बिहार

TourismJobs – बिहार में चालू हुई पर्यटन क्षेत्र से रोजगार बढ़ाने की नई तैयारी

TourismJobs – बिहार सरकार ने पर्यटन क्षेत्र के जरिए बड़े स्तर पर रोजगार सृजन की दिशा में नई योजना तैयार की है। राज्य के पर्यटन विभाग ने अगले पांच वर्षों के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाई है, जिसके तहत हर साल लाखों युवाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का मानना है कि पर्यटन क्षेत्र के विस्तार से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह के रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

bihar tourism employment growth plan

शुक्रवार को पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने विभाग का कार्यभार संभालने के बाद अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने लंबित परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने और पहले से स्वीकृत योजनाओं के क्रियान्वयन में गति लाने के निर्देश दिए।

पांच वर्षों में बड़े रोजगार लक्ष्य की तैयारी

विभागीय सूत्रों के अनुसार सरकार ने वर्ष 2030 तक पर्यटन क्षेत्र के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की योजना बनाई है। इसके लिए अलग-अलग जिलों में पर्यटन आधारित संभावनाओं की पहचान की जाएगी और स्थानीय युवाओं को उनके कौशल के अनुसार काम से जोड़ा जाएगा।

राज्य सरकार की रोजगार योजनाओं में पर्यटन विभाग की अहम भूमिका तय की गई है। अधिकारियों का कहना है कि होटल, ट्रैवल, गाइड सेवा, धार्मिक पर्यटन और स्थानीय हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर तैयार किए जाएंगे।

जिलों से मांगी गई संभावनाओं की रिपोर्ट

पर्यटन विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश जारी कर संभावित पर्यटन स्थलों और रोजगार क्षेत्रों की जानकारी जुटाने को कहा है। जिलों से यह भी पूछा गया है कि किन क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है।

सरकार की योजना स्थानीय स्तर पर कौशल विकास और पर्यटन गतिविधियों को एक साथ जोड़ने की है। अधिकारियों के मुताबिक इससे छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।

धार्मिक पर्यटन पर रहेगा विशेष फोकस

नए पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने कहा कि बिहार में धार्मिक पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं, लेकिन अभी कई महत्वपूर्ण स्थलों का अपेक्षित विकास नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि विभाग ऐसे स्थलों की पहचान करेगा, जिन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर तरीके से विकसित किया जा सके।

बौद्ध, जैन और अन्य धार्मिक स्थलों के साथ-साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों को भी पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने की तैयारी की जा रही है। विभाग जल्द ही अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक करेगा।

प्राकृतिक स्थलों को भी मिलेगा बढ़ावा

सरकार केवल धार्मिक पर्यटन तक सीमित नहीं रहना चाहती। विभाग की योजना राज्य के प्राकृतिक और ग्रामीण पर्यटन स्थलों को भी विकसित करने की है। कई ऐसे स्थानों को चिन्हित किया जा रहा है, जहां बुनियादी सुविधाएं विकसित कर पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सड़क, होटल, परिवहन और स्थानीय सेवाओं में सुधार किया जाए तो बिहार में पर्यटन उद्योग तेजी से बढ़ सकता है। इससे छोटे कारोबारियों और स्थानीय लोगों को भी फायदा मिलेगा।

असंगठित क्षेत्र को संगठित करने की कोशिश

पर्यटन से जुड़े कई रोजगार अभी असंगठित क्षेत्र में हैं। सरकार की कोशिश इन्हें व्यवस्थित ढांचे में लाने की है ताकि युवाओं को स्थायी और बेहतर अवसर मिल सकें। विभाग का मानना है कि प्रशिक्षण और निवेश के जरिए इस क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा की जा सकती हैं।

आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार पर्यटन उद्योग में रोजगार सृजन की क्षमता काफी अधिक होती है। होटल, परिवहन, खानपान और स्थानीय कला से जुड़े व्यवसायों को भी इससे लाभ मिलता है। राज्य सरकार अब इसी मॉडल पर व्यापक स्तर पर काम करने की तैयारी कर रही है।

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