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Bihar News: बेटे के सिंहासन पर बैठते ही कुशवाहा का दुर्ग ढहा, 4 दिग्गज नेताओं ने क्यों छोड़ा हाथ…

Bihar News: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के घटक दल राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RL) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के चार वरिष्ठ नेताओं ने अचानक अपनी प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इसमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जितेंद्र नाथ, प्रदेश महासचिव एवं लखीसराय जिला प्रभारी प्रमोद यादव, प्रदेश महासचिव एवं नालंदा जिला प्रभारी राजेश रंजन उर्फ गुरु मुखिया और प्रदेश प्रवक्ता राहुल कुमार शामिल हैं। यह घटना political news के लिहाज से पार्टी के लिए काफी अहम मानी जा रही है।

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उपाध्यक्ष जितेंद्र नाथ का बयान

Bihar के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जितेंद्र नाथ ने इस्तीफा देते हुए कहा कि उन्होंने पिछले 9 वर्षों से उपेंद्र कुशवाहा के साथ काम किया है, लेकिन अब कई राजनीतिक और सांगठनिक निर्णयों से वे असहज महसूस कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में Bihar Police काम करना संभव नहीं रह गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसलिए उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और अपनी जिम्मेदारी से इस्तीफा देना उचित समझा। यह कदम resignation news के तौर पर मीडिया में चर्चा का विषय बन गया है।


प्रमोद यादव का इस्तीफा और कारण

प्रदेश महासचिव एवं लखीसराय जिला संगठन प्रभारी प्रमोद यादव ने कहा कि वे पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने खुलासा किया कि बिहार चुनाव में पार्टी द्वारा शेखपुरा विधानसभा सीट के लिए उचित दावेदारी नहीं दी गई। इसके अलावा पार्टी ने बिना कारण बताए शेखपुरा जिला कमेटी को भंग कर दिया। इस वजह से उन्होंने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया। यह घटना Bihar party politics के दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण है।


मंत्री पद को लेकर असंतोष

प्रमोद यादव ने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी में योग्य विधायक होने के बावजूद उपेंद्र कुशवाहा ने अपने बेटे को बिहार सरकार में मंत्री पद दिलाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय सही नहीं था और राष्ट्रीय अध्यक्ष के फैसले से वे असहमत हैं। इस प्रकार का विवाद पार्टी में आंतरिक असंतोष और political controversy की स्थिति को दर्शाता है।


राहुल कुमार का त्यागपत्र

प्रदेश प्रवक्ता राहुल कुमार ने कहा कि पिछले 9 साल से वे उपेंद्र कुशवाहा के साथ हैं। लेकिन अब पार्टी के निर्णयों में सहज महसूस नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में काम करना संभव नहीं है। इसलिए उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और जिम्मेदारी से इस्तीफा दे दिया। इस कदम को leadership change के रूप में देखा जा रहा है।


राजेश रंजन का असंतोष

प्रदेश महासचिव एवं नालंदा जिला संगठन प्रभारी राजेश रंजन उर्फ गुरु मुखिया ने कहा कि उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। उनके अनुसार पहला कारण यह था कि बिहार चुनाव में शेखपुरा विधानसभा के लिए मजबूत दावेदारी नहीं दी गई। दूसरा कारण यह था कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर विवादास्पद बयान दिया, जिसे वह बर्दाश्त नहीं कर सकते थे। इस कदम को party resignation के तौर पर देखा जा रहा है।


पार्टी में असंतोष बढ़ा

इन चार वरिष्ठ नेताओं के इस्तीफों से स्पष्ट होता है कि राष्ट्रीय लोक मोर्चा में असंतोष बढ़ गया है। नेताओं के इस कदम ने पार्टी के अंदर गहरी राजनीति और संगठनात्मक चुनौतियों को उजागर किया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी इस स्थिति में अपने भविष्य की रणनीति कैसे तय करती है। यह मामला Indian politics के लिए एक महत्वपूर्ण घटना बन गया है।

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