से कम है वहां 5 प्रतिशत शुल्क लागू होगा। वहीं 18 प्रतिशत या उससे अधिक जीएसटी वाले होटलों में विदेशी पर्यटकों से 10 प्रतिशत तक कर लिया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इस नीति का उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए संसाधन जुटाना और शहरी पर्यटन ढांचे को मजबूत बनाना है।
डाल्टनगंज रेलवे स्टेशन का नाम अब मेदिनीनगर
कैबिनेट ने पलामू जिले के ऐतिहासिक डाल्टनगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर मेदिनीनगर रेलवे स्टेशन करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। इस संबंध में केंद्र सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के बाद राज्य मंत्रिमंडल ने इस फैसले पर अंतिम मुहर लगाई।
स्थानीय स्तर पर लंबे समय से इस नाम परिवर्तन की मांग की जा रही थी। सरकार का कहना है कि इससे क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान को और मजबूती मिलेगी।
23 जिलों में आधुनिक लाइब्रेरी बनाने की योजना
मंत्रिमंडल ने राज्य के 23 जिलों में अत्याधुनिक लाइब्रेरी स्थापित करने के लिए 276.49 करोड़ रुपये के कोष को भी स्वीकृति दी है। प्रस्ताव के तहत ऐसे पुस्तकालय बनाए जाएंगे जिनमें लगभग 800 लोगों के बैठने की क्षमता होगी।
इन लाइब्रेरी में आधुनिक फर्नीचर, डिजिटल संसाधन, अध्ययन सामग्री और विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार के अनुसार, प्रत्येक लाइब्रेरी के निर्माण पर लगभग 12.02 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस पहल का उद्देश्य छात्रों और युवाओं के लिए बेहतर अध्ययन वातावरण तैयार करना है।
पीएम आवास योजना शहरी 2.0 लागू करने का फैसला
कैबिनेट ने राज्य के शहरी क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 को लागू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत शहरी गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।
इसके अलावा पूर्वी सिंहभूम जिले में ड्राइविंग, प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान की स्थापना के लिए लगभग 22 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस परियोजना में केंद्र सरकार, निजी क्षेत्र और राज्य सरकार मिलकर वित्तीय योगदान देंगे।
बीआईटी सिंदरी में स्थापित होंगे उत्कृष्टता केंद्र
धनबाद स्थित बीआईटी सिंदरी में चार उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने का निर्णय भी मंत्रिमंडल ने लिया है। इन केंद्रों का संचालन बीआईटी सिंदरी इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर फाउंडेशन द्वारा किया जाएगा।
सरकार के अनुसार, अगले पांच वर्षों में इन केंद्रों के विकास और संचालन पर करीब 38.58 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इनका उद्देश्य तकनीकी शिक्षा, शोध और नवाचार को बढ़ावा देना है।
शिक्षा संस्थानों के विकास से जुड़े फैसले
कैबिनेट ने राज्य के कई कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के लिए नई इमारतों के निर्माण को भी मंजूरी दी। रांची यूनिवर्सिटी के अंतर्गत एसएस मेमोरियल कॉलेज के लिए 48 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति दी गई है।
इसके साथ ही कोल्हान यूनिवर्सिटी के अंतर्गत चक्रधरपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू कॉलेज के लिए लगभग 88.92 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। गोड्डा जिले में सिद्धू कान्हू मुर्मू यूनिवर्सिटी के अंतर्गत एक महिला कॉलेज और बोआरीजोर में एक डिग्री कॉलेज के निर्माण को भी मंजूरी दी गई।
छात्रवृत्ति योजना में किया गया विस्तार
मंत्रिपरिषद ने मानकी मुंडा स्टूडेंट स्कॉलरशिप स्कीम में संशोधन को भी स्वीकृति दी है। पहले यह योजना झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी से जुड़े तकनीकी संस्थानों के छात्रों तक सीमित थी।
अब इस योजना का लाभ अन्य संस्थानों में तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रही छात्राओं को भी मिलेगा। इसके साथ ही आवेदन प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है ताकि अधिक से अधिक छात्राएं इसका लाभ उठा सकें।



