Census2027 – उत्तर प्रदेश में जनगणना तैयारियों को लेकर प्रशासन सक्रिय
Census2027 – उत्तर प्रदेश में आगामी जनगणना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में मुख्य सचिव ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर कई अहम निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि जनगणना जैसे बड़े और संवेदनशील कार्य को पूरी जिम्मेदारी के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। इसके लिए हर स्तर पर समन्वय और निगरानी को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया है।

पहले चरण की समयसीमा तय
प्रशासन के अनुसार जनगणना का पहला चरण, जिसमें घरों की सूची और आवास से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी, मई के अंत से जून के मध्य तक चलेगा। इससे पहले संबंधित कर्मचारियों का प्रशिक्षण पूरा करना अनिवार्य बताया गया है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि प्रशिक्षण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अनुपस्थित रहने वालों पर कार्रवाई होगी।
प्रशिक्षण और निगरानी पर विशेष ध्यान
जनगणना प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए एनुमरेटर्स और सुपरवाइजर्स की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इनके प्रशिक्षण कार्यक्रम को समय पर पूरा करने के लिए अलग-अलग स्तर पर निगरानी की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही डिजिटल पोर्टल के माध्यम से कार्य की प्रगति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की देरी या समस्या को तुरंत दूर किया जा सके।
स्व-गणना को बढ़ावा देने की पहल
इस बार जनगणना में आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा भी दी जा रही है। नागरिक स्वयं पोर्टल पर जाकर अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। प्रशासन का मानना है कि इससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सटीक होगी। लोगों को इसके लिए जागरूक करने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाने की योजना बनाई गई है।
जनजागरूकता के लिए डिजिटल माध्यम
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जनगणना से जुड़े संदेशों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग किया जाए। छोटे वीडियो, चित्र और अन्य सामग्री के माध्यम से लोगों को इस प्रक्रिया के महत्व के बारे में बताया जाएगा। इसके साथ ही जिला और मंडल स्तर पर संचार के लिए अलग-अलग समूह बनाकर समस्याओं के त्वरित समाधान पर भी जोर दिया गया है।
जिला स्तर पर कंट्रोल रूम की व्यवस्था
जनगणना कार्य को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए जिला स्तर पर विशेष कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से सभी गतिविधियों की निगरानी की जाएगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत निर्णय लिया जाएगा। खासतौर पर शहरी क्षेत्रों में लोगों को ऑनलाइन प्रक्रिया से जोड़ने के लिए हेल्पलाइन की व्यवस्था भी की जाएगी।
प्रगति और तैयारी की स्थिति
अधिकारियों के अनुसार राज्य के कई जिलों में मैपिंग का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, जबकि कुछ जिलों में अंतिम चरण में है। बड़ी संख्या में कर्मचारियों का प्रशिक्षण जारी है, जिसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही जनगणना के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो सके।
समन्वय के साथ आगे बढ़ती प्रक्रिया
जनगणना जैसे व्यापक कार्य के लिए विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बेहद जरूरी है। प्रशासन ने इस दिशा में भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित अधिकारी मिलकर काम करें और किसी भी समस्या का समाधान तुरंत करें। आने वाले समय में यह प्रक्रिया किस तरह लागू होती है, इस पर राज्यभर की नजर बनी हुई है।