StockMarket – एचसीएल टेक के शेयरों में तेज गिरावट, ब्रोकरेज ने घटाए लक्ष्य
StockMarket – आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयर बुधवार को बाजार खुलते ही दबाव में नजर आए। शुरुआती कारोबार में ही कंपनी के स्टॉक में तेज गिरावट दर्ज की गई और यह 9 प्रतिशत से ज्यादा फिसलकर 1301.60 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। पिछले कारोबारी दिन यह शेयर 1441.55 रुपये पर बंद हुआ था, ऐसे में एक ही दिन में करीब 140 रुपये की गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

कमजोर संकेतों के बीच निवेशकों की सतर्कता बढ़ी
मार्च 2026 तिमाही के नतीजों के बाद बाजार में कंपनी को लेकर धारणा थोड़ी कमजोर हुई है। हालांकि कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 4 प्रतिशत बढ़कर 4488 करोड़ रुपये रहा, लेकिन यह वृद्धि बाजार की अपेक्षाओं के मुकाबले संतोषजनक नहीं मानी जा रही। इसी कारण निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया और शेयरों में बिकवाली देखने को मिली।
रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद दबाव कायम
कंपनी की आय में वृद्धि जरूर दर्ज की गई है। मार्च तिमाही में एचसीएल टेक्नोलॉजीज का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 12.34 प्रतिशत बढ़कर 33,981 करोड़ रुपये पहुंच गया। इसके बावजूद बाजार का फोकस मार्जिन, भविष्य के ऑर्डर और गाइडेंस पर रहा, जो अपेक्षाकृत कमजोर संकेत दे रहे हैं। यही वजह रही कि सकारात्मक आंकड़ों के बावजूद शेयरों में गिरावट थमती नहीं दिखी।
ब्रोकरेज हाउस ने घटाए टारगेट प्राइस
कंपनी के तिमाही प्रदर्शन के बाद कई प्रमुख ब्रोकरेज हाउस ने अपने अनुमान संशोधित किए हैं। इनक्रेड ने शेयर की रेटिंग घटाकर ‘Reduce’ कर दी है और टारगेट प्राइस 1616 रुपये से घटाकर 1275 रुपये कर दिया है। वहीं, नुवामा ने भी अपना रुख बदला है। पहले ‘Buy’ रेटिंग देने वाली इस फर्म ने अब ‘Hold’ की सलाह दी है और लक्ष्य मूल्य 1550 रुपये से घटाकर 1400 रुपये कर दिया है।
वैश्विक ब्रोकरेज का मिला-जुला रुख
विदेशी ब्रोकरेज फर्मों ने भी सतर्कता दिखाई है। HSBC ने शेयर पर ‘Hold’ रेटिंग बरकरार रखते हुए लक्ष्य मूल्य 1560 रुपये से घटाकर 1480 रुपये कर दिया है। जेपी मॉर्गन ने ‘Neutral’ रुख बनाए रखते हुए टारगेट 1419 रुपये से घटाकर 1370 रुपये कर दिया। हालांकि, नोमुरा ने कंपनी पर भरोसा बनाए रखा है और ‘Buy’ रेटिंग जारी रखते हुए टारगेट 1700 रुपये से घटाकर 1600 रुपये कर दिया है।
डिविडेंड की घोषणा से मिला सीमित सहारा
कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रति शेयर 24 रुपये के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। आमतौर पर डिविडेंड की घोषणा निवेशकों को आकर्षित करती है, लेकिन इस बार बाजार की नजर भविष्य की कमाई और ग्रोथ संभावनाओं पर ज्यादा रही, जिससे इसका असर सीमित रहा।
लंबी अवधि में भी कमजोर प्रदर्शन
अगर शेयर के प्रदर्शन पर नजर डालें तो इस साल अब तक इसमें 20 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट दर्ज की जा चुकी है। वहीं, पिछले छह महीनों में भी स्टॉक करीब 15 प्रतिशत तक टूट चुका है। यह गिरावट बताती है कि आईटी सेक्टर में वैश्विक अनिश्चितता और डिमांड को लेकर चिंता अब भी बनी हुई है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में आईटी कंपनियों के लिए चुनौतियां बनी रह सकती हैं। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय कंपनी की गाइडेंस, ऑर्डर बुक और वैश्विक आर्थिक संकेतों पर नजर रखनी चाहिए। मौजूदा स्थिति में स्टॉक में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।