राष्ट्रीय

Rehabilitation – मणिपुर में राहत शिविर बंद, शुरू हुई विस्थापितों की घर वापसी

Rehabilitation – मणिपुर के काकचिंग जिले से लंबे समय बाद एक सकारात्मक खबर सामने आई है। प्रशासन ने आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के पुनर्वास अभियान को आगे बढ़ाते हुए मंगलवार को नौ राहत शिविरों को बंद कर दिया। इन शिविरों में रह रहे अधिकांश लोगों को उनके स्थायी आवासों की ओर वापस भेजा गया है, जिससे इलाके में सामान्य स्थिति बहाल करने की कोशिशों को बल मिला है।

manipur relief camps closure rehabilitation update

राहत शिविरों से घर वापसी की प्रक्रिया
प्रशासन ने शुरुआत में जिले के कुल 11 राहत शिविरों को बंद करने का लक्ष्य तय किया था, जहां करीब 750 लोग अस्थायी रूप से रह रहे थे। अब तक नौ शिविर बंद किए जा चुके हैं, जबकि बाकी दो शिविरों में अभी भी लगभग 200 लोग मौजूद हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी लोगों को एक साथ स्थानांतरित करना आसान नहीं है, क्योंकि इसमें सुरक्षा, आवास और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता जैसी कई चुनौतियां शामिल हैं।
काकचिंग के नोडल अधिकारी के अनुसार, पुनर्वास की प्रक्रिया केवल लोगों को भेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें सुरक्षित और स्थिर जीवन उपलब्ध कराना भी उतना ही जरूरी है। इसलिए इस काम को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है।

पुनर्वास अभियान की चुनौतियां और प्रयास
स्थानीय प्रशासन का मानना है कि विस्थापितों को उनके मूल स्थानों पर बसाना एक जटिल और समय लेने वाली प्रक्रिया है। कई परिवारों के घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जबकि कुछ इलाकों में बुनियादी ढांचा अभी भी पूरी तरह बहाल नहीं हो पाया है। ऐसे में हर परिवार के लिए उपयुक्त व्यवस्था करना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि सरकार इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए संसाधनों और योजनाओं पर लगातार काम कर रही है। हालांकि, जमीनी हालात को देखते हुए इसमें कुछ समय लगना स्वाभाविक माना जा रहा है।

सरकार के लक्ष्य और अब तक की प्रगति
काकचिंग में चल रहा यह अभियान किसी एक जिले में शुरू किया गया दूसरा बड़ा पुनर्वास प्रयास है। इससे पहले बिष्णुपुर जिले में भी इसी तरह का अभियान चलाया गया था, जहां 257 लोगों को सफलतापूर्वक पुनर्वासित किया गया था।
सरकार ने 31 मार्च तक 10,000 से अधिक विस्थापित परिवारों, यानी करीब 40,000 लोगों को उनके घरों में बसाने का लक्ष्य रखा है। दिसंबर 2025 तक 2,200 परिवारों का पुनर्वास पूरा किया जा चुका था, जो इस दिशा में हुई प्रगति को दर्शाता है।
इसके साथ ही, जिन परिवारों के घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उनके लिए विशेष PMAY-G योजना के तहत लगभग 7,000 नए घरों को मंजूरी दी गई है। इन मकानों का निर्माण अलग-अलग चरणों में जारी है, जिससे प्रभावित परिवारों को स्थायी राहत मिल सके।

सुरक्षा बलों की कार्रवाई और गिरफ्तारियां
इसी बीच, राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के तहत पुलिस और सुरक्षा बलों ने कार्रवाई तेज कर दी है। मंगलवार को जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, थौबल और काकचिंग जिलों में जबरन वसूली से जुड़े मामलों में तीन उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है।
इन गिरफ्तारियों में दो सदस्य पीपुल्स लिबरेशन आर्मी से जुड़े बताए जा रहे हैं, जिन्हें थौबल जिले से पकड़ा गया। वहीं काकचिंग से कांगलेइपाक कम्युनिस्ट पार्टी (पीडब्ल्यूजी गुट) के एक सक्रिय सदस्य को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस का कहना है कि इस तरह की कार्रवाइयों का उद्देश्य क्षेत्र में कानून व्यवस्था को बनाए रखना और आम लोगों के बीच भरोसा कायम करना है।

मणिपुर में चल रही ये पहलें संकेत देती हैं कि प्रशासन एक ओर जहां विस्थापितों को उनके घरों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.