Jharkhand Winter Weather Update: कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने झारखंड को घेरा, क्या थम जाएगी रफ्तार और उड़ानें…
Jharkhand Winter Weather Update: झारखंड के आसमान पर अब सफेद धुंध का कब्जा हो चुका है, जिसने न केवल सड़क बल्कि हवाई यातायात को भी अपनी चपेट में ले लिया है। शनिवार की सुबह दिल्ली से रांची आ रहे यात्रियों को उस समय भारी परेशानी का सामना करना पड़ा जब घने (Flight Diversion) के कारण विमान को रांची में लैंड करने की अनुमति नहीं मिली। विजिबिलिटी कम होने की वजह से विमान को डायवर्ट कर भुवनेश्वर भेजना पड़ा, जिससे यात्रियों का पूरा शेड्यूल बिगड़ गया।

दो घंटे की देरी और यात्रियों का बढ़ता इंतजार
हवाई अड्डे पर केवल एक विमान ही प्रभावित नहीं हुआ, बल्कि कोहरे के छंटने के बाद आने वाली अन्य दो उड़ानों को भी करीब दो घंटे की देरी का सामना करना पड़ा। मौसम की इस (Aviation Safety) चुनौती ने रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर गहमागहमी बढ़ा दी। मौसम विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले दिनों में यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है, जिससे सुबह की उड़ानों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
रांची से देवघर तक धुंध की चादर में लिपटे शहर
झारखंड की राजधानी रांची सहित देवघर और जमशेदपुर जैसे प्रमुख शहरों में भी विजिबिलिटी का स्तर खतरनाक रूप से गिरा है। शनिवार की सुबह रांची में दृश्यता 500 मीटर से भी कम दर्ज की गई, जिसने (Low Visibility) की समस्या को उजागर किया। जमशेदपुर में भी हालात कुछ ऐसे ही थे जहां 500 मीटर के बाद कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था, जबकि देवघर में 700 मीटर की विजिबिलिटी ने यातायात को धीमा कर दिया।
कांके में हाड़ कंपा देने वाली कनकनी का प्रकोप
रांची का कांके इलाका एक बार फिर बर्फीले अहसास की गिरफ्त में है, जहां पारा गिरकर न्यूनतम 3.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इस (Cold Wave) जैसी स्थिति ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया है। मैकलुस्कीगंज में भी पारा 6.5 डिग्री दर्ज किया गया, जिससे यह साफ हो गया है कि ग्रामीण इलाकों में ठंड शहरी क्षेत्रों की तुलना में कहीं अधिक घातक साबित हो रही है।
दस जिलों में पारा दस डिग्री के नीचे पहुंचा
झारखंड के मौसम में आए इस बदलाव ने राज्य के कम से कम दस जिलों को अपनी चपेट में ले लिया है, जहां न्यूनतम तापमान अब दहाई के आंकड़े से नीचे आ चुका है। गुमला इस समय (Minimum Temperature) के मामले में राज्य का सबसे ठंडा इलाका बना हुआ है, जहां तापमान 5.7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। गिरते पारे के साथ चल रही सर्द हवाओं ने सुबह और शाम की कनकनी को और भी ज्यादा कष्टदायक बना दिया है।
मौसम विभाग की पांच दिनों की डरावनी चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों के अनुसार, अगले पांच दिनों तक झारखंड के निवासियों को इस घने कोहरे से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। आने वाले (Weather Forecast) के मुताबिक कोहरा और भी घना होगा और इसका प्रभाव शाम ढलने के तुरंत बाद ही दिखने लगेगा। सर्द हवाओं का असर बना रहेगा, जिससे तापमान में बहुत बड़े बदलाव की संभावना फिलहाल नहीं है, लेकिन ठंड का अहसास बना रहेगा।
18 दिसंबर के बाद और भी गिरेगा पारा
दिसंबर का महीना जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, ठंड के तेवर और भी तीखे होते जा रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने संकेत दिए हैं कि 18 दिसंबर के बाद (Mercury Drop) का एक नया दौर शुरू हो सकता है, जिससे न्यूनतम तापमान में और भी गिरावट आएगी। राज्य के अधिकतम तापमान भी सामान्य से दो से तीन डिग्री नीचे चल रहे हैं, जिसका मतलब है कि दिन के समय भी लोगों को धूप की गर्माहट महसूस नहीं हो पा रही है।
शाम ढलते ही थमने लगती है शहरों की रफ्तार
झारखंड के विभिन्न हिस्सों में अब शाम होते ही धुंध का असर इतना बढ़ जाता है कि सड़कों पर वाहनों की लाइटें भी बेअसर साबित होने लगती हैं। (Road Safety) के लिहाज से यह मौसम काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है। मौसम विभाग ने वाहन चालकों को सलाह दी है कि वे कोहरे के दौरान सावधानी बरतें और लंबी दूरी की यात्रा करने से पहले मौसम की ताजा जानकारी अवश्य ले लें, क्योंकि अगले छह दिनों तक धुंध का प्रभाव चरम पर रहेगा।
ठंड और कुहासे का जनजीवन पर व्यापक असर
कुल मिलाकर झारखंड इस समय कुदरत के दोहरे वार का सामना कर रहा है; एक तरफ गिरता पारा और दूसरी तरफ घना कुहासा। (Public Health) को ध्यान में रखते हुए डॉक्टरों ने भी सलाह दी है कि लोग सुबह की सैर के समय सावधानी बरतें और गर्म कपड़ों का उचित प्रयोग करें। राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान भी 22.6 डिग्री के आसपास बना हुआ है, जो यह दर्शाता है कि अब सर्दी का सितम पूरे शबाब पर है।



