FoodSafety – चारधाम यात्रा के दौरान मिलावट और ओवरचार्जिंग पर सख्ती
FoodSafety – चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सेहत को प्राथमिकता देते हुए उत्तराखंड प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्ग पर स्थित होटल, ढाबे और खानपान से जुड़े सभी प्रतिष्ठानों की नियमित जांच की जाए। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रियों को शुद्ध भोजन मिले और उनसे तय कीमत से अधिक वसूली न की जाए। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा विभाग ने ज्वालापुर क्षेत्र में व्यापक जांच अभियान चलाया।

होटल और ढाबों पर लगातार निगरानी के निर्देश
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि चारधाम यात्रा के दौरान खानपान से जुड़ी किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए होटलों, रेस्टोरेंट और सड़क किनारे चल रहे ढाबों पर लगातार छापेमारी करने को कहा गया है। प्रशासन का मानना है कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है, ऐसे में गुणवत्ता और मूल्य दोनों पर नियंत्रण जरूरी है।
फल मंडी में चलाया गया सघन जांच अभियान
निर्देशों के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने ज्वालापुर की सराय रोड स्थित फल और सब्जी मंडी में निरीक्षण किया। इस अभियान में थोक और खुदरा विक्रेताओं की दुकानों की जांच की गई। अधिकारियों ने तरबूज, खरबूज, आम और केले जैसे फलों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बाजार में बिक रहे उत्पाद सुरक्षित हैं।
फलों की गुणवत्ता और रसायनों की जांच
जांच के दौरान टीम ने उन फलों के नमूने भी लिए, जिन्हें पकाने के लिए गैस या अन्य तरीकों का उपयोग किया जा रहा था। कुल आठ नमूने परीक्षण के लिए एकत्र किए गए और उन्हें आगे की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। शुरुआती स्तर पर यह पाया गया कि फलों को पकाने में किसी खतरनाक रसायन का इस्तेमाल नहीं किया गया है, जो एक राहत की बात है।
राइपेनिंग चैंबर और लेबलिंग नियमों की जांच
अधिकारियों ने फलों को पकाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे गैस चैंबरों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान कुछ कंपनियों द्वारा लेबलिंग नियमों का पालन न करने के मामले सामने आए। संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी कर उनसे जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन की प्राथमिकता
प्रशासन का कहना है कि चारधाम यात्रा जैसे बड़े आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोपरि है। इसलिए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई और मूल्य निर्धारण पर विशेष नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि किसी भी प्रतिष्ठान में मिलावट या अनियमितता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आगे भी जारी रहेगा निरीक्षण अभियान
खाद्य सुरक्षा विभाग ने संकेत दिए हैं कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और समय-समय पर विभिन्न क्षेत्रों में जांच की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि यात्रा के दौरान आने वाले हर श्रद्धालु को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध हो। इससे न केवल यात्रियों का भरोसा बढ़ेगा बल्कि प्रदेश की छवि भी बेहतर होगी।