उत्तराखण्ड

FakeCase – चंपावत में कथित गैंगरेप मामले में आया नया मोड़

FakeCase – उत्तराखंड के चंपावत जिले में सामने आए कथित सामूहिक दुष्कर्म मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। पुलिस जांच में इस मामले को साजिश से जुड़ा बताया गया है। मामले में पूर्व बीडीसी सदस्य कमल रावत और उसकी महिला मित्र अर्जिता राय को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार तीनों पर नाबालिग को बंधक बनाकर झूठी कहानी तैयार करने और कुछ लोगों को फंसाने की कोशिश करने का आरोप है।

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इस पूरे घटनाक्रम के बीच दो वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनके बाद मामले को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। पुलिस ने वायरल वीडियो की जांच शुरू कर दी है।

कथित घटना के बाद बदला पूरा मामला

सल्ली गांव में कुछ दिन पहले नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म की खबर सामने आई थी। शुरुआती शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। हालांकि जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को कई तथ्य संदिग्ध लगे।

बाद में पुलिस ने दावा किया कि घटना को योजनाबद्ध तरीके से तैयार किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि एक मकान में नाबालिग को रोका गया, उसके पैर बांधे गए और बाहर से ताला लगाकर पूरी घटना को दुष्कर्म जैसा दिखाने की कोशिश की गई।

दो लोगों की गिरफ्तारी, तीसरे पर भी केस

कोतवाली पुलिस ने कमल रावत और अर्जिता राय को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। तीसरे आरोपी आनंद सिंह महरा के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं।

अधिकारियों ने कहा है कि मामले में सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वीडियो किसने रिकॉर्ड किए और उन्हें सार्वजनिक कैसे किया गया।

वायरल वीडियो से बढ़ी चर्चा

मामले में वायरल हुए एक वीडियो में किशोरी कथित तौर पर यह कहते हुए दिखाई दे रही है कि जिन लोगों पर आरोप लगाए गए थे, उन्होंने उसके साथ कोई गलत काम नहीं किया। वीडियो में वह यह भी कहती सुनाई दे रही है कि पूरी घटना को कुछ लोगों के साथ मिलकर तैयार किया गया था।

वीडियो में किशोरी का चेहरा धुंधला किया गया है, लेकिन उसकी आवाज साफ सुनाई दे रही है। हालांकि वीडियो की रिकॉर्डिंग किस परिस्थिति में हुई और इसे किसने साझा किया, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

चचेरे भाई का भी सामने आया बयान

एक अन्य वायरल वीडियो में किशोरी का चचेरा भाई भी दिखाई दे रहा है। उसमें वह पहले दिए गए कुछ बयानों को लेकर सफाई देता नजर आ रहा है। वीडियो में उसने कहा कि उसे कुछ जानकारियां फोन पर दी गई थीं, जिनके आधार पर उसने प्रतिक्रिया दी थी।

उसने यह भी कहा कि बाद में परिवार से बातचीत होने पर उसे पूरे मामले की दूसरी जानकारी मिली। वीडियो में वह पुलिस और लोगों से जल्दबाजी में बयान देने को लेकर माफी मांगता भी दिखाई दे रहा है।

पुलिस कर रही सभी पहलुओं की जांच

चंपावत पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कई स्तरों पर की जा रही है। एसपी रेखा यादव ने बताया कि वायरल वीडियो की सत्यता और उससे जुड़े तथ्यों की भी जांच हो रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पूरे घटनाक्रम के पीछे क्या उद्देश्य था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।

अधिकारियों के अनुसार मामले में तकनीकी साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल सामग्री की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपुष्ट जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करने से बचने की अपील की है।

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