RIMS Land Demolition: खरीदारों के करोड़ों डूबे, हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुआ अपार्टमेंट ध्वस्तीकरण
रिम्स परिसर में बने नवनिर्मित चार मंजिला अपार्टमेंट को तोड़ने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस अपार्टमेंट में कुल 20 फ्लैट थे, जिनमें से हर फ्लैट की कीमत लगभग 70 लाख रुपये थी। फ्लैट पहले ही बिक चुके थे और रेडी टू मूव (Ready-to-Move Apartments) स्थिति में थे। कई खरीदारों ने 10 लाख रुपये से अधिक का इंटीरियर भी करवाया था, जिससे कुल नुकसान लगभग 14 करोड़ रुपये से अधिक हो गया। खरीदारों का कहना है कि उन्होंने अपनी सारी जमा पूंजी इस निवेश में लगा दी थी।

खरीदारों की आर्थिक हानि और आक्रोश
फ्लैट खरीदारों ने बताया कि इस ध्वस्तीकरण से उनकी आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ा है। कुछ लोगों ने बताया कि उन्होंने हर संभव प्रयास किया था ताकि उनका निवेश सुरक्षित रहे। इस अपार्टमेंट का निर्माण रिम्स की जमीन पर हुआ था, लेकिन अब हाईकोर्ट के आदेश के तहत इसे ध्वस्त किया जा रहा है। खरीदारों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि नुकसान की भरपाई का कोई उपाय नहीं है। इस मामले ने (Real Estate Scam India) के मुद्दे को फिर से उजागर कर दिया है।
जमीन की वैधता पर सवाल
अपार्टमेंट बनाने के लिए पहले रजिस्ट्री और म्यूटेशन की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है। इस प्रक्रिया में जमीन के प्रकार और वैधता की जांच होती है। अगर जमीन वास्तव में रिम्स की थी, तो सामान्य नागरिक इसकी रजिस्ट्री कर ही नहीं सकता था। सवाल यह उठता है कि रजिस्ट्री और म्यूटेशन कैसे हो गया। नगर निगम ने नक्शा किस आधार पर पास किया, और बैंक ने होम लोन के दस्तावेज़ों को क्लीयरेंस कैसे दी? इन सवालों ने (RIMS Land Issue) के गंभीर पहलू सामने रखे हैं।
बिल्डिंग ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया
रिम्स परिसर से अतिक्रमण हटाने का सिलसिला सोमवार से जारी रहेगा। डीआईजी ग्राउंड के आसपास के सभी अवैध कब्जों को मंगलवार तक हटाने की तैयारी है। इसके साथ ही पूरे क्षेत्र में बाउंड्री के लिए बुधवार तक मार्किंग की जाएगी। भवन निर्माण विभाग सोमवार से बिल्डिंग को गिराने का कार्य शुरू करेगा। इस कार्रवाई के दौरान (Building Demolition Process) की सुरक्षा और कानूनी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रशासन की भूमिका और जिम्मेदारियों पर सवाल
अपार्टमेंट निर्माण और बिक्री की प्रक्रिया में शामिल प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारियों पर भी सवाल उठ रहे हैं। कर्मचारी, सीआई, सीओ और बैंक अधिकारियों की निगरानी और मंजूरी कैसे हुई, यह एक महत्वपूर्ण (Real Estate Regulation) का मुद्दा बन गया है। मामले की जांच चल रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
खरीदारों की भावनात्मक पीड़ा
न केवल आर्थिक बल्कि भावनात्मक तौर पर भी खरीदारों के लिए यह संकट गहरा है। लोगों ने अपनी पूरी मेहनत की कमाई इस निवेश में लगाई थी। ध्वस्तीकरण की खबर से उन्हें मानसिक आघात भी पहुँचा है। इस घटना ने (Home Buyers Safety) की गंभीर आवश्यकता को स्पष्ट कर दिया है।
भविष्य में सावधानी और कानूनी प्रक्रियाएँ
इस मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि रियल एस्टेट निवेश में जमीन की वैधता, प्रशासनिक मंजूरी और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन अत्यंत महत्वपूर्ण है। भविष्य में खरीदारों और बैंकिंग संस्थानों को (Property Verification Guidelines) के अनुसार कदम उठाने की आवश्यकता है।
निष्कर्ष: कानून और सुरक्षा का संतुलन
रिम्स की जमीन पर बने अपार्टमेंट का ध्वस्तीकरण एक गंभीर चेतावनी है। इससे साबित होता है कि कानून और सुरक्षा का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। खरीदारों की आर्थिक और भावनात्मक सुरक्षा के लिए (RIMS Land Demolition) जैसे मामलों में सतर्कता और पारदर्शिता अनिवार्य है।



