IsraelUSRelations – ट्रंप-नेतन्याहू बातचीत के बीच साथ-साथ दिखे युद्ध और कूटनीति
IsraelUSRelations – इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई बातचीत की जानकारी साझा करते हुए संकेत दिया कि युद्ध और कूटनीति दोनों रास्तों पर एक साथ काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच इस बात पर सहमति बनी है कि एक संभावित समझौते के जरिए मौजूदा सैन्य लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है, लेकिन इसके साथ ही इजरायल अपनी सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर कोई समझौता नहीं करेगा।

बातचीत के साथ सैन्य कार्रवाई जारी
नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर बताया कि अमेरिका के साथ तालमेल बनाकर रणनीतिक फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इजरायल ईरान और लेबनान में अपने सैन्य अभियानों को जारी रखे हुए है। उनके मुताबिक, इन अभियानों का उद्देश्य मिसाइल और परमाणु क्षमताओं को सीमित करना है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है और हाल के दिनों में कुछ अहम लक्ष्य साधे गए हैं।
ट्रंप ने हमलों पर अस्थायी रोक का संकेत दिया
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ईरान के ऊर्जा ढांचे पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए टालने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि यह कदम जारी कूटनीतिक प्रयासों को मौका देने के लिए उठाया गया है। ट्रंप के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच बातचीत के कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं, हालांकि इस पर अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।
संघर्ष का व्यापक असर जारी
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा यह संघर्ष अब कई हफ्तों से जारी है और इसके प्रभाव वैश्विक स्तर पर महसूस किए जा रहे हैं। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों पर दबाव और हवाई यातायात में जोखिम जैसी चुनौतियां सामने आई हैं। इस बीच दोनों पक्षों की ओर से रणनीतिक बयानबाजी भी जारी है, जिससे स्थिति और जटिल होती जा रही है।
संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव पर चर्चा
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी इस मुद्दे को लेकर सक्रियता बढ़ी है। बहरीन द्वारा पेश एक प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित और निर्बाध नौवहन सुनिश्चित करने की बात कही गई है। प्रस्ताव में सदस्य देशों को आवश्यक कदम उठाने का अधिकार देने की बात शामिल है, ताकि समुद्री मार्गों में किसी तरह की बाधा न आए।
नौवहन सुरक्षा और संभावित कार्रवाई
इस मसौदे में यह भी सुझाव दिया गया है कि अगर कोई देश अंतरराष्ट्रीय नौवहन को बाधित करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। इसमें क्षेत्रीय जल क्षेत्रों में भी कार्रवाई की अनुमति देने जैसे प्रावधान शामिल हैं। साथ ही, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रतिबंध लगाने की बात भी कही गई है।
प्रस्ताव पर अनिश्चितता बनी हुई
हालांकि सुरक्षा परिषद में इस प्रस्ताव के पारित होने को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। स्थायी सदस्यों के पास वीटो अधिकार होने के कारण किसी भी निर्णय पर सहमति बनना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। इसके बावजूद, अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस दिशा में समाधान तलाशने की कोशिश कर रहा है, ताकि क्षेत्र में स्थिरता लाई जा सके।



