उत्तराखण्ड

CharDhamYatra – भ्रामक जानकारी फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

CharDhamYatra – उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए नई गाइडलाइन जारी की है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि यात्रा से जुड़ी गलत या भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पर्यटन विभाग का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट सूचनाएं श्रद्धालुओं को भ्रमित करती हैं और व्यवस्था पर भी असर डालती हैं, इसलिए इस पर नजर रखना जरूरी हो गया है।

chardham yatra misinformation action warning

सोशल मीडिया गतिविधियों पर कड़ी निगरानी

जारी निर्देशों के मुताबिक, यात्रा से जुड़े किसी भी तरह के भ्रामक संदेश, वीडियो या पोस्ट साझा करने वालों पर नजर रखी जाएगी। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत जानकारी फैलाता पाया गया, तो उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इससे अफवाहों पर रोक लगेगी और यात्रियों को सही जानकारी मिल सकेगी।

साइबर धोखाधड़ी पर विशेष ध्यान

चारधाम यात्रा के दौरान ऑनलाइन ठगी के मामलों को देखते हुए साइबर सुरक्षा पर भी जोर दिया गया है। विशेष रूप से फर्जी वेबसाइटों के जरिए हेलीकॉप्टर टिकट बुकिंग से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। ऐसे मामलों की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर और ईमेल आईडी जारी किए गए हैं, ताकि पीड़ित तुरंत सूचना दे सकें और कार्रवाई हो सके।

यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच जरूरी

पर्यटन विभाग ने श्रद्धालुओं को यात्रा से पहले स्वास्थ्य संबंधी तैयारियां करने की सलाह दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम और वातावरण अलग होता है, जहां ऑक्सीजन का स्तर कम और तापमान ठंडा होता है। ऐसे में यात्रियों को पहले से स्वास्थ्य जांच कराने, नियमित हल्का व्यायाम करने और पैदल चलने की आदत डालने की सलाह दी गई है। खासकर अधिक उम्र के लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।

टोकन प्रणाली से होगा दर्शन

यात्रा के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए टोकन व्यवस्था लागू की गई है। पंजीकरण के बाद श्रद्धालुओं को निर्धारित स्थानों से टोकन दिए जाएंगे, जिससे दर्शन की प्रक्रिया सुव्यवस्थित हो सके। विभिन्न धामों के लिए अलग-अलग स्थानों पर सत्यापन और टोकन वितरण की व्यवस्था की गई है, जिससे अनावश्यक भीड़भाड़ से बचा जा सके।

डिजिटल व्यवस्था से बढ़ेगी पारदर्शिता

ऑफलाइन पंजीकरण कराने वाले यात्रियों को भी अब यूनिक क्यूआर कोड वाली आईडी दी जा रही है। इसे आधार और बायोमेट्रिक सत्यापन से जोड़ा गया है, जिससे यात्रा व्यवस्था अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बन सके। इससे प्रशासन को यात्रियों की संख्या और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने में भी आसानी होगी।

आपदा अलर्ट के लिए मोबाइल एप

प्राकृतिक आपदाओं की आशंका को देखते हुए यात्रियों को मोबाइल एप का उपयोग करने की सलाह दी गई है। यह एप रियल टाइम अलर्ट देता है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में समय रहते जानकारी मिल सके। प्रशासन का कहना है कि इससे यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत किया जा सकता है।

सहयोग से ही संभव सुचारु संचालन

पर्यटन विभाग ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें और अफवाहों से दूर रहें। विभाग का मानना है कि प्रशासन और यात्रियों के सहयोग से ही चारधाम यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सकता है।

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