CatBehavior – वायरल हुई मरीजों की मौत से पहले संकेत देने वाली बिल्ली
CatBehavior – अमेरिका के रोड आइलैंड स्थित एक नर्सिंग होम में रहने वाली बिल्ली इन दिनों अपने असामान्य व्यवहार को लेकर चर्चा का विषय बनी हुई है। बताया जाता है कि यह बिल्ली उन मरीजों के पास जाकर बैठ जाती है जिनकी मौत बेहद करीब होती है। हैरानी की बात यह है कि कई मामलों में इसकी मौजूदगी के कुछ समय बाद ही संबंधित मरीज की मृत्यु हो गई। नर्सिंग होम के कर्मचारियों और डॉक्टरों ने भी वर्षों के अनुभव के आधार पर इस व्यवहार को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है।

नर्सिंग होम में पली-बढ़ी है बिल्ली
यह बिल्ली रोड आइलैंड के स्टीयर हाउस नर्सिंग एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर की डिमेंशिया यूनिट में रहती है। सफेद रंग की इस बिल्ली का नाम ऑस्कर बताया जाता है। इसे साल 2000 में थेरेपी प्रोग्राम के तहत यहां लाया गया था। शुरुआत में यह अन्य सामान्य पालतू जानवरों की तरह मरीजों के बीच घूमती रहती थी, लेकिन धीरे-धीरे स्टाफ ने इसके व्यवहार में एक खास पैटर्न नोटिस किया।
ऑस्कर अक्सर अलग-अलग कमरों में जाता रहता है, लेकिन जब किसी मरीज की हालत बेहद गंभीर होती है, तब वह उसके बिस्तर के पास लंबे समय तक बैठी रहती है। कई बार ऐसा भी देखा गया कि वह कमरे के बाहर बैठकर लगातार आवाज करती रही, मानो अंदर जाने की कोशिश कर रही हो।
डॉक्टरों ने भी दर्ज किए कई मामले
ब्राउन यूनिवर्सिटी के जराविज्ञानी डॉ. डेविड डोसा ने अपनी किताब में इस बिल्ली से जुड़े अनुभवों का जिक्र किया है। उनके अनुसार, ऑस्कर ने अब तक 100 से अधिक मामलों में ऐसी प्रतिक्रिया दिखाई, जहां कुछ समय बाद मरीज की मृत्यु हो गई। यही वजह है कि अस्पताल के कर्मचारी अब उसके व्यवहार को संकेत की तरह देखने लगे हैं।
डॉ. डोसा के मुताबिक, कई अवसरों पर स्टाफ ने बिल्ली को दूसरे कमरे में ले जाने की कोशिश की, लेकिन वह वापस उसी मरीज के पास लौट आई जिसकी हालत गंभीर थी। एक घटना में तो डॉक्टरों को मरीज की स्थिति सामान्य लग रही थी, लेकिन ऑस्कर उसके पास जाकर बैठ गई। बाद में उसी रात उस मरीज की मौत हो गई।
परिजनों को पहले से दी जाती है सूचना
नर्सिंग होम के कर्मचारियों का कहना है कि ऑस्कर के इस व्यवहार के कारण कई बार मरीजों के परिजनों को समय रहते सूचना दे दी जाती है। इससे परिवार के लोग अंतिम समय में अपने प्रियजनों के पास पहुंच पाते हैं। हालांकि, कुछ लोग इस घटना को देखकर घबरा भी जाते हैं, क्योंकि बिल्ली की मौजूदगी को अब वहां गंभीर संकेत के तौर पर देखा जाने लगा है।
स्टाफ का कहना है कि यह केवल अंधविश्वास का मामला नहीं है, क्योंकि वर्षों में ऐसे कई उदाहरण सामने आए हैं जिनमें बिल्ली का व्यवहार और मरीज की स्थिति एक-दूसरे से मेल खाते दिखाई दिए।
वैज्ञानिकों ने बताई संभावित वजह
विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ जानवर इंसानों के शरीर में होने वाले सूक्ष्म बदलावों को सामान्य लोगों से पहले महसूस कर लेते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, मौत के करीब पहुंच रहे व्यक्ति के शरीर में तापमान, मेटाबोलिज्म और रासायनिक प्रक्रियाओं में बदलाव आने लगते हैं। जानवर अपनी तेज सूंघने और संवेदनशील प्रतिक्रिया क्षमता के कारण इन परिवर्तनों को पहचान सकते हैं।
वैज्ञानिक यह भी बताते हैं कि बिल्लियों और कुत्तों में इंसानी शरीर से निकलने वाले विशेष गंध संकेतों को समझने की क्षमता अधिक होती है। इसी वजह से कई बार वे बीमारी, तनाव या अन्य शारीरिक बदलावों को पहले ही महसूस कर लेते हैं।
रहस्य बना हुआ है ऑस्कर का व्यवहार
हालांकि, अब तक इस व्यवहार को लेकर कोई अंतिम वैज्ञानिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इसके बावजूद ऑस्कर का नाम मेडिकल और पशु व्यवहार से जुड़ी चर्चाओं में अक्सर लिया जाता है। नर्सिंग होम के कर्मचारी इसे संवेदनशीलता और प्रकृति की अनोखी क्षमता का उदाहरण मानते हैं।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि क्या जानवर इंसानों से पहले कई जैविक संकेतों को समझने की क्षमता रखते हैं। फिलहाल, यह मामला लोगों के बीच जिज्ञासा और शोध का विषय बना हुआ है।