उत्तर प्रदेश

TrafficUpdate – लखनऊ-कानपुर हाईवे पर बढ़ेगा टोल, सफर होगा महंगा

TrafficUpdate – उत्तर प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे सड़क नेटवर्क के बीच अब यात्रियों की जेब पर भी असर दिखने लगा है। राज्य में एक ओर जहां नए एक्सप्रेसवे और हाईवे बन रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इन सड़कों पर यात्रा की लागत भी बढ़ रही है। हाल ही में गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ यूपी देश में सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन गया है। इसी बीच लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-27) पर टोल दरों में वृद्धि का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसे मंजूरी मिलते ही लागू कर दिया जाएगा।

lucknow kanpur highway toll hike

नवाबगंज टोल प्लाजा पर बढ़ेगा शुल्क

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने लखनऊ-कानपुर मार्ग पर टोल बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रस्ताव के अनुसार नवाबगंज टोल प्लाजा पर सभी श्रेणियों के वाहनों से अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक यह बढ़ोतरी सड़क के चौड़ीकरण और उन्नयन कार्यों के चलते की जा रही है, जिससे यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम हो सके।

कार चालकों को देना होगा ज्यादा किराया

फिलहाल इस मार्ग पर कार, जीप और एसयूवी जैसे हल्के वाहनों के लिए एकतरफा टोल 95 रुपये है, जिसे बढ़ाकर 117 रुपये करने की तैयारी है। वहीं, 24 घंटे के भीतर वापसी करने पर अभी 145 रुपये चुकाने होते हैं, जो बढ़कर 167 रुपये हो जाएंगे। यानी हर यात्रा पर 22 रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा।

अन्य वाहनों के लिए नई दरें तय

टोल वृद्धि केवल निजी वाहनों तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यावसायिक वाहनों पर भी इसका असर पड़ेगा। हल्के व्यावसायिक वाहनों के लिए शुल्क 160 रुपये से बढ़ाकर 182 रुपये किया जाएगा। बस और ट्रक चालकों को 330 रुपये के बजाय अब 352 रुपये देने होंगे। तीन एक्सल वाले वाहनों के लिए यह दर 360 से बढ़कर 382 रुपये हो जाएगी। इसी तरह चार से छह एक्सल वाले वाहनों को 520 की जगह 542 रुपये और सात या उससे अधिक एक्सल वाले भारी वाहनों को 625 की बजाय 647 रुपये चुकाने होंगे।

सात किलोमीटर तक एक्सप्रेसवे रहेगा मुफ्त

एनएचएआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि अमौसी से दरोगा खेड़ा तक का लगभग सात किलोमीटर का हिस्सा अभी भी सभी वाहनों के लिए निशुल्क रहेगा। यानी यदि कोई वाहन इस सीमित दूरी तक एक्सप्रेसवे का उपयोग करता है और फिर एनएच-27 पर उतर जाता है, तो उसे अतिरिक्त टोल नहीं देना होगा। दरोगा खेड़ा से आगे बढ़ते ही टोल शुल्क लागू होगा।

गंगा एक्सप्रेसवे पर भी तय हुई टोल दरें

गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने के साथ ही इसकी टोल दरें भी घोषित कर दी गई हैं। मेरठ से प्रयागराज तक लगभग 594 किलोमीटर लंबी इस यात्रा के लिए कार चालकों को 1800 रुपये का टोल देना होगा। दोपहिया, तीनपहिया और पंजीकृत ट्रैक्टर के लिए यह शुल्क 905 रुपये तय किया गया है। हल्के वाणिज्यिक वाहनों के लिए 2840 रुपये, बस और ट्रक के लिए 5720 रुपये, जबकि भारी मशीनरी और मल्टी एक्सल वाहनों के लिए 8760 रुपये तक का शुल्क निर्धारित किया गया है। सात या उससे अधिक एक्सल वाले बड़े वाहनों को 11265 रुपये तक टोल देना होगा।

बेहतर सड़कों के साथ बढ़ती लागत

विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक और सुरक्षित सड़कें यात्रियों को बेहतर अनुभव देती हैं, लेकिन इसके साथ ही रखरखाव और निर्माण लागत की भरपाई के लिए टोल दरों में समय-समय पर वृद्धि की जाती है। यूपी में लगातार विकसित हो रहे सड़क नेटवर्क के चलते आने वाले समय में अन्य मार्गों पर भी इसी तरह के बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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