Uttarakhand Self Employment Scheme: लॉन्च हुई देवभूमि के हजारों युवाओं की तकदीर बदलने वाली सीएम धामी की बड़ी सौगात
Uttarakhand Self Employment Scheme: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के युवाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री आवास में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता युवाओं को केवल रोजगार से जोड़ना नहीं है, बल्कि उन्हें (Entrepreneurial Mindset) के साथ सशक्त बनाना है। सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार का निरंतर प्रयास है कि यहां का शिक्षित युवा नौकरी की तलाश में भटकने के बजाय खुद का उद्यम स्थापित करे और अन्य लोगों को भी रोजगार के अवसर प्रदान कर सके।

करोड़ों की सब्सिडी का सीधा प्रहार: लाभार्थियों के खातों में पहुंची राशि
आत्मनिर्भरता के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए मुख्यमंत्री ने बुधवार को एक बड़ा डिजिटल लेन-देन संपन्न किया। उन्होंने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत आने वाले 3848 लाभार्थियों के बैंक खातों में (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से कुल 33.22 करोड़ रुपये की सब्सिडी राशि ऑनलाइन ट्रांसफर की। इस वित्तीय सहायता का उद्देश्य छोटे उद्यमियों और नवाचारी युवाओं को शुरुआती पूंजी में बड़ी राहत प्रदान करना है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक बोझ के अपने व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकें।
‘आत्मनिर्भर उत्तराखंड’ का निर्माण: पलायन रोकने की दिशा में संजीवनी
स्वरोजगार योजना केवल एक सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि पहाड़ से हो रहे पलायन को रोकने के लिए एक मजबूत कवच की तरह काम कर रही है। सीएम धामी ने जोर देकर कहा कि इस (Reverse Migration) को बढ़ावा देने के लिए सरकार उन प्रवासियों, युवा उद्यमियों और हस्तशिल्पियों को केंद्र में रख रही है जो वापस अपनी जड़ों की ओर लौट आए हैं। योजना के तहत उत्तराखंड के मूल व स्थायी निवासियों को न केवल आसान ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, बल्कि उन्हें 15 से 25 प्रतिशत तक की भारी सब्सिडी भी दी जा रही है।
प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में विकास का नया खाका
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान उद्योग जगत के कई दिग्गज अधिकारी भी मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित रहे। सचिव उद्योग विनय शंकर पांडेय और महानिदेशक उद्योग डॉ. सौरभ गहरवार जैसे अधिकारियों की मौजूदगी में (Industrial Growth) की भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की गई। सीएम ने विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उपसचिव और संयुक्त निदेशकों की टीम ने जिस तरह से आवेदकों की फाइलों का निस्तारण किया है, उसी का परिणाम है कि आज हजारों परिवारों के चूल्हे इस योजना की मदद से जल रहे हैं।
उम्मीदों से बढ़कर मिली सफलता: लक्ष्य को पार कर चुके आंकड़े
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसने अपने तय लक्ष्यों को काफी पीछे छोड़ दिया है। शुरुआती दौर में सरकार ने 32 हजार लाभार्थियों को जोड़ने का (Target Achievement) प्लान तैयार किया था, लेकिन वर्तमान में यह संख्या 35 हजार को पार कर चुकी है। मुख्यमंत्री ने गर्व से बताया कि अब तक 1389 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण वितरित किए जा चुके हैं, जो इस योजना की विश्वसनीयता और धरातल पर इसकी सक्रियता का सबसे बड़ा प्रमाण है।
हजारों नए रोजगार के अवसर: कागजों से बाहर निकली योजना
अक्सर सरकारी योजनाओं पर कागजी होने के आरोप लगते हैं, लेकिन उत्तराखंड में स्वरोजगार के क्षेत्र में आई यह क्रांति कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। सीएम धामी के अनुसार, इस (Employment Generation) अभियान के चलते राज्य में लगभग 65 हजार नए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा हुए हैं। यह न केवल राज्य की जीडीपी में योगदान दे रहा है, बल्कि स्थानीय उत्पादों और सेवाओं को एक नई बाजार पहचान भी दिला रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व मजबूती मिली है।
स्मार्ट लाइब्रेरी से चमक रही शिक्षा की अलख: लाभार्थियों का अनुभव
कार्यक्रम के सबसे भावनात्मक हिस्से में मुख्यमंत्री ने योजना के लाभार्थियों से सीधा संवाद स्थापित किया। लोहाघाट के कमल सिंह पार्थोली ने अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने (Business Capital) के तौर पर 10 लाख का ऋण लिया और एक आधुनिक स्मार्ट लाइब्रेरी की स्थापना की। आज उनकी इस पहल से 130 बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और वे जल्द ही इसे ई-लाइब्रेरी में बदलने वाले हैं, जो पहाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता का बड़ा उदाहरण बनेगा।
फिटनेस और स्वास्थ्य क्षेत्र में युवाओं का बढ़ता रुझान
स्वरोजगार के क्षेत्र में उत्तराखंड के युवा अब पारंपरिक कार्यों से हटकर आधुनिक सेवाओं की ओर भी रुख कर रहे हैं। उत्तरकाशी के जसपाल ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने इस (Government Subsidy) का लाभ उठाकर अपने क्षेत्र में एक शानदार फिटनेस क्लब शुरू किया है। आज बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उनके क्लब से जुड़कर अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो रहे हैं। इस संवाद के दौरान सीएम ने कई अन्य उद्यमियों के अनुभवों को जाना और उनके अटूट साहस की प्रशंसा की।
भविष्य की राह: जन-जन तक पहुंचेगी विकास की रोशनी
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के अंत में आगामी योजनाओं का रोडमैप भी जनता के सामने रखा। उन्होंने कहा कि “सरकार जनता के द्वार” अभियान के तहत अगले 45 दिनों तक (Public Outreach) कार्यक्रम चलाया जाएगा, ताकि प्रशासन सीधे गांवों तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर सके। स्वरोजगार योजना को आने वाले समय में और भी सरल और समावेशी बनाने का वादा करते हुए उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी ऊर्जा और प्रतिभा को देवभूमि के नवनिर्माण में लगाएं।
निष्कर्ष: समृद्ध और सशक्त उत्तराखंड की नई पहचान
कुल मिलाकर, पुष्कर सिंह धामी सरकार की यह पहल राज्य के युवाओं के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरी है। स्वरोजगार को (Economic Empowerment) का मुख्य आधार बनाकर सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उत्तराखंड अब पिछलग्गू नहीं, बल्कि एक अग्रणी राज्य की ओर बढ़ रहा है। करोड़ों की सब्सिडी और अरबों का कर्ज वितरण केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि उन हजारों युवाओं का आत्मविश्वास है जो अब अपने घर-आंगन में रहकर ही तरक्की की नई इबारत लिख रहे हैं।



