AnganwadiHonorarium – उत्तराखंड में आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय बढ़ाने की हुई घोषणा
AnganwadiHonorarium – उत्तराखंड में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लेकर सरकार ने अहम फैसला लेने के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान घोषणा की कि प्रदेश में कार्यरत 36 हजार से अधिक आंगनबाड़ी कर्मचारियों का मानदेय जल्द बढ़ाया जाएगा। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब कर्मचारियों के वेतन को लेकर लंबे समय से मांग उठ रही थी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से देख रही है और जल्द ही इस पर ठोस निर्णय लिया जाएगा।

विपक्ष के आरोपों पर सरकार का जवाब
विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष ने आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय और उनके साथ हो रहे व्यवहार को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों की मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पहले भी मानदेय बढ़ाया है और आगे भी कर्मचारियों के हित में कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है और इसी दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
महिला सशक्तीकरण पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि राज्य में महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं। उनका मानना है कि सरकार की नीतियों का ही परिणाम है कि महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने यह भरोसा दिलाया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाएगा।
मानदेय में पिछली बढ़ोतरी का उल्लेख
जानकारी के अनुसार, राज्य में आंगनबाड़ी कर्मियों का मानदेय आखिरी बार वर्ष 2021 में बढ़ाया गया था। उस समय कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि की गई थी, जिससे उन्हें कुछ राहत मिली थी। वर्तमान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की बड़ी संख्या प्रदेश में कार्यरत है, जो बच्चों और महिलाओं से जुड़ी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में अहम भूमिका निभाती हैं।
कर्मचारी संख्या और वर्तमान स्थिति
प्रदेश में हजारों की संख्या में आंगनबाड़ी कर्मी और सहायिकाएं तैनात हैं, जो विभिन्न केंद्रों पर सेवाएं दे रही हैं। इन कर्मचारियों को मिलने वाला मानदेय लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। ऐसे में सरकार की ओर से बढ़ोतरी का संकेत कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है।
महिला आरक्षण को लेकर सियासी हलचल
इसी सत्र के दौरान महिला आरक्षण को लेकर भी राजनीतिक माहौल गर्म रहा। राजधानी देहरादून में इस मुद्दे पर अलग-अलग राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी। एक ओर विपक्ष ने सरकार पर वादे पूरे न करने का आरोप लगाया, वहीं सत्तापक्ष ने अपने कदमों को महिला हित में बताया। दोनों पक्षों के बीच इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी तेज रही।
सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दलों ने महिला आरक्षण जैसे मुद्दों पर भी राजनीति की है। वहीं विपक्ष का कहना है कि सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए और महिलाओं को उनका अधिकार सुनिश्चित करना चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम के बीच आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय बढ़ाने की घोषणा ने चर्चा को नया मोड़ दे दिया है।