TMC: कोई जुर्म नहीं, पर सवाल बड़े, बाबरी मस्जिद नींव विवाद पर हुमायूं कबीर को लेकर धीरेंद्र शास्त्री ने की टिप्पणी
TMC: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर द्वारा ‘बाबरी मस्जिद’ का शिलान्यास करना इस समय राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना हुआ है। 6 दिसंबर को, उन्होंने कथित तौर पर मस्जिद की नींव रखी, जिसके बाद राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में हलचल मच गई है। विधायक के इस Action को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। एक तरफ जहां कुछ Community इसे एक धार्मिक अधिकार के रूप में देख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई लोग इसे जानबूझकर किया गया एक विवादित कदम मान रहे हैं। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब देश में राम मंदिर निर्माण का कार्य अपने अंतिम चरण में है, जिससे इसका Political और सामाजिक महत्व और भी बढ़ जाता है।

धीरेंद्र शास्त्री का Statement: आस्था का अधिकार, राम पर टिप्पणी अस्वीकार्य
बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। रविवार को समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए, शास्त्री ने मस्जिद की नींव रखे जाने के संबंध में कहा कि यदि किसी की Belief है, तो वह अपनी आस्था को मानने के लिए स्वतंत्र है। उन्होंने कहा, “देखिए अगर ऐसी किसी की कोई श्रद्धा है, तो वह अपनी अपनी श्रद्धा से आस्था को मान सकता है। इसमें कोई दोष या अपराध नहीं है।” हालांकि, इसके तुरंत बाद उन्होंने अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा कि भगवान राम पर किसी भी तरह की टिप्पणी या आक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आस्था व्यक्तिगत हो सकती है, लेकिन किसी भी राष्ट्रीय आदर्श या पूजनीय Figure पर गलत टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने राम मंदिर पर टिप्पणी करने वालों को खुलेआम चुनौती भी दी है।
कोलकाता में Religious सैलाब: 5 लाख लोगों का महा Gathering
बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र शास्त्री ने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में हाल ही में आयोजित विशाल भगवद गीता पाठ के आयोजन पर भी गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कोलकाता की इस भूमि पर एक साथ 5 लाख से अधिक लोगों ने गीता पाठ किया, जो लोगों के जबरदस्त Enthusiasm और आस्था को दर्शाता है। शास्त्री ने इस आयोजन को ‘आस्था सैलाब’ और ‘कोलकाता में लगा महाकुंभ’ कहकर संबोधित किया। उन्होंने पश्चिम बंगाल के लोगों, कोलकाता के लोगों और पूरे भारतवासियों को साधुवाद देते हुए कहा, “सनातन एकता ही इस विश्व का, इस विश्व शांति का सबसे बड़ा Medium है।” उन्होंने दृढ़ता से यह भी कहा कि भारत में वह ‘तनातनी’ नहीं, बल्कि ‘सनातनी’ चाहते हैं, जो Unity और शांति का संदेश है।
भगवद गीता पाठ: Culture और एकता का प्रदर्शन
रविवार दोपहर को कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में हुए इस भव्य आयोजन में पश्चिम बंगाल और आसपास के राज्यों के लाखों श्रद्धालुओं, साधुओं और साध्वियों ने भाग लिया। यह विशाल Assembly भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म की शक्ति का एक बड़ा प्रदर्शन था। आयोजन स्थल पर भगवा वस्त्र पहने साधुओं ने एक स्वर में भगवद गीता के श्लोकों का पाठ किया। पूरा मैदान भगवा झंडों से पटा हुआ था, जिन पर बजरंगबली और भगवान राम की तस्वीरें बनी हुई थीं। इस नजारे ने साबित कर दिया कि Spiritual और धार्मिक भावनाएं लोगों को बड़े पैमाने पर एक साथ ला सकती हैं, जो National एकता को भी मजबूत करता है।
Political उपस्थिति और Leadership: मंच पर Leaders की भागीदारी
इस भव्य धार्मिक आयोजन में कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियां और धार्मिक नेता भी शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री और पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार, विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी, पूर्व सांसद लॉकेट चटर्जी और विधायक अग्निमित्रा पॉल सहित वरिष्ठ भाजपा नेताओं की उपस्थिति मंच पर दर्ज की गई। उनकी उपस्थिति ने इस आयोजन के सामाजिक और राजनीतिक महत्व को और बढ़ा दिया। धार्मिक नेताओं में कार्तिक महाराज के नाम से विख्यात स्वामी प्रदीप्तानंद महाराज और बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री जैसे प्रमुख संतों ने भाग लिया। विभिन्न मठों के साधुओं का Participation भी उल्लेखनीय था। यह सामूहिक भागीदारी यह दर्शाती है कि धर्म और आस्था आज भी भारतीय Public जीवन में एक केंद्रीय Role निभाते हैं।



