राष्ट्रीय

WestBengalElection – दूसरे चरण से पहले मोदी ने घुसपैठ पर लिया कड़ा संदेश

WestBengalElection – पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक चुनावी रैली के दौरान घुसपैठ के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जो लोग अवैध रूप से देश में रह रहे हैं, उन्हें चुनाव के अगले चरण से पहले स्वयं देश छोड़ देना चाहिए, अन्यथा चुनाव परिणाम आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। इस बयान के साथ उन्होंने राज्य की सियासत में सुरक्षा और पहचान के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।

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तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला

रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा। उनका आरोप था कि राज्य में शासन व्यवस्था कमजोर हो चुकी है और छोटे स्तर के नेता भी खुद को प्रभावशाली मानकर मनमानी कर रहे हैं। उन्होंने इसे कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बताया और कहा कि राज्य को ऐसी स्थिति से बाहर निकालने की जरूरत है। उन्होंने मतदाताओं से भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील करते हुए बदलाव का भरोसा दिलाया।

महिला सुरक्षा और न्याय का मुद्दा

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में महिलाओं की सुरक्षा का विषय भी उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराधों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ हालिया घटनाओं ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है। भाजपा द्वारा कुछ पीड़ित परिवारों से जुड़े लोगों को चुनाव में उम्मीदवार बनाए जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे पार्टी की प्रतिबद्धता का उदाहरण बताया।

नागरिकता और समुदायों को आश्वासन

अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने मतुआ समुदाय का भी उल्लेख किया और नागरिकता संशोधन कानून के जरिए उन्हें अधिकार देने की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि यह समुदाय लंबे समय से अपने अधिकारों की प्रतीक्षा कर रहा है और सरकार उनकी उम्मीदों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस बयान को चुनावी रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है, जहां विभिन्न समुदायों को साधने की कोशिश की जा रही है।

राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल

प्रधानमंत्री मोदी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में प्रशासनिक फैसलों पर नियंत्रण कमजोर हुआ है और कई मामलों में अदालतों को हस्तक्षेप करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए न्यायालयों की भूमिका बढ़ना चिंताजनक संकेत है। उनके अनुसार, यह स्थिति बताती है कि शासन तंत्र को मजबूती की आवश्यकता है।

स्वास्थ्य योजना लागू करने का वादा

उन्होंने यह भी घोषणा की कि यदि राज्य में भाजपा की सरकार बनती है, तो पहली ही कैबिनेट बैठक में आयुष्मान भारत योजना को लागू करने का निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी और गरीब परिवारों को राहत मिलेगी। इस वादे को उन्होंने जनकल्याण से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया।

किसानों और अर्थव्यवस्था का जिक्र

प्रधानमंत्री ने आलू किसानों की स्थिति का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि बिचौलियों की भूमिका के कारण किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था किसानों के हितों के खिलाफ है और इसमें सुधार की जरूरत है। उनके अनुसार, पारदर्शी व्यवस्था से ही किसानों को लाभ मिल सकता है।

राजनीतिक माहौल हुआ गरम

चुनाव के इस चरण से पहले दिए गए इन बयानों ने राज्य की राजनीति को और गर्म कर दिया है। जहां एक ओर भाजपा आक्रामक प्रचार के साथ आगे बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस भी अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुटी है। आने वाले चरणों में मतदाताओं का रुख किस दिशा में जाएगा, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

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